नीट पेपर लीक पर जयराम ठाकुर का कांग्रेस को करारा जवाब: 'राजस्थान में 22, छत्तीसगढ़ में 18 बार लीक हुए पेपर'
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने 19 जून को शिमला में कांग्रेस पर नीट पेपर लीक विवाद का राजनीतिकरण करने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने शासनकाल में हुए पेपर लीक का हिसाब देना चाहिए। ठाकुर के अनुसार, राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान लगभग 22 बार और छत्तीसगढ़ में करीब 18 बार पेपर लीक की घटनाएं हुईं।
नीट विवाद पर केंद्र सरकार की कार्रवाई का समर्थन
जयराम ठाकुर ने स्वीकार किया कि नीट पेपर लीक से पूरे देश में असंतोष का माहौल है। साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस मामले में गंभीर और कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, 'जिस तरह से प्रधानमंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, वह बहुत सख्त है।' ठाकुर के मुताबिक, इस कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।
हिमाचल में पुलिस भर्ती परीक्षा विवाद
ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकल हुई, जिसमें कथित तौर पर 20 लोग एक साथ पेपर हल करने के लिए एकत्रित हुए थे। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पेपर रद्द करने की मांग की थी, लेकिन पुलिस और सरकार ने मामले को दबा दिया।
इसके विपरीत, ठाकुर ने अपने कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उनकी सरकार में पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, तो सुबह 8:30 बजे ही परीक्षा रद्द करने की घोषणा कर दी गई थी। इसके बाद एसआईटी (SIT) का गठन किया गया और तीसरे दिन मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई।
मुख्यमंत्री सुक्खू पर सीधा हमला
ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि CBI जांच में जिन अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी, उन्हें वर्तमान सरकार ने पदोन्नति और अहम पोस्टिंग दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में सुक्खू ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने के साथ-साथ उन्हें प्रमोशन भी देते हैं।
कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता
ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने ऊना में फायरिंग की घटनाओं और युवाओं की मौत का उल्लेख किया। सरकाघाट में एक 19 वर्षीय छात्रा की कॉलेज जाते समय नृशंस हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लिया।
उन्होंने शिमला में एक महिला की गोली मारकर हत्या का भी हवाला दिया, जिसने कथित तौर पर पहले ही लिखित शिकायत और वीडियो रिकॉर्ड कर अपनी जान को खतरे की आशंका जताई थी। ठाकुर ने कहा कि समय रहते कार्रवाई होती तो वह महिला आज जीवित होती। उनके अनुसार, प्रदेश सरकार की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था नहीं, बल्कि राजनीतिक मुद्दे हैं, और इससे हिमाचल में चारों तरफ निराशा का माहौल बन गया है।