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सचिन पायलट का ऐलान: महंगाई, बेरोजगारी और NEET लीक पर राजस्थान में राज्यव्यापी आंदोलन

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सचिन पायलट का ऐलान: महंगाई, बेरोजगारी और NEET लीक पर राजस्थान में राज्यव्यापी आंदोलन

सारांश

सचिन पायलट ने जयपुर में महंगाई, NEET लीक और बेरोजगारी पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया और राजस्थान में राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया। उनका आरोप — सरकार जनकल्याण नहीं, सत्ता-राजनीति चला रही है।

मुख्य बातें

सचिन पायलट ने 25 मई 2026 को जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महंगाई, बेरोजगारी और NEET पेपर लीक पर सरकार की आलोचना की।
कांग्रेस ने राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों में राज्यव्यापी सतत आंदोलन शुरू करने की घोषणा की।
पायलट के अनुसार NEET परीक्षा कथित तौर पर लगातार तीन वर्षों — 2024, 2025 और 2026 — में पेपर लीक से प्रभावित रही।
कथित तौर पर लगभग 22 लाख छात्र इस विवाद से प्रभावित; झुंझुनू में एक दलित छात्र की आत्महत्या का भी उल्लेख।
पायलट ने 'शिक्षा माफिया' को लीक के लिए जिम्मेदार बताया और सीबीआई जाँच को पर्याप्त मानने से इनकार किया।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने 25 मई 2026 को जयपुर में मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार पर ईंधन मूल्य वृद्धि, बढ़ती महंगाई, NEET पेपर लीक विवाद और शासन-विफलताओं को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने घोषणा की कि विपक्ष इन मुद्दों को लेकर राजस्थान सहित देश के अन्य हिस्सों में एक सतत राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगा।

ईंधन कीमतें और महंगाई पर आरोप

पायलट ने आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मूल्य वृद्धि अपरिहार्य थी, तो सरकार ने चुनाव से पहले इसकी घोषणा क्यों नहीं की।

उनके अनुसार, ईंधन की बढ़ती कीमतें खाना पकाने के तेल और सोने सहित सभी आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की लागत को ऊपर धकेल रही हैं। उन्होंने कहा, "पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने पर मुद्रास्फीति पूरी अर्थव्यवस्था में फैल जाती है और हर घर को प्रभावित करती है।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई को नज़रअंदाज़ करते हुए मुख्य रूप से चुनावी राजनीति और विपक्ष को निशाना बनाने में व्यस्त है।

NEET पेपर लीक: तीन वर्षों में बार-बार विफलता

पायलट ने NEET पेपर लीक मामले से निपटने के तरीके की कड़ी आलोचना की। उनके अनुसार, यह परीक्षा कथित तौर पर लगातार तीन वर्षों — 2024, 2025 और 2026 — में पेपर लीक से प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि केवल सीबीआई को जाँच सौंप देने से सरकार जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो जाती।

उन्होंने पूछा, "सरकार दोषियों के पकड़े जाने के बाद ही परीक्षाएँ रद्द करती है। ऐसी कितनी अन्य परीक्षाएँ होंगी जिनमें अनियमितताएँ हुई होंगी जो कभी सामने नहीं आईं?" पायलट ने तर्क दिया कि यदि सरकार छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है, तो वह जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।

छात्रों पर भावनात्मक और सामाजिक असर

पायलट ने बताया कि इस विवाद में कथित तौर पर लगभग 22 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं और उनमें से कई गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। झुंझुनू में हाल ही में हुई एक घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक गरीब दलित परिवार के छात्र ने आत्महत्या कर ली, और आरोप लगाया कि ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जबकि अधिकारी असंवेदनशील बने हुए हैं।

उन्होंने 'शिक्षा माफिया' को इन लीक के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, "परीक्षा पत्र लीक करने वाले छात्र नहीं होते। छात्र परीक्षा के पेपर खरीदने के लिए करोड़ों रुपए खर्च नहीं करते। ऐसे ऑपरेशन संगठित सरगनाओं द्वारा चलाए जाते हैं।"

राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा

पायलट ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी और शासन-विफलताओं के खिलाफ राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों में एक सतत आंदोलन चलाएगी। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह जनता की समस्याओं को सुलझाने की बजाय सत्ता बनाए रखने में अधिक रुचि रखती है।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में ईंधन मूल्य वृद्धि और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर जनाक्रोश बढ़ रहा है। गौरतलब है कि NEET विवाद पिछले कुछ वर्षों से राष्ट्रीय राजनीति का एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है और विपक्ष इसे सरकार की शासन-विफलता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करता रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

NEET और बेरोजगारी को एक ही फ्रेम में बाँधकर सरकार पर बहुमोर्चीय दबाव बनाना। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या कांग्रेस का यह 'राज्यव्यापी आंदोलन' ज़मीन पर उतरेगा, या यह घोषणाओं तक सीमित रहेगा — जैसा कि अतीत में कई बार हुआ है। NEET लीक पर आक्रोश वाजिब है, लेकिन विपक्ष को यह भी बताना होगा कि परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार के लिए उसके पास क्या ठोस प्रस्ताव हैं। बिना वैकल्पिक एजेंडे के, यह आंदोलन सत्ता-विरोधी भावना को वोट में बदलने की बजाय केवल सुर्खियाँ बटोरने तक सिमट सकता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सचिन पायलट ने किन मुद्दों पर सरकार की आलोचना की?
पायलट ने ईंधन मूल्य वृद्धि, बढ़ती महंगाई, NEET पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उनका आरोप है कि सरकार जनकल्याण की बजाय चुनावी राजनीति को प्राथमिकता दे रही है।
कांग्रेस का राज्यव्यापी आंदोलन क्या होगा?
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने घोषणा की है कि विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी और शासन-विफलताओं के खिलाफ राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों में एक सतत आंदोलन चलाएगा। इस आंदोलन का विस्तृत कार्यक्रम अभी घोषित नहीं किया गया है।
NEET पेपर लीक विवाद पर पायलट का क्या कहना है?
पायलट के अनुसार NEET परीक्षा कथित तौर पर 2024, 2025 और 2026 — लगातार तीन वर्षों में पेपर लीक से प्रभावित रही। उन्होंने कहा कि सीबीआई जाँच सौंपना पर्याप्त नहीं है और सरकार को जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
NEET लीक से कितने छात्र प्रभावित हुए हैं?
पायलट ने कहा कि कथित तौर पर लगभग 22 लाख छात्र इस विवाद से प्रभावित हुए हैं और कई गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। उन्होंने झुंझुनू में एक दलित परिवार के छात्र की आत्महत्या का भी उल्लेख किया।
पायलट ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या सवाल उठाए?
पायलट ने पूछा कि यदि ईंधन मूल्य वृद्धि अपरिहार्य थी, तो सरकार ने चुनाव से पहले इसकी घोषणा क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतें पूरी अर्थव्यवस्था में महंगाई फैलाती हैं और हर घर को प्रभावित करती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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