हावड़ा में BJP-TMC हिंसक झड़प: भाजपा कार्यकर्ता प्रशांत डे की मौत, 8 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले की आंटिला ग्राम पंचायत के पाइकपाड़ा इलाके में 18 जून 2026 की रात भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 50 वर्षीय भाजपा कार्यकर्ता प्रशांत डे की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य भाजपा कार्यकर्ता घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है और मुख्य आरोपी फरार है।
घटनाक्रम: कैसे भड़की हिंसा
विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद आंटिला ग्राम पंचायत के उपप्रधान शेख मफिजुल इस्लाम क्षेत्र छोड़कर चले गए थे। गुरुवार रात उनके इलाके में वापस लौटने की सूचना फैलते ही लगभग 8 से 10 भाजपा कार्यकर्ता बाइक पर सवार होकर उनके घर के सामने पहुँचे और घेराव किया। इसके बाद उपप्रधान के समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से मारपीट शुरू हो गई। इस हिंसा में प्रशांत डे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल उलूबेड़िया महकमा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार का दर्द और आरोप
मृतक के परिजनों के अनुसार, घटना वाली रात जब प्रशांत डे काफी देर तक घर नहीं लौटे तो परिवार लगातार फोन पर संपर्क करने का प्रयास करता रहा। शुरुआत में फोन नहीं उठाया गया, लेकिन बाद में कथित तौर पर फोन उठाने वाले व्यक्ति ने बताया कि उनके परिजन की हत्या कर दी गई है और शव ले जाने को कहा।
परिवार ने आरोप लगाया कि प्रशांत डे को बुलाकर योजनाबद्ध तरीके से मारा गया। परिजनों ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की माँग की है और मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने की अपील की है। परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की है।
पुलिस कार्रवाई और जाँच की स्थिति
सूचना मिलते ही बागनान थाने की पुलिस, केंद्रीय बल के जवान और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे। हावड़ा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने स्थिति का जायजा लिया। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है — उपप्रधान के तीन करीबी सहयोगियों सहित पाँच अन्य। मुख्य अभियुक्त शेख मफिजुल इस्लाम अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। पुलिस उनके राजनीतिक संपर्कों की भी जाँच कर रही है। शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है और बाद में परिवार को सौंपा जाएगा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
भाजपा ने आरोप लगाया कि उपप्रधान के नेतृत्व में तृणमूल समर्थकों ने क्षेत्र में भय का माहौल बनाया था। वहीं, राज्य के मंत्री उमेश राय ने कहा कि घटना में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की राजनीतिक हिंसा कोई नई बात नहीं है — यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद से तनाव का माहौल बना हुआ है। इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पुलिस और केंद्रीय बल की तैनाती जारी है।