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कन्हैया कुमार का धर्मेंद्र प्रधान पर हमला: NEET पेपर लीक और शिक्षा भ्रष्टाचार पर इस्तीफे की माँग

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कन्हैया कुमार का धर्मेंद्र प्रधान पर हमला: NEET पेपर लीक और शिक्षा भ्रष्टाचार पर इस्तीफे की माँग

सारांश

संबलपुर की धरती पर कन्हैया कुमार का हमला सिर्फ राजनीतिक नहीं था — यह NEET पेपर लीक के ज़रिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सीधे घेरने की कोशिश थी। 80 से अधिक पेपर लीक के आँकड़े और 'कट-कमीशन-भ्रष्टाचार' के आरोपों के साथ कांग्रेस ने भाजपा के गढ़ में युवाओं को साधने की रणनीति स्पष्ट की।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने 10 जून 2026 को ओडिशा के संबलपुर में केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर गंभीर आरोप लगाए।
कुमार ने दावा किया कि देश में 80 से अधिक बार पेपर लीक की घटनाएँ हो चुकी हैं।
NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सबसे बड़ा खतरा बताया।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की माँग की और प्रधानमंत्री पर देरी का आरोप लगाया।
सरकार में 'कट, कमीशन और भ्रष्टाचार' की संस्कृति और लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का भी आरोप।

कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने 10 जून 2026 को ओडिशा के संबलपुर में एक जनसभा के दौरान केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गहरे संकट में है और NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा पेपर लीक की बार-बार होने वाली घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को अधर में डाल दिया है।

मुख्य आरोप: 80 से अधिक पेपर लीक

कुमार ने दावा किया कि देश में अब तक 80 से अधिक बार पेपर लीक जैसी घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। उनके अनुसार, यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि एक व्यापक तंत्रगत विफलता है जिसने शिक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त किया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की वर्षों की मेहनत के साथ खिलवाड़ हो रहा है और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग

कुमार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर नैतिक जिम्मेदारी लेने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की माँग की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसी मंत्री के कार्यकाल में लगातार ऐसी गंभीर घटनाएँ होती हैं, तो प्रधानमंत्री द्वारा उन्हें पद से हटाने में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने संबलपुर की ऐतिहासिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र स्वतंत्रता संग्राम और छात्र आंदोलनों की धरती रही है, और यहाँ के चुने हुए प्रतिनिधि के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था का कमज़ोर होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

भ्रष्टाचार और 'कट-कमीशन' का आरोप

कन्हैया कुमार ने केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार और माफिया जैसी प्रवृत्तियों को प्रश्रय देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों के बीच 'कट, कमीशन और भ्रष्टाचार' की संस्कृति पनप रही है, जिससे प्रशासनिक ढाँचा खोखला हो रहा है। उनका कहना था कि शिक्षा और भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता की कमी के कारण युवाओं का सरकारी संस्थाओं पर भरोसा तेज़ी से घट रहा है।

लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव का आरोप

कुमार ने विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई और राजनीतिक दबाव के मुद्दे भी उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है और विपक्ष की आवाज़ को दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि देश के छात्र और युवा इस स्थिति के विरुद्ध मुखर होंगे।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब NEET पेपर लीक विवाद पहले से ही राष्ट्रीय राजनीति में केंद्रीय मुद्दा बना हुआ है। कांग्रेस की ओर से संबलपुर जैसे भाजपा के गढ़ में इस तरह का आक्रामक प्रचार अभियान संकेत देता है कि विपक्ष शिक्षा व्यवस्था को आगामी चुनावों में प्रमुख मुद्दा बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका स्वतंत्र सत्यापन ज़रूरी है — क्योंकि इसमें केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के कार्यकाल की घटनाएँ शामिल हो सकती हैं। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष सिर्फ इस्तीफे की माँग तक सीमित रहेगा या परीक्षा सुधार का कोई ठोस वैकल्पिक ढाँचा भी सामने रखेगा।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कन्हैया कुमार ने धर्मेंद्र प्रधान पर क्या आरोप लगाए?
कन्हैया कुमार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर NEET सहित राष्ट्रीय परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक की घटनाओं के लिए नैतिक जिम्मेदारी न लेने का आरोप लगाया और उनके तत्काल इस्तीफे की माँग की।
कन्हैया कुमार ने कितनी बार पेपर लीक होने का दावा किया?
कन्हैया कुमार ने संबलपुर में अपने भाषण में दावा किया कि देश में 80 से अधिक बार पेपर लीक जैसी घटनाएँ हो चुकी हैं, जिसे उन्होंने तंत्रगत विफलता करार दिया।
NEET पेपर लीक विवाद क्या है?
NEET (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है। हाल के वर्षों में इसमें कथित प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, जिससे लाखों छात्रों के भविष्य पर असर पड़ा और यह राष्ट्रीय राजनीतिक विवाद का विषय बन गया।
कन्हैया कुमार ने संबलपुर में यह भाषण क्यों दिया?
संबलपुर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का गृह क्षेत्र और भाजपा का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। कांग्रेस की यह रणनीति शिक्षा मुद्दे को सीधे प्रधान के क्षेत्र में उठाकर उन्हें राजनीतिक रूप से घेरने की थी।
कन्हैया कुमार ने लोकतंत्र पर क्या चिंता जताई?
कुमार ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है, विपक्षी नेताओं को जेल भेजा जा रहा है और विपक्ष की आवाज़ दबाई जा रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया।
राष्ट्र प्रेस
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