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कुमारी सैलजा का केंद्र पर हमला: महंगाई, नीट लीक और ईंधन कीमतों पर सरकार को घेरा

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कुमारी सैलजा का केंद्र पर हमला: महंगाई, नीट लीक और ईंधन कीमतों पर सरकार को घेरा

सारांश

कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने सिरसा में केंद्र सरकार पर एक साथ कई मोर्चों पर हमला बोला — महंगाई, नीट लीक, ईंधन कीमतें और कानून-व्यवस्था। उनका आरोप है कि सरकार ने चुनाव तक असली आर्थिक संकट छिपाया और अब सारा बोझ जनता पर डाल रही है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने 19 मई को सिरसा में केंद्र सरकार पर महंगाई और आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि चुनाव तक वैश्विक संकट के असर को जानबूझकर छिपाया गया और बाद में सारा बोझ जनता पर डाला गया।
नीट पेपर लीक पर सैलजा ने सरकार से जवाब माँगा कि परीक्षा व्यवस्था क्यों चरमराई और बच्चों को विरोध-प्रदर्शन क्यों करना पड़ रहा है।
सीएम योगी आदित्यनाथ की नमाज चेतावनी पर उन्होंने कहा कि हर त्योहार को संवेदनशीलता से लिया जाना चाहिए।
गृह मंत्री अमित शाह के नक्सलवाद खत्म होने के दावे पर सैलजा ने कहा — 'समय बताएगा।'

कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने 19 मई को सिरसा में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि गलत नीतियों के चलते देश की अर्थव्यवस्था संकट में है। उन्होंने महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतें, नीट पेपर लीक, कानून-व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था — हर मोर्चे पर सरकार को विफल करार दिया।

अर्थव्यवस्था और ईंधन कीमतों पर निशाना

सैलजा ने कहा कि वैश्विक संकट के असर को चुनाव तक जानबूझकर छिपाया गया। उनके अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पहले ही आगाह किया था कि चुनाव के बाद सरकार तुरंत तेल की कीमतें बढ़ाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मतदाताओं को असली आर्थिक हालात से अनजान रखा और चुनाव खत्म होते ही सारा बोझ जनता पर डाल दिया।

उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि सरकार लोगों को साइकिल चलाने, घर बैठने और खर्च न करने की सलाह दे रही है, लेकिन खुद चुनाव में किए गए अपने खर्च का हिसाब देने को तैयार नहीं है। उनके अनुसार, 'सरकार की गलत नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चौपट होने जा रही है।'

नीट पेपर लीक: बच्चों के भविष्य पर सवाल

नीट परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे पर सैलजा ने कहा कि परीक्षा रद्द होने से पहले सरकार का इंतजाम क्या था, यह स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बच्चों को पढ़ाई करनी चाहिए, उस समय उन्हें सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। उनका कहना था कि 'ऐसे मामले इस सरकार की नाक के नीचे आखिर हो कैसे रहे हैं?'

कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक संवेदनशीलता

राज्य की कानून-व्यवस्था पर सैलजा ने कहा कि प्रदेश की स्थिति बेकाबू होती जा रही है और कोई भी नागरिक खुद को सुरक्षित नहीं महसूस कर रहा। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की असुरक्षा का उल्लेख किया।

ईद से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सड़कों पर नमाज न पढ़ने की चेतावनी पर उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या समुदाय के त्योहार को पूरी संवेदनशीलता से लेना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर त्योहार शांतिपूर्वक संपन्न हो।

नक्सलवाद पर अमित शाह के दावे पर संदेह

गृह मंत्री अमित शाह के नक्सलवाद खत्म होने के दावे पर सैलजा ने कहा कि यह केवल एक दावा है और समय बताएगा कि यह वास्तव में दबाव के बल पर हुआ या लोगों को सही रास्ते पर लाने के प्रयास से। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।

आगे क्या

सैलजा के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब देशभर में ईंधन कीमतों और नीट विवाद को लेकर विपक्षी दलों का दबाव बढ़ रहा है। कांग्रेस इन मुद्दों को संसद और सड़क — दोनों स्तरों पर उठाने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह केवल प्रेस-कॉन्फ्रेंस की राजनीति बनकर रह जाएगी। जनता की थकान सरकार से भी है और विपक्ष से भी — जो आरोप लगाता है पर वैकल्पिक रोडमैप नहीं देता।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार पर महंगाई, ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी, नीट पेपर लीक, कानून-व्यवस्था की विफलता और शिक्षा व्यवस्था की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने चुनाव तक देश की असली आर्थिक स्थिति छिपाई।
नीट पेपर लीक पर सैलजा का क्या कहना है?
सैलजा ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि पेपर लीक कैसे हुआ और परीक्षा व्यवस्था क्यों चरमराई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बच्चों को पढ़ाई करनी चाहिए, उस समय उन्हें सड़कों पर उतरने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर सैलजा ने क्या कहा?
सैलजा ने कहा कि मुख्यमंत्री का साइकिल पर सैर करना महज दिखावा है। उनके अनुसार, सरकार जनता को साइकिल चलाने और खर्च कम करने की सलाह देती है, लेकिन खुद अपने खर्च का हिसाब देने को तैयार नहीं है।
अमित शाह के नक्सलवाद खत्म होने के दावे पर सैलजा की क्या प्रतिक्रिया है?
सैलजा ने कहा कि गृह मंत्री ने केवल दावा किया है और समय बताएगा कि यह वास्तव में हुआ या नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और उम्मीद जताई कि यह सही प्रयासों का नतीजा हो।
योगी आदित्यनाथ की नमाज चेतावनी पर सैलजा ने क्या कहा?
सैलजा ने कहा कि किसी भी धर्म या समुदाय के त्योहार को पूरी संवेदनशीलता से लेना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर त्योहार शांतिपूर्वक संपन्न हो।
राष्ट्र प्रेस
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