ममता बनर्जी के 'थप्पड़' वाले वायरल वीडियो पर एनडीए का हमला, भाजपा-जदयू नेताओं ने साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी का एक वायरल वीडियो गुरुवार, 9 जुलाई को राष्ट्रीय राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया, जिसमें वह अपनी ही पार्टी के एक कार्यकर्ता को थप्पड़ मारती दिखाई दे रही हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने इस वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
घटनाक्रम: कहाँ और कब हुआ
यह घटना बुधवार को कोलकाता के बारुईपुर में एक नाबालिग के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के विरोध में निकाले गए तृणमूल कांग्रेस के विरोध मार्च के दौरान हुई। यह मार्च कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद दक्षिण कोलकाता के बालीगंज आउटपोस्ट से हाजरा क्रॉसिंग तक निकाला गया था। वीडियो के वायरल होते ही विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक हमले का अवसर बना लिया।
भाजपा-जदयू नेताओं की प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, 'अब ममता बनर्जी हिंसा चाहती हैं, जबकि भाजपा और सरकार चाहती है कि किसी भी तरह की हिंसा को बढ़ावा न मिले। जो भी हिंसा करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। तृणमूल कांग्रेस को भी भड़काऊ बयान देने से बचना चाहिए।' उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने की अपील की।
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, 'ममता बनर्जी अभी भी बदलने को तैयार नहीं हैं। जो लोग राजनीतिक दल को अपनी निजी संपत्ति समझते हैं, उन्हें जनता अंत में नकार देती है। अगर ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस का नेतृत्व अब भी इस तरह की हरकतों से बाज नहीं आता, तो भविष्य में पार्टी को और बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।'
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा, 'ममता बनर्जी की पार्टी में कभी कोई मजबूत संगठन नहीं था। यह सिर्फ एक भीड़ थी, जिसमें कुछ असामाजिक तत्व शामिल थे। अब जो कुछ लोग बचे हैं, उन्हें ही थप्पड़ मार रही हैं।'
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं पर कथित हमलों के संदर्भ में कहा, 'चुनाव में हार के बाद नेताओं में निराशा होना सामान्य बात है, लेकिन इस तरह के दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं। उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर ऐसी कौन-सी वजह है, जिसके कारण लोग ममता बनर्जी और उनके समर्थकों का साथ छोड़ रहे हैं।'
जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि राजनीति में मतभेद होना सामान्य है, लेकिन अराजकता स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी जोड़ा, 'जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं, तब उन्होंने भी जवाबी कार्रवाई की थी। ऐसे में हर कार्रवाई की प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक है।'
टीएमसी का पक्ष
यह ध्यान देने योग्य है कि एनडीए नेताओं की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उसके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई। टीएमसी ने अपने कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमलों को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में टीएमसी और भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है। बारुईपुर दुष्कर्म-हत्या कांड ने पहले से ही राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, और इस वायरल वीडियो ने विपक्ष को टीएमसी नेतृत्व पर हमले का एक और अवसर दे दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राज्य विधानसभा दोनों में गूंज सकता है।