26 जुलाई 2026
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कर्नाटक डिप्टी सीएम परमेश्वर बोले — मंत्रियों की जवाबदेही का बना मज़बूत संदेश

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कर्नाटक डिप्टी सीएम परमेश्वर बोले — मंत्रियों की जवाबदेही का बना मज़बूत संदेश

सारांश

कर्नाटक के डिप्टी सीएम जी. परमेश्वर ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को जवाबदेही की मिसाल बताया — नीट पेपर लीक विवाद के बाद यह बयान मंत्रिस्तरीय जिम्मेदारी की राष्ट्रीय बहस को तेज़ करता है। भाजपा ने कांग्रेस पर दोहरे मानदंड का पलटवार किया।

मुख्य बातें

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी.
परमेश्वर ने 26 जुलाई को तुमाकुरु में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत किया।
परमेश्वर ने कहा कि इस्तीफे ने नीट परीक्षा जैसे राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर मंत्रिस्तरीय जवाबदेही को मज़बूत किया।
नीट प्रश्न-पत्र लीक के आरोपों से लाखों छात्रों की परीक्षा विश्वसनीयता प्रभावित हुई और देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया था; परमेश्वर ने कानूनी कार्रवाई की प्रतीक्षा जताई।
अशोक ने कांग्रेस पर जवाबदेही को लेकर 'दोहरे मानदंड' अपनाने का आरोप लगाया।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने 26 जुलाई को तुमाकुरु में पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का खुलकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह कदम इस सिद्धांत को पुष्ट करता है कि जिम्मेदारी के पदों पर बैठे अधिकारियों को अपने विभागों में हुई चूकों के लिए जवाब देना होगा। नीट परीक्षा प्रश्न-पत्र लीक विवाद की पृष्ठभूमि में यह बयान राष्ट्रीय स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही की बहस को नया आयाम देता है।

परमेश्वर का बयान: जवाबदेही की मिसाल

परमेश्वर ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वागत योग्य है। इसने राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर मंत्रियों की जवाबदेही तय करने की जिम्मेदारी को और मजबूत किया है।' उनके अनुसार यह घटनाक्रम सार्वजनिक प्रशासन में एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम करता है और आने वाले वर्षों में जवाबदेही की संस्कृति को बल देगा।

उन्होंने यह भी कहा, 'यह देश को एक स्पष्ट संदेश देता है कि जिम्मेदारी के पदों पर बैठे लोगों को अपने विभागों में हुई गलतियों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।' परमेश्वर का मानना है कि शासन में अधिक जवाबदेही से संस्थाओं में जनता का भरोसा बढ़ेगा।

नीट विवाद की पृष्ठभूमि

डिप्टी सीएम ने नीट परीक्षा प्रश्न-पत्र लीक विवाद का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह प्रवेश परीक्षा देशभर के लाखों छात्रों का भविष्य तय करती है, और प्रश्न-पत्र लीक के आरोपों ने परीक्षा की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से प्रभावित किया। इसके चलते छात्रों और उनके अभिभावकों में व्यापक चिंता और आक्रोश फैला।

परमेश्वर ने याद दिलाया कि देशभर के छात्रों ने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और संबंधित केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए थे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। परमेश्वर ने आगे कहा, 'आइए देखें कि क्या जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाती है।'

भाजपा का पलटवार: दोहरे मानदंड का आरोप

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कांग्रेस नेतृत्व पर जवाबदेही को लेकर 'दोहरे मानदंड' अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी विपक्ष में रहने पर अलग पैमाना अपनाती है और सत्ता में आने पर अलग।

अशोक ने कहा, 'राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और डीके शिवकुमार एक ही पाखंड के तीन चेहरे हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का तंत्र इस्तीफे की माँग करता है और जवाबदेही पर उपदेश देता है, जबकि कर्नाटक में उसका रवैया इसके विपरीत रहता है।

अशोक ने यह भी दावा किया कि प्रश्न-पत्र लीक को भविष्य में रोकने, भर्ती प्रक्रिया को सुदृढ़ करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए ज़रूरी सुधार करने की बजाय, मुख्यमंत्री ने ऐसी विफलताओं के लिए डिप्टी कमिश्नरों को जिम्मेदार ठहराने का रास्ता चुना।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद को लेकर न्यायिक और प्रशासनिक जाँच अभी जारी है। गौरतलब है कि प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में नेतृत्व परिवर्तन और परीक्षा सुधार प्रक्रिया पर सभी पक्षों की निगाहें टिकी हैं। आलोचकों का कहना है कि महज इस्तीफे से छात्रों के साथ हुए अन्याय का समाधान नहीं होगा — ठोस संस्थागत सुधार ही असली परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इस्तीफा अपने आप में पर्याप्त जवाबदेही है। नीट विवाद में लाखों छात्रों का भविष्य दाँव पर था — महज मंत्री का जाना संस्थागत सुधार की जगह नहीं ले सकता। भाजपा का 'दोहरे मानदंड' वाला पलटवार भी पूरी तरह निराधार नहीं है; कर्नाटक में भर्ती और परीक्षा सुधार की स्थिति पर कांग्रेस का रिकॉर्ड भी सवालों के घेरे में रहा है। जब तक नीट सुधार के लिए ठोस, सत्यापन-योग्य कदम नहीं उठाए जाते, यह बहस केवल राजनीतिक अंकगणित बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया?
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नीट परीक्षा प्रश्न-पत्र लीक विवाद की पृष्ठभूमि में आया, जिसने देशभर के लाखों छात्रों को प्रभावित किया और व्यापक विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया। छात्रों और विपक्ष ने संबंधित केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की माँग की थी।
कर्नाटक के डिप्टी सीएम परमेश्वर ने इस्तीफे पर क्या कहा?
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने 26 जुलाई को तुमाकुरु में पत्रकारों से बात करते हुए इस्तीफे का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे यह सिद्धांत मज़बूत होता है कि जिम्मेदारी के पदों पर बैठे लोगों को अपने विभागों में हुई गड़बड़ियों के लिए जवाबदेह होना चाहिए।
नीट परीक्षा विवाद क्या है और इससे छात्र कैसे प्रभावित हुए?
नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) देशभर के लाखों मेडिकल प्रवेशार्थियों के लिए अनिवार्य परीक्षा है। प्रश्न-पत्र लीक के आरोपों ने परीक्षा की विश्वसनीयता को कमज़ोर किया, जिससे छात्रों और अभिभावकों में व्यापक चिंता फैली और देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुए।
भाजपा ने कांग्रेस के जवाबदेही के रुख पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा नेता और कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कांग्रेस पर 'दोहरे मानदंड' का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पार्टी विपक्ष में रहते हुए इस्तीफे की माँग करती है, लेकिन कर्नाटक में सत्ता में रहते हुए उसका रवैया अलग है।
नीट विवाद में प्रधानमंत्री मोदी ने क्या आश्वासन दिया था?
परमेश्वर के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले भरोसा दिलाया था कि नीट प्रश्न-पत्र लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। परमेश्वर ने कहा कि अब देखना होगा कि जिम्मेदार लोगों पर वास्तव में कानूनी कार्रवाई शुरू होती है या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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