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बागनान हिंसा: मारे गए BJP कार्यकर्ता प्रशांत डे के परिवार से मिले CM सुवेंदु, ₹9 लाख मुआवजा और नौकरी का ऐलान

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बागनान हिंसा: मारे गए BJP कार्यकर्ता प्रशांत डे के परिवार से मिले CM सुवेंदु, ₹9 लाख मुआवजा और नौकरी का ऐलान

सारांश

बागनान हिंसा में मारे गए BJP कार्यकर्ता प्रशांत डे के परिवार से CM सुवेंदु अधिकारी ने मुलाकात की और ₹9 लाख मुआवजा, BDO नौकरी व वृद्धावस्था पेंशन का ऐलान किया। 51 में से 10 आरोपी गिरफ्तार, CID जाँच जारी और विशेष लोक अभियोजक नियुक्ति की घोषणा।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 27 जून को बागनान में BJP कार्यकर्ता प्रशांत डे के परिवार से मुलाकात की।
कुल मुआवजा ₹9 लाख — जिला मजिस्ट्रेट से ₹4 लाख पहले, मुख्यमंत्री कोष से ₹5 लाख और।
मृतक की बड़ी बेटी को BDO कार्यालय में अनुबंध-आधारित नौकरी और माता-पिता को वृद्धावस्था पेंशन देने की घोषणा।
एफआईआर में नामजद 51 आरोपियों में से 10 गिरफ्तार ; शेष 41 की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश।
मामले की जाँच CID कर रही है; चार्जशीट के बाद विशेष लोक अभियोजक नियुक्त होगा।
घटना 18 जून को हुई थी जब TMC से जुड़े पंचायत उप-प्रमुख शेख मोफिजुल इस्लाम के लौटने पर झड़प हुई।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार, 27 जून को हावड़ा जिले के बागनान में राजनीतिक हिंसा की भेंट चढ़े भाजपा (BJP) कार्यकर्ता प्रशांत डे के परिवार से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री कोष से ₹5 लाख के अतिरिक्त मुआवजे की घोषणा की — जो हावड़ा जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय द्वारा पहले दिए गए ₹4 लाख के साथ कुल ₹9 लाख बनता है।

मुख्यमंत्री का बागनान दौरा

मुख्यमंत्री अधिकारी बागनान में प्रशांत डे के पैतृक आवास पर पहुँचे और मृतक की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद वे बागनान पुलिस स्टेशन गए, जहाँ उन्होंने पुलिस एवं सीआईडी (CID) अधिकारियों के साथ मामले की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

गिरफ्तारी और जाँच की स्थिति

एफआईआर में कुल 51 नामजद आरोपियों में से अब तक 10 को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने शेष 41 आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए और कहा कि यदि आरोपी भूमिगत हो गए हों, तब भी जाँचकर्ता उन्हें ढूँढ निकालेंगे। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि गिरफ्तार आरोपियों की हिरासत अवधि के दौरान ही चार्जशीट दाखिल की जाए। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद एक विशेष लोक अभियोजक (Special Public Prosecutor) नियुक्त किया जाएगा। मामले की जाँच पहले ही सीआईडी को सौंपी जा चुकी है, जिसने 21 जून से जाँच शुरू कर दी है।

परिवार को राहत पैकेज

मुख्यमंत्री ने परिवार के लिए कई घोषणाएँ कीं। हावड़ा जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय द्वारा पहले दिए गए ₹4 लाख के अतिरिक्त, मुख्यमंत्री कोष से ₹5 लाख और दिए जाएँगे। प्रशांत डे की बड़ी बेटी को बीडीओ (BDO) कार्यालय में अनुबंध-आधारित नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा, जिला मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया गया है कि प्रशांत के माता-पिता के लिए वृद्धावस्था पेंशन की व्यवस्था की जाए। अधिकारी ने कहा, 'पैसे से मौत की भरपाई नहीं हो सकती, लेकिन जब परिवार में कमाने वाला कोई न हो, तो उनके साथ खड़े होना हमारा फर्ज है।'

18 जून की हिंसा: क्या हुआ था

घटना 18 जून को बागनान की अंतिला ग्राम पंचायत में उस समय हुई जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े अंतिला ग्राम पंचायत के उप-प्रमुख शेख मोफिजुल इस्लाम विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद इलाके से बाहर जाने के बाद वापस लौटे। उनके घर के बाहर कई BJP कार्यकर्ता जमा हो गए, जिससे कुछ ही मिनटों में तनाव भड़क उठा। आरोप है कि मोफिजुल इस्लाम और उनके साथियों ने BJP कार्यकर्ताओं पर घातक हथियारों से हमला किया। इस झड़प में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। अस्पताल पहुँचने पर प्रशांत डे को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कुछ घायलों की अभी भी कोलकाता के एक अस्पताल में सर्जरी के बाद राज्य सरकार की विशेष देखरेख में चिकित्सा जारी है।

आगे क्या होगा

यह मामला पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद भड़की राजनीतिक हिंसा की व्यापक श्रृंखला की एक कड़ी है। सीआईडी की जाँच जारी है और शेष 41 आरोपियों की गिरफ्तारी पर प्रशासन का दबाव बना हुआ है। विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति से मुकदमे की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। राजनीतिक हिंसा पर अंकुश लगाने की राज्य सरकार की क्षमता अब इस मामले के परिणाम पर टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि 51 में से 41 फरार आरोपी कब तक पकड़े जाते हैं। CID जाँच और विशेष अभियोजक की नियुक्ति सही दिशा में कदम हैं, परंतु राज्य में चुनाव-पश्चात हिंसा का यह पैटर्न केवल एक मामले की कार्रवाई से नहीं टूटेगा — इसके लिए व्यापक जवाबदेही तंत्र की जरूरत है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बागनान हिंसा में BJP कार्यकर्ता प्रशांत डे की मौत कैसे हुई?
18 जून को बागनान की अंतिला ग्राम पंचायत में TMC से जुड़े उप-प्रमुख शेख मोफिजुल इस्लाम के लौटने पर BJP कार्यकर्ताओं से झड़प हुई। आरोप है कि घातक हथियारों से हमले में कई लोग घायल हुए और अस्पताल पहुँचने पर प्रशांत डे को मृत घोषित किया गया।
CM सुवेंदु अधिकारी ने प्रशांत डे के परिवार को क्या मुआवजा दिया?
हावड़ा जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय ने पहले ₹4 लाख दिए थे। 27 जून को CM अधिकारी ने मुख्यमंत्री कोष से ₹5 लाख और देने की घोषणा की, जिससे कुल मुआवजा ₹9 लाख हो गया। इसके अलावा मृतक की बड़ी बेटी को BDO कार्यालय में नौकरी और माता-पिता को वृद्धावस्था पेंशन देने की भी घोषणा की गई।
बागनान हिंसा मामले में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
एफआईआर में नामजद 51 आरोपियों में से अब तक 10 को गिरफ्तार किया जा चुका है। CM अधिकारी ने शेष 41 आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं और कहा है कि भूमिगत आरोपियों को भी ढूँढ निकाला जाएगा।
बागनान हत्याकांड की जाँच कौन कर रहा है?
मामले की जाँच पश्चिम बंगाल पुलिस की CID (Criminal Investigation Department) कर रही है, जिसने 21 जून से जाँच शुरू की। CM ने घोषणा की है कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद एक विशेष लोक अभियोजक भी नियुक्त किया जाएगा।
बागनान हिंसा का राजनीतिक संदर्भ क्या है?
यह घटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद भड़की TMC-BJP राजनीतिक हिंसा की कड़ी में आती है। TMC से जुड़े पंचायत उप-प्रमुख के चुनाव बाद इलाके से बाहर जाने और वापस लौटने पर यह झड़प हुई, जो राज्य में चुनाव-पश्चात हिंसा के व्यापक पैटर्न को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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