नीट पेपर लीक: CM शिवकुमार ने छात्रों का समर्थन किया, बोले- '100 से ज़्यादा बार लीक, PM को पहले बोलना चाहिए था'
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 23 जुलाई 2026 को बेंगलुरु में नीट पेपर लीक विवाद के विरोध में सड़क पर उतरे छात्रों के साथ खुलकर एकजुटता जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह मुद्दा किसी दल की राजनीति का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य का है। पत्रकारों से बातचीत में शिवकुमार ने केंद्र सरकार पर देरी से प्रतिक्रिया देने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री के तीखे सवाल
शिवकुमार ने कहा, 'आज देश एक चौराहे पर खड़ा है। छात्र और युवा दुविधा में हैं। 100 से ज़्यादा बार पेपर लीक होने की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। प्रधानमंत्री ने आज इस मुद्दे पर बात की, लेकिन उन्हें शुरुआत में ही बोलना चाहिए था।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि भारत के छात्र अपनी प्रतिभा के लिए दुनिया भर में पहचाने जाते हैं और हर सरकार की ज़िम्मेदारी है कि परीक्षाएँ पारदर्शी तरीके से कराई जाएँ।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर रुख
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर शिवकुमार ने कहा, 'किसी को बचाने का सवाल ही नहीं है। सभी ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।' उन्होंने इस मुद्दे के राजनीतिकरण से बचने की अपील की, साथ ही यह भी रेखांकित किया कि जवाबदेही किसी एक दल तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा
शिवकुमार ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और इस कथित कार्रवाई के वीडियो भी सामने आए, जबकि उन्हें रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतंत्र में हर नागरिक का अधिकार है। साथ ही उन्होंने मीडिया के एक वर्ग की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि छात्रों के विरोध और कथित पुलिस कार्रवाई को पर्याप्त महत्व क्यों नहीं दिया गया।
भाजपा विधायक पर हमले का संदर्भ
बुधवार, 22 जुलाई को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) कार्यालय के निकट भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक बीपी हरीश पर हुए कथित हमले के बारे में पूछे जाने पर शिवकुमार ने कहा कि वे इस घटना का समर्थन नहीं करते, लेकिन इसे व्यापक संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के गृह मंत्री इस मामले में उचित कार्रवाई करेंगे। उन्होंने BJP को भी अतीत की उन घटनाओं की याद दिलाई, जिनमें झड़पों के दौरान कथित तौर पर हथियार बरामद हुए थे।
आगे क्या होगा
नीट पेपर लीक विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में लाखों छात्र परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। शिवकुमार की यह टिप्पणी संकेत देती है कि कांग्रेस-शासित राज्य केंद्र सरकार पर दबाव बनाए रखेंगे और जवाबदेही की माँग जारी रहेगी।