ममता बनर्जी का आरोप: चुनाव आयोग ने भाजपा को जिताया, भवानीपुर में 'बलपूर्वक' हराया गया
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 24 मई को एक बार फिर दावा किया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी की हार वास्तविक नहीं थी। उन्होंने सीधे आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को राज्य में सत्ता दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाई। यह बयान फाल्टा विधानसभा उपचुनाव के परिणाम घोषित होने के दिन आया — 4 मई को मतगणना के ठीक 20 दिन बाद।
भवानीपुर और ईवीएम पर सवाल
ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में उन्हें 'बलपूर्वक' हराया गया। उन्होंने कहा, 'आप भवानीपुर में कैसे जीते? मैं आपको अदालत में बताऊंगी। अगर आपमें हिम्मत है, तो फोरेंसिक रिपोर्ट ले आइए। हमें ईवीएम रिपोर्ट चाहिए।' यह पहला मौका नहीं है जब TMC ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हों — पार्टी चुनाव-पूर्व से ही ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर आशंकाएं जताती रही है।
TMC कार्यकर्ताओं पर 'आतंक' का आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद BJP ने TMC नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ व्यापक दमन शुरू किया है। उनके अनुसार, लगभग 2,000 TMC कार्यालयों में लूटपाट हुई है और 2,500 से अधिक पार्टी कार्यालयों पर कथित तौर पर पुलिस की मौजूदगी में कब्जा कर लिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस TMC पार्षदों और नेताओं को प्रतिदिन गिरफ्तार कर रही है।
मानवीय नुकसान और नागरिक सेवाओं पर असर
ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद से लगभग 12 लोगों की मौत हो चुकी है और लोगों को आत्महत्या करने तथा इस्तीफे पर हस्ताक्षर करने के लिए विवश किया जा रहा है। उन्होंने कोलकाता नगर निगम सहित प्रमुख नागरिक निकायों में जल आपूर्ति, सड़क निर्माण और अन्य सेवाओं के ठप होने का भी उल्लेख किया। गौरतलब है कि ये सभी आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
सुवेंदु अधिकारी पर सीधा हमला
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की आलोचना करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, 'सारदा से लेकर नारदा तक, हर घोटाले में उनका नाम है। आज जो लोग आदेश दे रहे हैं, वे नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।' उन्होंने 2011 में TMC के सत्ता में आने का हवाला देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने कभी पुलिस का इस तरह राजनीतिक उपयोग नहीं किया। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल लगातार राज्य सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगा रहे हैं।
आगे की राह
ममता बनर्जी ने संकेत दिया कि वे भवानीपुर चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती दे सकती हैं। TMC के भीतर और बाहर यह देखा जाएगा कि क्या पार्टी एक संगठित कानूनी और राजनीतिक रणनीति अपनाती है, या यह बयानबाजी तक सीमित रहती है।