नीट पेपर लीक: फडणवीस ने राहुल गांधी को संसद में बहस की चुनौती दी, 'सड़क की राजनीति' पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार, 23 जुलाई को मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए नीट पेपर लीक विवाद पर विपक्ष को कड़ी चुनौती दी। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों से सीधे कहा कि यदि वे वास्तव में छात्रों के हित में चिंतित हैं, तो सड़कों पर प्रदर्शन करने के बजाय संसद के भीतर बहस का सामना करें।
फडणवीस की सीधी चुनौती
फडणवीस ने कहा, 'मैं राहुल गांधी और पूरे विपक्ष को चुनौती देता हूं कि भागना बंद करें और संसद में बहस का सामना करें। अगर आप सचमुच छात्रों की परवाह करते हैं, तो थोड़ी हिम्मत दिखाएं। लोकतंत्र में फैसले संसद में होते हैं, सड़कों पर नहीं।' उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों का इस्तेमाल करना बंद करना चाहिए।
मोदी सरकार की पहल का जिक्र
सीएम फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उन पहलों का उल्लेख किया जिनमें पेपर लीक में संलिप्त दोषियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की स्थापना शामिल है। उन्होंने कहा कि नीट की पुनः परीक्षा बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हुई और छात्र संतुष्ट हैं। उनके अनुसार, इसी तरह परीक्षाएं आयोजित होनी चाहिए।
कांग्रेस शासित राज्यों पर पलटवार
फडणवीस ने कांग्रेस के शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को यह स्पष्ट करना होगा कि उनके शासन में कर्नाटक, तेलंगाना और राजस्थान में पेपर लीक की घटनाएं क्यों हुईं। उन्होंने आलोचना की कि कांग्रेस की सोच अराजकता फैलाने वाली है और वह संसदीय बहस से बचती रही है।
उद्धव और राज ठाकरे के मार्च पर प्रतिक्रिया
मुंबई में 26 जुलाई को उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के नेतृत्व में प्रस्तावित विरोध मार्च पर टिप्पणी करते हुए फडणवीस ने महाराष्ट्र के टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) घोटाले का हवाला दिया। उन्होंने कहा, 'राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा TET घोटाला तब हुआ जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे और इसमें वरिष्ठ IAS अधिकारी शामिल थे। उनके कार्यकाल में अनुत्तीर्ण उम्मीदवारों को अवैध रूप से उत्तीर्ण घोषित किया गया।' इसके विपरीत, उन्होंने दावा किया कि उनके प्रशासन ने TET परीक्षा में गड़बड़ी का पता परीक्षा से पहले ही लगाकर दोषियों को पकड़ा।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की राह
फडणवीस की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन के हिंसक रूप लेने के बाद राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है। पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया, जिसके बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया और राहुल गांधी को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया। कांग्रेस केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है, जिससे संसद की कार्यवाही बाधित हो रही है। यह टकराव आने वाले दिनों में और तीखा होने की संभावना है।