ममता बनर्जी के 'थप्पड़ विवाद' पर TMC का बचाव: 'प्यार से मारा, कार्यकर्ता उनके बच्चों जैसे'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने 9 जुलाई 2026 को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का खुलकर बचाव किया, जब एक वायरल वीडियो में उन्हें अपनी पार्टी के एक कार्यकर्ता को थप्पड़ मारते हुए दिखाया गया। रॉय ने कहा कि वह थप्पड़ 'प्यार भरा' था और TMC के सभी कार्यकर्ता ममता के लिए 'अपने बच्चों की तरह' हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि
बरुईपुर में एक नाबालिग के साथ कथित बलात्कार और हत्या के विरोध में TMC ने कोलकाता में एक विरोध रैली आयोजित की थी। इसी रैली के दौरान अराजकता के बीच यह वीडियो सामने आया, जिसमें ममता बनर्जी को TMC के एक कार्यकर्ता को थप्पड़ मारते हुए देखा जा सकता है। वीडियो के वायरल होते ही राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया।
TMC का पक्ष
सौगत रॉय ने कहा, 'यह दावा किया जा रहा है कि ममता बनर्जी ने किसी को थप्पड़ मारा था, लेकिन अगर उन्होंने थप्पड़ मारा भी था तो वह प्यार से मारा था। वे (TMC कार्यकर्ता) सभी उनके अपने बच्चों की तरह हैं। वह ऐसा कर सकती हैं। मीडिया का काम हमें नकारात्मक रूप से चित्रित करना है। हम पहले ही कह चुके हैं कि हम क्या कहना चाहते थे।'
रॉय ने यह भी दावा किया कि रैली के दौरान TMC के 41 कार्यकर्ता घायल हुए हैं और उनका इलाज पीजी हॉस्पिटल और एसएसकेएम हॉस्पिटल में चल रहा है। उन्होंने इस हमले के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, 'विपक्ष में होने के बावजूद TMC को रैली करने की इजाजत नहीं दी जाती।'
विपक्ष की प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने वायरल वीडियो को लेकर ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। BJP सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, 'अब ममता बनर्जी हिंसा चाहती हैं, जबकि BJP और सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि हिंसा को बढ़ावा न मिले। जाहिर है, जो भी हिंसा करेगा, उसे सजा मिलेगी। इसलिए, TMC को भी भड़काऊ बयान देने से बचना चाहिए।'
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, 'ममता बनर्जी अभी भी बदलने को तैयार नहीं हैं। जो लोग राजनीतिक पार्टियों को अपनी निजी संपत्ति समझते हैं, उन्हें जनता आखिरकार नकार देती है। अगर ममता बनर्जी और TMC का नेतृत्व अब भी ऐसी हरकतों से बाज नहीं आता, तो पार्टी को भविष्य में और भी बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।'
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है। बरुईपुर बलात्कार-हत्या कांड के विरोध में आयोजित रैली में अराजकता की यह घटना दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर सकती है। यह पहली बार नहीं है जब किसी पार्टी रैली के दौरान TMC और BJP समर्थकों के बीच संघर्ष की खबरें आई हों।
आगे की स्थिति
फिलहाल ममता बनर्जी की ओर से इस वीडियो पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। घायल कार्यकर्ताओं के इलाज और घटना की जाँच को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोपों का दौर जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह प्रकरण पश्चिम बंगाल की राजनीति में आने वाले दिनों में और गरमाहट ला सकता है।