2021 बंगाल चुनाव हिंसा पीड़ित परिवारों को नौकरी देगी सरकार, CM सुवेंदु अधिकारी का वादा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार, 19 मई को घोषणा की कि 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद भड़की हिंसा में जान गँवाने वाले लोगों के परिवारों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में हिंसा का शिकार हुए पार्टी कार्यकर्ताओं की ज़िम्मेदारी भी वे व्यक्तिगत रूप से लेंगे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अपने अनुमानों के अनुसार इस हिंसा में 321 पार्टी कार्यकर्ता मारे गए थे।
मुख्यमंत्री का ऐलान और पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश
अधिकारी ने फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के BJP उम्मीदवार देबांग्शु पांडा को निर्देश दिया कि वे उन पार्टी कार्यकर्ताओं की सूची तैयार कर भेजें जो पिछली सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं की ज्यादतियों का शिकार हुए थे। मुख्यमंत्री ने कहा, 'इस सूची के आधार पर पीड़ितों को हर तरह की मदद दी जाएगी। आपके मुख्यमंत्री हमेशा आपके साथ रहेंगे।'
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब फाल्टा में हाल ही में संपन्न दो चरणों वाले विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण (29 अप्रैल) को व्यापक चुनावी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं।
फाल्टा में चुनावी धांधली के आरोप और पुनर्मतदान का आदेश
कई मतदान केंद्रों पर BJP उम्मीदवारों के नाम और चुनाव चिह्नों के सामने वाले ईवीएम बटन सफेद टेप से ढके होने की शिकायतें मिलीं। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता — जो वर्तमान में मुख्यमंत्री के सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं — ने व्यक्तिगत रूप से फाल्टा का दौरा कर जाँच की।
गुप्ता की जाँच रिपोर्ट के आधार पर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने फाल्टा विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान का आदेश दिया। 21 मई को दोबारा मतदान होगा और 24 मई को परिणाम घोषित किए जाएँगे।
2021 की हिंसा: पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद हुई हिंसा देश भर में चर्चा का विषय बनी थी। BJP के अपने अनुमानों के अनुसार इसमें 321 पार्टी कार्यकर्ता मारे गए थे, हालाँकि इन आँकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में हुई जाँच सहित कई जाँचें इस हिंसा को लेकर की गई थीं।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में BJP की सरकार बनने के बाद से पार्टी ने 2021 के पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का वादा प्रमुखता से दोहराया है।
आगे क्या होगा
पीड़ित परिवारों को नौकरी देने की प्रक्रिया और समयसीमा के बारे में सरकार की ओर से अभी विस्तृत दिशानिर्देश जारी नहीं हुए हैं। फाल्टा में 21 मई के पुनर्मतदान और 24 मई के नतीजों के बाद यह स्पष्ट होगा कि इस क्षेत्र में राजनीतिक स्थिति किस दिशा में जाती है।