सचिन पायलट का ऐलान: महंगाई, बेरोजगारी और NEET लीक पर राजस्थान में राज्यव्यापी आंदोलन
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने 25 मई 2026 को जयपुर में मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार पर ईंधन मूल्य वृद्धि, बढ़ती महंगाई, NEET पेपर लीक विवाद और शासन-विफलताओं को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने घोषणा की कि विपक्ष इन मुद्दों को लेकर राजस्थान सहित देश के अन्य हिस्सों में एक सतत राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगा।
ईंधन कीमतें और महंगाई पर आरोप
पायलट ने आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मूल्य वृद्धि अपरिहार्य थी, तो सरकार ने चुनाव से पहले इसकी घोषणा क्यों नहीं की।
उनके अनुसार, ईंधन की बढ़ती कीमतें खाना पकाने के तेल और सोने सहित सभी आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की लागत को ऊपर धकेल रही हैं। उन्होंने कहा, "पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने पर मुद्रास्फीति पूरी अर्थव्यवस्था में फैल जाती है और हर घर को प्रभावित करती है।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई को नज़रअंदाज़ करते हुए मुख्य रूप से चुनावी राजनीति और विपक्ष को निशाना बनाने में व्यस्त है।
NEET पेपर लीक: तीन वर्षों में बार-बार विफलता
पायलट ने NEET पेपर लीक मामले से निपटने के तरीके की कड़ी आलोचना की। उनके अनुसार, यह परीक्षा कथित तौर पर लगातार तीन वर्षों — 2024, 2025 और 2026 — में पेपर लीक से प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि केवल सीबीआई को जाँच सौंप देने से सरकार जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो जाती।
उन्होंने पूछा, "सरकार दोषियों के पकड़े जाने के बाद ही परीक्षाएँ रद्द करती है। ऐसी कितनी अन्य परीक्षाएँ होंगी जिनमें अनियमितताएँ हुई होंगी जो कभी सामने नहीं आईं?" पायलट ने तर्क दिया कि यदि सरकार छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है, तो वह जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।
छात्रों पर भावनात्मक और सामाजिक असर
पायलट ने बताया कि इस विवाद में कथित तौर पर लगभग 22 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं और उनमें से कई गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। झुंझुनू में हाल ही में हुई एक घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक गरीब दलित परिवार के छात्र ने आत्महत्या कर ली, और आरोप लगाया कि ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जबकि अधिकारी असंवेदनशील बने हुए हैं।
उन्होंने 'शिक्षा माफिया' को इन लीक के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, "परीक्षा पत्र लीक करने वाले छात्र नहीं होते। छात्र परीक्षा के पेपर खरीदने के लिए करोड़ों रुपए खर्च नहीं करते। ऐसे ऑपरेशन संगठित सरगनाओं द्वारा चलाए जाते हैं।"
राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा
पायलट ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी और शासन-विफलताओं के खिलाफ राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों में एक सतत आंदोलन चलाएगी। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह जनता की समस्याओं को सुलझाने की बजाय सत्ता बनाए रखने में अधिक रुचि रखती है।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में ईंधन मूल्य वृद्धि और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर जनाक्रोश बढ़ रहा है। गौरतलब है कि NEET विवाद पिछले कुछ वर्षों से राष्ट्रीय राजनीति का एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है और विपक्ष इसे सरकार की शासन-विफलता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करता रहा है।