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नीट पेपर लीक पर CM सुक्खू का BJP पर हमला: 'कांग्रेस राज में ऐसा नहीं होता था'

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नीट पेपर लीक पर CM सुक्खू का BJP पर हमला: 'कांग्रेस राज में ऐसा नहीं होता था'

सारांश

नीट पेपर लीक पर हिमाचल के CM सुक्खू ने BJP को सीधे घेरा — कहा, 'कांग्रेस राज में ऐसा नहीं होता था।' साथ ही ₹5,000 करोड़ की जमीन ₹1 करोड़ में देने वाले मेडिकल डिवाइस पार्क सौदे को खारिज किया और नीट छात्रों के लिए HRTC बसों में मुफ्त यात्रा का ऐलान किया।

मुख्य बातें

CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 20 जून को शिमला में नीट पेपर लीक पर BJP को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने दावा किया कि BJP शासन में हिमाचल के सबऑर्डिनेट सेलेक्शन बोर्ड में पेपर बेचे गए और पुलिस भर्ती पेपर भी लीक हुआ; जयराम ठाकुर ने जाँच नहीं करवाई।
कांग्रेस सरकार ने उस बोर्ड को भंग कर दोषियों को जेल भेजा।
नीट परीक्षार्थियों के लिए HRTC बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है।
BJP की पूर्व योजना में ₹5,000 करोड़ मूल्य की भूमि ₹1 करोड़ में देने और ₹3 प्रति यूनिट बिजली के प्रावधान को सुक्खू ने प्रदेश-विरोधी बताया।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 20 जून को शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान नीट पेपर लीक विवाद पर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान पेपर लीक की घटनाएँ नहीं होती थीं, जबकि BJP सरकारों में यह सिलसिला लगातार जारी है।

मुख्यमंत्री का केंद्र सरकार पर सीधा आरोप

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा, 'केंद्र की BJP सरकार में पेपर लीक की घटनाएँ हो रही हैं, जबकि कांग्रेस सरकार के समय ऐसी घटनाएँ नहीं होती थीं।' उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह गंभीरता से विचार करे कि आखिर पेपर लीक क्यों हो रहे हैं। उनका कहना था कि लाखों युवा दिन-रात मेहनत करके डॉक्टर बनने का सपना पालते हैं और ऐसी घटनाएँ उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं।

हिमाचल में BJP राज का उदाहरण

सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि BJP सरकार के कार्यकाल में सबऑर्डिनेट सेलेक्शन बोर्ड में पेपर बेचे जाते थे और पुलिस भर्ती का पेपर भी लीक हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उस समय इसकी जाँच नहीं करवाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार आने के बाद उस 'भ्रष्ट बोर्ड' को भंग किया गया और दोषियों को जेल भेजने की कार्रवाई की गई।

नीट परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए सुक्खू सरकार ने हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (HRTC) की बसों में छात्रों को निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने की भी घोषणा की।

मानसून की तैयारियों पर सरकार का रुख

मुख्यमंत्री ने मानसून तैयारियों पर कहा कि पिछले वर्षों के अनुभवों से सरकार ने सबक लिया है और इस बार प्रदेश पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि आपदा के दौरान रिकॉर्ड समय में वैली ब्रिज स्थापित कर सड़कें बहाल की गई थीं। प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने और आपात स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य मानसून में जन-धन की हानि न्यूनतम रखना और त्वरित राहत, बचाव व पुनर्वास सुनिश्चित करना है।

मेडिकल डिवाइस पार्क विवाद

सुक्खू ने BJP नेताओं द्वारा उठाए जा रहे मेडिकल डिवाइस पार्क के मुद्दे पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पूर्व BJP सरकार की उस योजना में उद्योगों को ₹1 प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीन और 10 वर्षों तक ₹3 प्रति यूनिट की दर से बिजली देने का प्रावधान था, जबकि राज्य को सर्दियों में बिजली ₹7 प्रति यूनिट की दर से खरीदनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि ₹5,000 करोड़ मूल्य की भूमि को ₹1 करोड़ में देना प्रदेश के हित में नहीं है और रजिस्ट्रेशन शुल्क भी माफ था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 75 लाख प्रदेशवासियों के हित सर्वोपरि हैं और राज्य के संसाधनों को नुकसान पहुँचाने वाला कोई समझौता नहीं होगा।

आगे क्या

नीट पेपर लीक मामला राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश सरकार का यह बयान कांग्रेस शासित राज्यों की केंद्र पर दबाव बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और राज्य विधानसभाओं में और गरमाहट देखी जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि राज्य-स्तर पर कांग्रेस शासित प्रदेशों में भी परीक्षा अनियमितताओं के मामले सामने आते रहे हैं। नीट विवाद को भुनाने की यह कोशिश विपक्ष की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, लेकिन असली सवाल यह है कि परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार के लिए कांग्रेस शासित राज्य खुद क्या ठोस प्रस्ताव लेकर आए हैं। मेडिकल डिवाइस पार्क पर उनके आँकड़े — ₹5,000 करोड़ की जमीन ₹1 करोड़ में — यदि सटीक हैं, तो यह गंभीर नीतिगत प्रश्न उठाते हैं जिन पर स्वतंत्र जाँच जरूरी है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM सुक्खू ने नीट पेपर लीक पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 20 जून को शिमला में कहा कि कांग्रेस सरकारों में पेपर लीक नहीं होते थे, जबकि BJP सरकारों में आए दिन ऐसी घटनाएँ हो रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इस पर गंभीरता से विचार करने की माँग की।
हिमाचल में नीट छात्रों के लिए HRTC बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा क्या है?
हिमाचल प्रदेश सरकार ने नीट परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए HRTC (हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन) की बसों में निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था की है। यह सुविधा परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में छात्रों की मदद के लिए दी जा रही है।
हिमाचल में BJP शासन के दौरान किस पेपर लीक का जिक्र CM सुक्खू ने किया?
सुक्खू ने कहा कि BJP सरकार के कार्यकाल में सबऑर्डिनेट सेलेक्शन बोर्ड में पेपर बेचे जाते थे और पुलिस भर्ती का पेपर भी लीक हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इसकी जाँच नहीं करवाई।
मेडिकल डिवाइस पार्क विवाद क्या है और CM सुक्खू ने इसे क्यों खारिज किया?
BJP की पूर्व योजना के तहत उद्योगों को ₹1 प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीन और 10 वर्षों तक ₹3 प्रति यूनिट बिजली देने का प्रावधान था, जबकि राज्य सर्दियों में ₹7 प्रति यूनिट पर बिजली खरीदता है। सुक्खू के अनुसार ₹5,000 करोड़ मूल्य की भूमि ₹1 करोड़ में देना प्रदेश के हित में नहीं है।
हिमाचल सरकार मानसून की तैयारी कैसे कर रही है?
CM सुक्खू ने बताया कि पिछले वर्षों के अनुभवों से सबक लेकर इस बार प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा के दौरान रिकॉर्ड समय में वैली ब्रिज स्थापित कर सड़कें बहाल करने की तैयारी है और जन-धन हानि न्यूनतम रखना सरकार का लक्ष्य है।
राष्ट्र प्रेस
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