27 जुलाई 2026
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पेपर लीक पर पीएम मोदी के निर्णायक कदमों का जयराम ठाकुर ने किया समर्थन, बिल में ₹10 करोड़ जुर्माना और 10 साल सजा का प्रावधान

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पेपर लीक पर पीएम मोदी के निर्णायक कदमों का जयराम ठाकुर ने किया समर्थन, बिल में ₹10 करोड़ जुर्माना और 10 साल सजा का प्रावधान

सारांश

हिमाचल प्रदेश के विपक्ष नेता जयराम ठाकुर ने पेपर लीक पर पीएम मोदी के कदमों को निर्णायक बताया और 'पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) बिल, 2026' का समर्थन किया। बिल में ₹10 करोड़ जुर्माना और 10 साल की सजा का प्रावधान है। साथ ही उन्होंने हिमाचल की कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा के राज्यव्यापी आंदोलन की भी घोषणा की।

मुख्य बातें

जयराम ठाकुर ने 27 जुलाई 2026 को शिमला में 'पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) बिल, 2026' को पेपर लीक के विरुद्ध सबसे कड़ा कानून बताया।
प्रस्तावित बिल में दोषियों के लिए ₹10 करोड़ जुर्माना और 10 वर्ष कारावास का प्रावधान है।
बिल जल्द ही लोकसभा और राज्यसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।
ठाकुर ने छात्रों के आंदोलन के अधिकार को स्वीकारते हुए अभद्र भाषा के प्रयोग पर चिंता जताई।
BJP ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ चार्जशीट और राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की।

हिमाचल प्रदेश में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने 27 जुलाई 2026 को शिमला में कहा कि पेपर लीक के मामले में सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उठाए हैं। उन्होंने 'पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) बिल, 2026' को देश में पेपर लीक के विरुद्ध अब तक का सबसे कठोर कानून बताते हुए संसद के दोनों सदनों से इसे सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की।

बिल में क्या हैं प्रमुख प्रावधान

जयराम ठाकुर के अनुसार, प्रस्तावित संशोधन बिल में दोषियों के लिए ₹10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने के साथ-साथ 10 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव लोकसभा और राज्यसभा दोनों में प्रस्तुत किया जाएगा। ठाकुर ने कहा कि जो दोषी हैं, वे पहले से ही सलाखों के पीछे हैं और अब मौजूदा कानून को और सख्त बनाने की जरूरत थी, जिसे यह बिल पूरा करता है।

छात्रों के आंदोलन पर ठाकुर का रुख

ठाकुर ने माना कि पेपर लीक की घटनाओं से युवाओं की भावनाएं आहत हुई हैं और उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रकट करने का पूरा अधिकार है। हालांकि, उन्होंने कुछ छात्रों के व्यवहार पर चिंता जताते हुए कहा कि पोस्टरों पर अभद्र भाषा का प्रयोग और अमर्यादित आचरण समाज को यह सोचने पर विवश करता है कि युवा पीढ़ी किस दिशा में जा रही है। उन्होंने कहा, 'आंदोलन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन पोस्टर पर अभद्र शब्दों के प्रयोग से स्लोगन लिखे गए, सचमुच चिंता का विषय है।'

कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा का आंदोलन

जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों की शिकायतों का समाधान न कर पाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हाल ही में हुई बैठक में निर्णय लिया है कि वह कांग्रेस सरकार के विरुद्ध एक चार्जशीट जनता के सामने पेश करेगी। ठाकुर ने कहा, 'कांग्रेस के खिलाफ जनता से काफी जानकारी और सबूत मिल रहे हैं। कांग्रेस सरकार ने जो जनविरोधी फैसले लिए हैं, उन्हें हम जनता के बीच लेकर जा रहे हैं और आंदोलन होगा।'

संसदीय बहस पर जोर

ठाकुर ने कहा कि जब देश में पेपर लीक को लेकर हालात एक निश्चित दिशा में बढ़ रहे हैं, तो इस पर सदन के भीतर खुली और पारदर्शी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे का लाभ उठाने का प्रयास किया, लेकिन उनका मानना है कि इस तरह की परिस्थितियाँ किसी भी राज्य में उत्पन्न हो सकती हैं। आगे यह देखना होगा कि संसद में यह बिल किस रूप में पारित होता है और इसका क्रियान्वयन कितना प्रभावी रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

₹10 करोड़ जुर्माना और 10 साल की सजा जैसे कठोर प्रावधान तभी प्रभावी होंगे जब परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार भी हों — केवल दंड से भ्रष्टाचार की जड़ें नहीं कटतीं। छात्रों के आंदोलन पर ठाकुर की 'मर्यादा' वाली टिप्पणी एक संवेदनशील मुद्दे को नैतिक चश्मे से देखने का प्रयास है, जो युवाओं की असली पीड़ा को हाशिये पर धकेल सकती है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) बिल, 2026 क्या है?
यह केंद्र सरकार द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए लाया जा रहा संशोधन विधेयक है, जिसमें दोषियों को ₹10 करोड़ तक जुर्माना और 10 वर्ष तक कारावास की सजा का प्रावधान है। यह बिल जल्द ही लोकसभा और राज्यसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।
जयराम ठाकुर ने पेपर लीक बिल पर क्या कहा?
हिमाचल प्रदेश के विपक्ष नेता जयराम ठाकुर ने इस बिल को पेपर लीक के विरुद्ध अब तक का सबसे कड़ा कानून बताया और संसद के दोनों सदनों से इसे सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम उठाए हैं।
छात्र आंदोलन पर जयराम ठाकुर का क्या रुख है?
ठाकुर ने माना कि पेपर लीक से युवाओं की भावनाएं आहत हुई हैं और लोकतांत्रिक विरोध उनका अधिकार है। साथ ही उन्होंने पोस्टरों पर अभद्र भाषा के प्रयोग पर चिंता जताई और छात्रों से भाषा व व्यवहार में मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
हिमाचल प्रदेश में भाजपा कांग्रेस के खिलाफ क्या कदम उठाने जा रही है?
भाजपा ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक चार्जशीट जनता के सामने पेश करने और राज्यव्यापी आंदोलन चलाने का निर्णय लिया है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार शिक्षकों व कर्मचारियों की शिकायतों का समाधान करने में विफल रही है।
पेपर लीक बिल संसद में कब पेश होगा?
जयराम ठाकुर के अनुसार, 'पब्लिक एग्जामिनेशन (संशोधन) बिल, 2026' जल्द ही लोकसभा और राज्यसभा दोनों में प्रस्तुत किया जाएगा। हालांकि, पारित होने की सटीक तिथि अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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