मचैल माता यात्रा 2026: मुख्य सचिव अटल डुलू ने किश्तवाड़ तीर्थ की तैयारियों की उच्च-स्तरीय समीक्षा की

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मचैल माता यात्रा 2026: मुख्य सचिव अटल डुलू ने किश्तवाड़ तीर्थ की तैयारियों की उच्च-स्तरीय समीक्षा की

सारांश

पिछले वर्ष की आपदा घटना के बाद इस बार मचैल माता यात्रा की तैयारी कहीं अधिक तकनीक-संचालित है — 100% ऑनलाइन पंजीकरण, RFID ट्रैकिंग, स्वचालित मौसम स्टेशन और मचैल में विशेष 'टेंट सिटी'। मुख्य सचिव अटल डुलू की अध्यक्षता में हुई उच्च-स्तरीय बैठक ने किश्तवाड़ की इस वार्षिक यात्रा को सुरक्षित बनाने की तैयारी का खाका खींचा।

मुख्य बातें

मुख्य सचिव अटल डुलू ने 19 मई 2026 को वार्षिक मचैल माता यात्रा की तैयारियों की उच्च-स्तरीय समीक्षा की।
यात्रा अगस्त 2026 में किश्तवाड़ के पहाड़ी क्षेत्र में आयोजित होगी।
100% ऑनलाइन पंजीकरण और RFID-आधारित ट्रैकिंग प्रणाली लागू की जाएगी।
मचैल में विशेष 'टेंट सिटी' स्थापित की जा रही है; किश्तवाड़ , गुलाबगढ़ और चिशोटी में भी आवास विस्तारित किए जा रहे हैं।
पिछले वर्ष की आपदा के बाद स्वचालित वर्षा गेज (ARG) और AWS स्थापित होंगे; भूस्खलन-संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी।
मार्ग पर चिकित्सा शिविर , एम्बुलेंस सेवाएँ और आपातकालीन प्रतिक्रिया दल तैनात किए जाएंगे।

जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुलू ने मंगलवार, 19 मई को वार्षिक मचैल माता यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यह यात्रा इस वर्ष अगस्त में किश्तवाड़ के पहाड़ी क्षेत्र में आयोजित होने वाली है। बैठक में सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, चिकित्सा सुविधाओं और तीर्थयात्रियों की रियल-टाइम निगरानी से जुड़ी विस्तृत व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

बैठक में कौन-कौन शामिल हुए

इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (पीडब्ल्यूडी), प्रधान सचिव (गृह), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के महानिदेशक, मंडलायुक्त (जम्मू) रमेश कुमार, आईजीपी (जम्मू), उपायुक्त (किश्तवाड़) पंकज कुमार शर्मा, एसएसपी (किश्तवाड़), जेपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक तथा मुख्य अभियंता (प्रोजेक्ट संपर्क) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष यात्रा मार्ग पर एक आपदा की घटना घटी थी, जिसके बाद इस वर्ष तैयारियों को और अधिक व्यवस्थित एवं तकनीक-संचालित बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

तकनीक-आधारित सुरक्षा उपाय

मुख्य सचिव ने 100 प्रतिशत ऑनलाइन पंजीकरण और आरएफआईडी-आधारित ट्रैकिंग प्रणाली के क्रियान्वयन का मूल्यांकन किया। इसके अतिरिक्त, रियल-टाइम मौसम अलर्ट के लिए स्वचालित वर्षा गेज (ARG) और स्वचालित मौसम स्टेशन (AWS) स्थापित किए जाएंगे।

भूस्खलन के अधिक खतरे वाले मार्ग-खंडों पर विशेष निगरानी और बचाव उपाय किए जा रहे हैं। पिछले वर्ष जारी निर्देशों के कार्यान्वयन की प्रगति की भी समीक्षा की गई और विस्तृत मानक संचालन प्रक्रियाएँ (SOP) तैयार की जा रही हैं।

आवास एवं यातायात प्रबंधन

मंडलायुक्त रमेश कुमार ने बैठक में जानकारी दी कि किश्तवाड़ मुख्यालय, गुलाबगढ़, चिशोटी और मचैल सहित विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं की अपेक्षित भीड़ को देखते हुए सरकारी आवास, निजी रहने की सुविधाएँ, होमस्टे और टेंट आवास बढ़ाए जा रहे हैं। मचैल में एक विशेष 'टेंट सिटी' भी स्थापित की जा रही है।

उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा ने यातायात एवं परिवहन प्रबंधन की विस्तृत योजनाओं की जानकारी दी। विशेष पार्किंग क्षेत्र बनाए जा रहे हैं, यातायात प्रवाह को नियंत्रित किया जाएगा और आपातकालीन वाहनों के लिए निर्बाध पहुँच सुनिश्चित की जाएगी।

चिकित्सा एवं आपातकालीन व्यवस्थाएँ

मुख्य सचिव ने चिकित्सा तैयारियों की भी समीक्षा की। मार्ग के प्रमुख स्थानों पर चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस सेवाएँ, आपातकालीन प्रतिक्रिया दल और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मी और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।

इसके साथ ही पेयजल आपूर्ति, निर्बाध बिजली, संचार सुविधाएँ, स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। ग्रामीण विकास विभाग को स्वच्छता उपायों की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

समन्वित प्रयासों पर जोर

मुख्य सचिव अटल डुलू ने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि इस वर्ष की मचैल माता यात्रा सुरक्षित, सुचारू और सफल रहे। यात्रा के दौरान मौसम संबंधी किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए सभी विभागों को सतर्क रहने को कहा गया है।

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर प्रशासन धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। आने वाले हफ्तों में विभागीय तैयारियों की अंतिम समीक्षा अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्वचालित मौसम स्टेशन, ऑनलाइन पंजीकरण — का विस्तार स्वागत योग्य है, लेकिन असली परीक्षा इन प्रणालियों के ज़मीनी क्रियान्वयन की होगी। किश्तवाड़ जैसे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में कनेक्टिविटी और बिजली की उपलब्धता स्वयं एक चुनौती है, जिसका बैठक में कोई विशेष समाधान सामने नहीं आया। उच्च-स्तरीय समीक्षाएँ तब सार्थक होती हैं जब जवाबदेही तंत्र स्पष्ट हो — यह देखना होगा कि SOP केवल कागज़ी खाना-पूर्ति न बनें।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मचैल माता यात्रा 2026 कब और कहाँ होगी?
मचैल माता यात्रा 2026 अगस्त माह में जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के पहाड़ी क्षेत्र में आयोजित होगी। यह एक वार्षिक हिंदू तीर्थयात्रा है जो मचैल स्थित माता के मंदिर तक जाती है।
मचैल माता यात्रा के लिए पंजीकरण कैसे होगा?
इस वर्ष 100 प्रतिशत ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। इसके साथ RFID-आधारित ट्रैकिंग प्रणाली भी लागू की जाएगी, जिससे तीर्थयात्रियों की रियल-टाइम निगरानी सुनिश्चित होगी।
पिछले वर्ष की आपदा के बाद इस बार क्या विशेष उपाय किए गए हैं?
पिछले वर्ष यात्रा मार्ग पर आपदा की घटना के बाद इस बार स्वचालित वर्षा गेज (ARG) और स्वचालित मौसम स्टेशन (AWS) स्थापित किए जाएंगे। भूस्खलन-संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी और बचाव उपाय किए जा रहे हैं, साथ ही विस्तृत SOP भी तैयार की जा रही हैं।
मचैल यात्रा में तीर्थयात्रियों के लिए आवास की क्या व्यवस्था है?
किश्तवाड़ मुख्यालय, गुलाबगढ़, चिशोटी और मचैल में सरकारी आवास, निजी सुविधाएँ, होमस्टे और टेंट आवास बढ़ाए जा रहे हैं। मचैल में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक विशेष 'टेंट सिटी' भी स्थापित की जाएगी।
यात्रा के दौरान चिकित्सा सुविधाएँ कैसी होंगी?
मार्ग के प्रमुख स्थानों पर चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस सेवाएँ, आपातकालीन प्रतिक्रिया दल और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मी और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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