सचिन पायलट का गोवा BJP सरकार पर हमला: 'यहाँ सरकारें जनता को देती नहीं, उनसे लेती हैं'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने 2 अक्टूबर 2026 को पणजी में पत्रकारों से बात करते हुए गोवा की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि प्रदेश में ऐसी सरकार की ज़रूरत है जो युवाओं और आम नागरिकों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने का मंच दे। पायलट, जो पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भी हैं, ने आरोप लगाया कि गोवा में सत्तारूढ़ सरकारें जनता को अवसर देने के बजाय उनसे संसाधन वसूलती रही हैं।
मुख्य आरोप: खनन, ज़मीन और जंगल
पायलट ने सरकार की कार्यशैली पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, 'सत्ता में आने वाली सरकारों को लोगों को कुछ देना चाहिए। लेकिन यहाँ जब कोई सरकार बनती है तो वह लोगों से कुछ न कुछ लेती ही है, चाहे वह माइनिंग हो, ज़मीन हो या जंगल।' उन्होंने कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए सरकारें किसी भी हद तक जाने को तैयार रहती हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
मतदाता सूची विवाद: 1.40 लाख वोट हटाने का आरोप
पायलट ने चुनाव आयोग से जुड़े एक गंभीर दावे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्हें गोवा में बताया गया है कि मतदाता सूची से करीब 1 लाख 40 हज़ार वोट हटाए गए हैं। उनके अनुसार, विधानसभा चुनाव अब बहुत दूर नहीं हैं और ऐसे में मतदाता सूची से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेना ज़रूरी है। गौरतलब है कि मतदाता सूची में कटौती का मुद्दा गोवा में पहले भी विवादों में रहा है।
'डबल इंजन सरकार' के दावे पर सवाल
BJP के 'डबल इंजन सरकार' के दावे को भी पायलट ने चुनौती दी। उन्होंने कहा कि गोवा और नई दिल्ली दोनों जगह लंबे समय से BJP की सरकार है, फिर भी ज़मीनी हकीकत कई गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति को पिछले कुछ वर्षों में गोवा का सबसे बड़ा मुद्दा बताया।
जनता से सीधे संवाद की कांग्रेस रणनीति
पायलट ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मतदाताओं और आम जनता से सीधे संपर्क के लिए यात्रा शुरू की है। उन्होंने कहा कि रोज़गार, विकास, पर्यावरण, ज़मीन और कानून-व्यवस्था जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार के पास स्पष्ट जवाब नहीं है। कांग्रेस इन्हीं मुद्दों को लेकर विधानसभा चुनाव से पहले जनता के बीच अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश में है।
आगे क्या
यह दौरा गोवा के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की पृष्ठभूमि में हो रहा है। कांग्रेस की यह यात्रा रणनीति दर्शाती है कि पार्टी प्रदेश में अपनी उपस्थिति फिर से स्थापित करने को लेकर सक्रिय है। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर अभी तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।