नीट-2026 पेपर लीक: कांग्रेस 21 मई को जयपुर में भाजपा मुख्यालय घेरेगी, NTA भंग करने की माँग
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 18 मई 2026 को घोषणा की कि नीट-2026 परीक्षा पेपर लीक और इसमें भाजपा नेताओं की कथित संलिप्तता के विरोध में 21 मई को जयपुर स्थित भाजपा राज्य मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने की माँग भी रखी है।
मुख्य घटनाक्रम
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में यह विरोध मार्च 21 मई को सुबह 10 बजे राज्य कांग्रेस मुख्यालय से शुरू होगा। जुलूस शहीद स्मारक होते हुए आगे बढ़ेगा और सुबह 11 बजे भाजपा राज्य मुख्यालय पर घेराव व प्रदर्शन के साथ समाप्त होगा।
कांग्रेस के आरोप
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं मीडिया अध्यक्ष स्वर्णिम चतुर्वेदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि नीट-2026 पेपर लीक देश भर के लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है और इसके लिए केंद्र सरकार तथा NTA को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
चतुर्वेदी ने कथित तौर पर दावा किया कि जाँच के दौरान इस पेपर लीक में भाजपा नेताओं की संलिप्तता सामने आई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में शामिल आरोपियों ने पहले नीट-2025 का पेपर खरीदकर लीक किया था, जबकि नीट-2024 का पेपर भी कथित तौर पर लीक हुआ था।
NTA और केंद्र सरकार पर निशाना
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वर्षों से परीक्षाओं में अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बावजूद NTA के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। चतुर्वेदी के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा आयोजित कई परीक्षाओं में पेपर लीक के कारण परीक्षाएँ रद्द करनी पड़ीं, लेकिन दोषियों को कोई कड़ी सजा नहीं मिली।
यह ऐसे समय में आया है जब नीट-2024 पेपर लीक विवाद के बाद NTA पहले से ही राष्ट्रीय जाँच के दायरे में है और सर्वोच्च न्यायालय तक मामला पहुँचा था।
राजस्थान सरकार पर भी सवाल
कांग्रेस ने राजस्थान की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। पार्टी का आरोप है कि नीट-2026 पेपर लीक की जानकारी मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने कार्रवाई में देरी की और पुलिस ने समय पर FIR दर्ज नहीं की।
आगे क्या होगा
21 मई का यह घेराव राजस्थान में कांग्रेस की बड़ी जन-लामबंदी का हिस्सा है। गौरतलब है कि यह मुद्दा केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है — विपक्षी दल राष्ट्रीय स्तर पर भी NTA की जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में सुधार की माँग उठा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस विरोध के और विस्तृत होने की संभावना है।