रामानुजन पुण्यतिथि: CM योगी बोले- राष्ट्र को अमूल्य योगदान, देशभर के नेताओं ने किया नमन
सारांश
Key Takeaways
- 26 अप्रैल को महान गणितज्ञ श्रीनिवास अयंगर रामानुजन की पुण्यतिथि पर देशभर में श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
- CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामानुजन का राष्ट्र के प्रति योगदान अमूल्य है और पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
- MP के CM मोहन यादव ने बताया कि रामानुजन ने गणित में 3,500 से अधिक सूत्र और सिद्धांत दिए।
- उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी, छत्तीसगढ़ डिप्टी CM अरुण साव और दिल्ली मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी श्रद्धांजलि दी।
- रामानुजन का जन्म 22 दिसंबर 1887 को हुआ था और 32 वर्ष की अल्पायु में 1920 में निधन हुआ।
- उनकी खोजें आज AI, क्रिप्टोग्राफी और क्वांटम फिजिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी प्रासंगिक हैं।
रामानुजन पुण्यतिथि: देश ने किया महान गणितज्ञ को नमन
नई दिल्ली, 26 अप्रैल। महान गणितज्ञ श्रीनिवास अयंगर रामानुजन की पुण्यतिथि पर 26 अप्रैल 2025 को पूरा देश उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर रहा है। अपनी अलौकिक प्रतिभा से गणित की दुनिया को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले इस 'संख्याओं के जादूगर' को आज उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ समेत देश के कोने-कोने से नेताओं ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
रामानुजन ने सीमित संसाधनों और औपचारिक शिक्षा के अभाव के बावजूद गणित के क्षेत्र में जो योगदान दिया, वह आज भी दुनियाभर के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने अपने जीवनकाल में 3,500 से अधिक नए सूत्र और सिद्धांत प्रतिपादित किए।
CM योगी आदित्यनाथ की श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए लिखा कि विश्वविख्यात गणितज्ञ, अद्भुत प्रतिभा के धनी, 'संख्याओं के जादूगर' श्रीनिवास अयंगर रामानुजन की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति रामानुजन का अमूल्य योगदान ज्ञान-जगत के पथ को सदैव आलोकित करता रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को नवाचार व शोध के लिए प्रेरित करता रहेगा।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी रामानुजन को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी विलक्षण प्रतिभा और गणितीय खोजें आज भी विज्ञान व गणित के क्षेत्र को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि रामानुजन का जीवन युवाओं को जिज्ञासा, शोध और नवाचार के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है।
मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों का नमन
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रामानुजन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गणित के क्षेत्र में 3,500 से अधिक नए सूत्र और सिद्धांत देने वाले रामानुजन का योगदान सदैव प्रतिभावान विद्यार्थियों को शोध के लिए प्रेरित करता रहेगा।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रामानुजन की अद्भुत प्रतिभा, विलक्षण चिंतन और गणित में उनके अप्रतिम योगदान ने भारत का नाम विश्वभर में गौरवान्वित किया। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा कि रामानुजन का जीवन समर्पण, जिज्ञासा और असाधारण उपलब्धियों का प्रेरक उदाहरण है जो नई पीढ़ी को आगे बढ़ने की ऊर्जा देता है।
छत्तीसगढ़ और दिल्ली के नेताओं ने भी किया याद
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि रामानुजन ने केवल गणित नहीं किया, बल्कि संख्याओं को एक नई भाषा दी — ऐसी भाषा जिसे आज भी दुनिया समझने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि रामानुजन का जीवन इस बात का प्रतीक है कि असली प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती।
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी 'एक्स' पर लिखा कि अपनी अद्भुत प्रतिभा और शोध से रामानुजन ने गणित की दुनिया को नई दिशा दी। सीमित संसाधनों के बावजूद उनके ज्ञान और समर्पण ने यह सिद्ध किया कि सच्ची लगन किसी भी बाधा से बड़ी होती है।
रामानुजन की विरासत और आज का संदर्भ
श्रीनिवास अयंगर रामानुजन का जन्म 22 दिसंबर 1887 को तमिलनाडु के इरोड में हुआ था और 26 अप्रैल 1920 को मात्र 32 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। इतनी कम उम्र में उन्होंने जो गणितीय कार्य किया, वह आज भी शोधकर्ताओं के लिए अटूट प्रेरणा का स्रोत है। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने उनके जन्मदिन 22 दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवस घोषित किया है।
गौरतलब है कि रामानुजन की खोजें आज कंप्यूटर विज्ञान, क्रिप्टोग्राफी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और क्वांटम फिजिक्स जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में भी उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि उनकी प्रतिभा समय से कहीं आगे थी। आने वाले समय में 22 दिसंबर 2025 को उनकी जयंती पर देशभर में गणित दिवस के रूप में विशेष आयोजन किए जाएंगे।