नीट पेपर लीक पर राहुल गांधी का PM मोदी से सवाल: बार-बार परीक्षा लीक, फिर भी शिक्षा मंत्री क्यों बरकरार?

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नीट पेपर लीक पर राहुल गांधी का PM मोदी से सवाल: बार-बार परीक्षा लीक, फिर भी शिक्षा मंत्री क्यों बरकरार?

सारांश

नीट 2026 पेपर लीक के बाद राहुल गांधी ने एक्स पर 2024 और 2026 के लीक की तुलना कर सरकार को घेरा — हर बार वही फॉर्मूला, हर बार मंत्री बरकरार। 22 लाख छात्रों के भविष्य पर सवाल और एनटीए दफ्तर के बाहर छात्रों का प्रदर्शन — जवाबदेही की माँग अब सड़क पर आ गई है।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 17 मई 2026 को नीट पेपर लीक पर PM मोदी से तीन सीधे सवाल पूछे।
राहुल गांधी ने एक्स पर 2024 और 2026 के नीट लीक की तुलना की — दोनों बार सीबीआई जाँच, कमेटी, लेकिन मंत्री का इस्तीफा नहीं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर 22 लाख नीट अभ्यर्थियों से धोखे और संसदीय समिति रिपोर्ट खारिज करने का आरोप।
2024 में हटाए गए NTA महानिदेशक को बाद में मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बनाए जाने पर सवाल उठाए।
NSUI के नेतृत्व में NTA दफ्तर पर सैकड़ों छात्रों ने प्रदर्शन किया; माँग — शिक्षा मंत्री बर्खास्त हों और NTA पर प्रतिबंध लगे।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 17 मई 2026 को नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा सवाल किया कि बार-बार परीक्षा लीक होने के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त क्यों नहीं किया जाता। यह बयान ऐसे समय में आया है जब नीट 2026 का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द की जा चुकी है और सीबीआई मामले की जाँच कर रही है।

राहुल गांधी का एक्स पर सीधा वार

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में 2024 और 2026 के नीट पेपर लीक की तुलना करते हुए लिखा कि दोनों बार एक ही पैटर्न दोहराया गया — परीक्षा लीक हुई, सीबीआई जाँच बैठी, एक कमेटी बनी और मंत्री अपनी कुर्सी पर बने रहे। उन्होंने लिखा: 'साल 2024 में नीट पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द नहीं हुई। मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। सीबीआई ने जाँच बिठाई। एक कमेटी बनी। दूसरी ओर, साल 2026 में नीट पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। मंत्री ने फिर इस्तीफा नहीं दिया। सीबीआई फिर जाँच कर रही है। एक और कमेटी बनेगी।'

राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए तीन सवाल दागे — बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं, इस परीक्षा पर चर्चा के वक्त सरकार चुप क्यों रहती है, और बार-बार विफल हो रहे शिक्षा मंत्री को बर्खास्त क्यों नहीं किया जाता।

जवाबदेही पर विपक्ष का आरोप

एक अन्य पोस्ट में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में जवाबदेही की जगह 'जालसाजी का एक तय फॉर्मूला' है — पहले लंबी खामोशी, फिर दोषियों को संरक्षण, फिर सवाल पूछने वालों पर हमला। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2024 में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक को हटाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें एक मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के पद पर नियुक्त कर दिया गया।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब नीट को लेकर इस तरह के आरोप उठे हों। 2024 के नीट विवाद ने देशभर में व्यापक बहस छेड़ी थी, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने भी मामले का संज्ञान लिया था।

संसदीय समिति की रिपोर्ट पर विवाद

राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 22 लाख नीट अभ्यर्थियों के साथ धोखा किया है और संसदीय समिति की रिपोर्ट को महज इसलिए खारिज कर दिया क्योंकि उसमें विपक्ष के सांसद शामिल थे। उनका कहना था कि जो मंत्री संसद पर ही भरोसा नहीं करते, वे नीट सुधार में कोई विश्वसनीय कदम नहीं उठा सकते।

एनटीए दफ्तर पर छात्रों का प्रदर्शन

इसी दिन एनटीए के दफ्तर के बाहर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दो प्रमुख माँगें रखीं — शिक्षा मंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाए और एनटीए पर प्रतिबंध लगाया जाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि भ्रष्ट एनटीए और सरकार की मिलीभगत से छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है।

आगे क्या होगा

सीबीआई की जाँच जारी है और एक नई समिति के गठन की भी संभावना जताई जा रही है। विपक्ष संसद में इस मुद्दे को उठाने की तैयारी में है, जबकि छात्र संगठनों ने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। यह देखना होगा कि सरकार इस बढ़ते दबाव के बीच शिक्षा व्यवस्था में किस तरह के ठोस सुधार की दिशा में कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक ही विफलता, एक ही प्रतिक्रिया। असली सवाल यह है कि NTA जैसी केंद्रीय परीक्षा एजेंसी में संरचनागत सुधार के बजाय बार-बार जाँच समितियाँ बनाना पर्याप्त क्यों माना जाता है। 2024 में हटाए गए NTA प्रमुख को प्रतिष्ठित पद पर नियुक्त करना सरकार की जवाबदेही की परिभाषा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। जब तक परीक्षा सुधार में स्वतंत्र ऑडिट और दंडात्मक जवाबदेही तंत्र नहीं आता, 22 लाख छात्रों का भरोसा बहाल करना कठिन होगा।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट पेपर लीक 2026 क्या है?
नीट 2026 की परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक हो गया, जिसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई और सीबीआई जाँच शुरू की गई। यह 2024 के नीट पेपर लीक विवाद के बाद दूसरी बड़ी घटना है।
राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की माँग क्यों की?
राहुल गांधी का तर्क है कि 2024 और 2026 दोनों बार नीट पेपर लीक हुआ, लेकिन शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया और कोई मंत्रिस्तरीय जवाबदेही नहीं ली गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री ने संसदीय समिति की रिपोर्ट को खारिज किया और 22 लाख छात्रों के साथ धोखा हुआ।
2024 के नीट विवाद में NTA महानिदेशक के साथ क्या हुआ था?
2024 के नीट पेपर लीक विवाद के बाद NTA के महानिदेशक को उनके पद से हटाया गया था। राहुल गांधी के अनुसार, बाद में उन्हें एक मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के रूप में नियुक्त कर दिया गया।
NSUI के नेतृत्व में NTA दफ्तर पर प्रदर्शन क्यों हुआ?
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने NTA दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया और दो माँगें रखीं — शिक्षा मंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाए और NTA पर प्रतिबंध लगाया जाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि नीट स्कैम से छात्रों का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है।
नीट पेपर लीक मामले में अब आगे क्या होगा?
सीबीआई की जाँच जारी है और एक नई समिति के गठन की संभावना है। विपक्ष इस मुद्दे को संसद में उठाने की तैयारी में है, जबकि छात्र संगठनों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
राष्ट्र प्रेस
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