बंगाल में भाजपा का सूपड़ा साफ होगा: इमरान मसूद का बड़ा दावा, ईवीएम पर भी उठाए सवाल
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 25 अप्रैल को नई दिल्ली में कहा कि बंगाल में भाजपा का सूपड़ा साफ होगा।
- पश्चिम बंगाल की 152 सीटों पर पहले चरण में 92 फीसदी से अधिक मतदान दर्ज हुआ।
- मसूद ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मशीन सेट हो तो कोई इलाज नहीं।
- 73 राज्यसभा सदस्यों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नोटिस दिया है।
- मुरली मनोहर जोशी के हवाले से मसूद ने आरएसएस के विश्वगुरु दावे को खारिज किया।
- मसूद ने ट्रंप के भारत-विरोधी बयानों को घोर आपत्तिजनक बताया और विकसित भारत के नारे पर तंज कसा।
सहारनपुर/नई दिल्ली, 25 अप्रैल: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में 294 में से 152 सीटों पर मतदान संपन्न होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में स्पष्ट कहा कि बंगाल में भाजपा का सूपड़ा साफ होगा और उच्च मतदान प्रतिशत को भाजपा की जीत से जोड़ना सरासर गलत है।
उच्च मतदान को भाजपा ने बताया अपनी जीत, मसूद ने किया खंडन
पहले चरण के मतदान में 92 फीसदी से अधिक वोटिंग दर्ज होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया कि यह जनादेश उनके पक्ष में है और अगली सरकार भाजपा की बनेगी। इस दावे पर पलटवार करते हुए कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि वोटिंग प्रतिशत बढ़ने का यह अर्थ कतई नहीं है कि लोगों ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया।
मसूद ने आगे कहा कि बंगाल में भाजपा का सूपड़ा साफ होने वाला है और जनता ने परिवर्तन नहीं, स्थिरता को चुना है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बंगाल में उच्च मतदान हमेशा सत्तारूढ़ दल के पक्ष में नहीं जाता। 2021 के विधानसभा चुनाव में भी मतदान प्रतिशत ऊंचा था और तृणमूल कांग्रेस ने 213 सीटें जीती थीं।
ईवीएम पर इमरान मसूद के गंभीर सवाल
कांग्रेस सांसद ने चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर ईवीएम सेट कर दी गई तो उसका इलाज किसी के पास नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब 73 राज्यसभा सदस्यों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नोटिस दिया है।
मसूद ने कहा कि चुनाव आयोग जिस प्रकार काम कर रहा है उसे लेकर जनता में आक्रोश स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि जब इतनी बड़ी तादाद में लोगों को मताधिकार से वंचित किया जाएगा तो विपक्ष चुप नहीं बैठेगा।
आरएसएस प्रमुख के विश्वगुरु बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के विश्वगुरु वाले बयान पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि खुद मुरली मनोहर जोशी कह रहे हैं कि न हम विश्वगुरु थे, न आज हैं। मसूद ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जब भाजपा अपनी ही विचारधारा के वरिष्ठ नेताओं को संतुष्ट नहीं कर पा रही तो विपक्ष क्या करे।
यह टिप्पणी उस वक्त आई है जब भाजपा और आरएसएस के बीच वैचारिक मतभेदों की चर्चा राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़ रही है।
राम मंदिर, अमेरिकी राजदूत और विकसित भारत पर मसूद के तीखे तेवर
राम मंदिर पर बोलते हुए इमरान मसूद ने कहा कि इसमें भाजपा का कोई विशेष योगदान नहीं है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ही निर्माण कार्य हुआ। उन्होंने भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि ट्रंप के भारत-विरोधी बयान घोर आपत्तिजनक हैं और बर्दाश्त के लायक नहीं।
विकसित भारत के नारे पर तंज कसते हुए मसूद ने कहा कि अभी तो विकसित का वी भी नहीं बन पाए हैं। यह बयान उस समय आया है जब सरकार 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य बार-बार दोहरा रही है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
बंगाल चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और कांग्रेस-वाम गठबंधन के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। 2021 में भाजपा ने 77 सीटें जीती थीं और इस बार 200 सीटों का लक्ष्य रखा है। लेकिन जमीनी रिपोर्टें बताती हैं कि भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में कमजोरी और ममता बनर्जी की लोकप्रियता उसके लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
आने वाले चरणों में मतदान के परिणाम और एग्जिट पोल यह तय करेंगे कि इमरान मसूद का दावा सच साबित होता है या भाजपा बंगाल में इतिहास रचती है।