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नीट पेपर लीक: सचिन पायलट पहुंचे झुंझुनूं, आत्महत्या पीड़ित प्रदीप माहिच के परिजनों से मिले, ₹11 लाख सहायता का ऐलान

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नीट पेपर लीक: सचिन पायलट पहुंचे झुंझुनूं, आत्महत्या पीड़ित प्रदीप माहिच के परिजनों से मिले, ₹11 लाख सहायता का ऐलान

सारांश

नीट पेपर लीक से टूटकर जान देने वाले छात्र प्रदीप माहिच के परिवार से मिलने सचिन पायलट झुंझुनूं पहुंचे। कांग्रेस ने ₹11 लाख की सहायता का ऐलान किया और सरकार पर एफआईआर में देरी व संवेदनहीनता के आरोप लगाए। पायलट ने कहा — यह युवाओं के सपनों की हत्या है।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता सचिन पायलट रविवार 24 मई को झुंझुनूं की गुढ़ा बावनी पंचायत पहुंचे और नीट पीड़ित प्रदीप माहिच के परिजनों से मिले।
कांग्रेस पार्टी ने परिवार को ₹11 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया।
पायलट के अनुसार, नीट पेपर लीक से 22 लाख से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं।
पायलट ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की जानकारी मिलने पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
संबंधित विभाग के मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की गई।
सांसद बृजेन्द्र ओला और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी मौके पर मौजूद रहे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट रविवार, 24 मई को राजस्थान के झुंझुनूं जिले की गुढ़ा बावनी पंचायत पहुंचे और नीट पेपर लीक प्रकरण से आहत होकर आत्महत्या करने वाले छात्र प्रदीप माहिच के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान सांसद बृजेन्द्र ओला सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी फोन पर परिवार से बात कर चुके हैं।

परिजनों से मुलाकात और कांग्रेस की आर्थिक सहायता

परिजनों से भेंट के बाद मीडिया से बातचीत में पायलट ने कहा कि एक गरीब परिवार के युवा का इस प्रकार जीवन समाप्त करना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज और देश के लिए अत्यंत दुखद घटना है। उन्होंने बताया कि प्रदीप के पिता ने मजदूरी करके, जमीन बेचकर और कर्ज लेकर बेटे की पढ़ाई करवाई थी — ताकि वह परिवार का भविष्य संवार सके। पायलट के अनुसार, पेपर लीक ने उस युवा के सपनों और व्यवस्था पर उसके भरोसे को तोड़ दिया।

कांग्रेस पार्टी की ओर से परिवार को ₹11 लाख की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया है। पायलट ने आश्वासन दिया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) भविष्य में भी परिवार की हरसंभव मदद करती रहेगी।

प्रशासन के रवैये पर सवाल

पायलट ने आरोप लगाया कि घटना के बाद प्रशासन और पुलिस का रवैया परिवार के प्रति संवेदनशील नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ दुर्व्यवहार हुआ है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। गौरतलब है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में प्रशासनिक असंवेदनशीलता के आरोप पहले भी उठते रहे हैं।

नीट पेपर लीक: संगठित नेटवर्क का आरोप

पायलट ने कहा कि नीट पेपर लीक कोई सामान्य मामला नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये के संगठित नेटवर्क और माफिया से जुड़ा मुद्दा है। उनके अनुसार, 22 लाख से अधिक छात्र इस प्रकरण से प्रभावित हुए हैं और इसके पीछे बड़े स्तर पर भ्रष्ट तंत्र काम कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नीट परीक्षा की विश्वसनीयता पर पहले से ही सवाल उठाए जा रहे हैं।

सरकार पर निशाना: एफआईआर में देरी और मंत्री से इस्तीफे की मांग

राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए पायलट ने सवाल उठाया कि जब पहली बार पेपर लीक की जानकारी सामने आई थी, तब तत्काल एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई। उनका कहना था कि यदि छात्रों ने आवाज नहीं उठाई होती, तो मामला दबा दिया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि जिस विभाग में लगातार पेपर लीक जैसी घटनाएं हो रही हैं, उसके मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।

पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने से बच रही हैं और कथित तौर पर किसी बड़े नेटवर्क को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'पेपर लीक केवल कानूनी अपराध नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों की हत्या है।'

आगे क्या होगा

कांग्रेस का यह दौरा राजनीतिक दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। परिवार को दी गई आर्थिक सहायता और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से यह स्पष्ट है कि पार्टी इस मुद्दे को राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर उठाती रहेगी। जाँच एजेंसियों की भूमिका और एफआईआर की प्रगति पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इससे एक असुविधाजनक सवाल दब नहीं जाता: नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में बार-बार पेपर लीक क्यों होता है और जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था क्यों नहीं बनती। प्रदीप माहिच की त्रासदी उस व्यापक विफलता का प्रतीक है जिसमें गरीब परिवार सब कुछ दांव पर लगाते हैं और भ्रष्ट तंत्र उनकी उम्मीदें छीन लेता है। कांग्रेस की ₹11 लाख की सहायता सहानुभूति का संकेत है, पर असली जवाबदेही तभी होगी जब जाँच स्वतंत्र हो और दोषियों पर कार्रवाई पारदर्शी हो।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रदीप माहिच कौन थे और उन्होंने आत्महत्या क्यों की?
प्रदीप माहिच राजस्थान के झुंझुनूं जिले के एक गरीब परिवार के छात्र थे, जिन्होंने नीट पेपर लीक प्रकरण से आहत होकर आत्महत्या कर ली। उनके पिता ने मजदूरी, जमीन बेचकर और कर्ज लेकर उनकी पढ़ाई करवाई थी।
सचिन पायलट ने झुंझुनूं दौरे में क्या ऐलान किया?
सचिन पायलट ने प्रदीप माहिच के परिजनों से मुलाकात के बाद कांग्रेस की ओर से परिवार को ₹11 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी भविष्य में भी परिवार की हरसंभव मदद करेगी।
नीट पेपर लीक से कितने छात्र प्रभावित हुए हैं?
सचिन पायलट के अनुसार, नीट पेपर लीक प्रकरण से 22 लाख से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने इसे करोड़ों रुपये के संगठित नेटवर्क और माफिया से जुड़ा मुद्दा बताया।
कांग्रेस ने राज्य सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता पायलट ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की जानकारी सामने आने पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई और प्रशासन का परिवार के प्रति रवैया असंवेदनशील रहा। उन्होंने संबंधित विभाग के मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी की।
राहुल गांधी का इस मामले में क्या रोल रहा?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फोन पर प्रदीप माहिच के परिवार से बात की। इसके बाद सचिन पायलट व्यक्तिगत रूप से गुढ़ा बावनी पंचायत पहुंचे और परिजनों से मिले।
राष्ट्र प्रेस
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