23 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नीट पेपर लीक: छात्रों पर लाठीचार्ज और ड्रग्स फंसाने की धमकी पर वडेट्टीवार ने महाराष्ट्र पुलिस को घेरा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नीट पेपर लीक: छात्रों पर लाठीचार्ज और ड्रग्स फंसाने की धमकी पर वडेट्टीवार ने महाराष्ट्र पुलिस को घेरा

सारांश

नीट पेपर लीक के विरोध में उतरे छात्रों पर लाठीचार्ज और उन्हें ड्रग्स मामले में फंसाने की धमकी — महाराष्ट्र कांग्रेस नेता वडेट्टीवार ने पुलिस के आदर्श वाक्य को ही आईना दिखा दिया। मुंबई में विरोध मार्च, हिरासत और तालुका स्तर तक फैलता आंदोलन बता रहा है कि यह विवाद अभी थमने वाला नहीं।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने 23 जुलाई को नागपुर में नीट पेपर लीक आंदोलन पर महाराष्ट्र पुलिस और राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की।
पुलिस अधिकारियों पर आरोप — छात्र प्रदर्शनकारियों को 50 ग्राम ड्रग्स रखने के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई।
बुधवार को कांग्रेस का गांधी भवन से BJP कार्यालय, दक्षिण मुंबई तक विरोध मार्च; रीगल सिनेमा के पास नेताओं को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन में हर्षवर्धन सपकाल , नसीम खान , भाई जगताप , भालचंद्र मुंगेकर , हुसैन दलवई और तुषार गांधी समेत कई नेता शामिल।
वडेट्टीवार के अनुसार पिछले एक दशक में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित।
कांग्रेस ने तालुका स्तर तक राज्यव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया; अभिभावक भी आंदोलन में शामिल।

महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने गुरुवार, 23 जुलाई को नागपुर में मीडिया को संबोधित करते हुए नीट पेपर लीक के विरोध में सड़कों पर उतरे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और उन पर 50 ग्राम ड्रग्स रखने का झूठा आरोप लगाकर फंसाने की धमकी देने के लिए महाराष्ट्र सरकार और पुलिस प्रशासन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।

पुलिस के आदर्श वाक्य पर वडेट्टीवार का तीखा सवाल

वडेट्टीवार ने महाराष्ट्र पुलिस के आदर्श वाक्य 'सद्रक्षणाय खलनिग्रहणाय' — अर्थात अच्छे लोगों की रक्षा और बुरों को दंड — का हवाला देते हुए पूछा कि जब पुलिस अधिकारी खुद छात्रों को 50 ग्राम ड्रग्स रखने के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दे रहे हों, तो यह आदर्श वाक्य किस काम का? उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि अब नागरिकों को खुद पुलिस से बचाने का समय आ गया है।" उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि छात्रों को धमकाने के लिए पुलिस के पास ये नशीले पदार्थ कहाँ से आए।

मुख्य घटनाक्रम: मुंबई में विरोध मार्च और हिरासत

इससे एक दिन पहले, बुधवार को महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं ने गांधी भवन से दक्षिण मुंबई स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। पार्टी का इरादा BJP कार्यालय पहुँचकर संविधान की प्रति सौंपने का था। हालाँकि, पुलिस ने रीगल सिनेमा के पास कांग्रेस नेताओं और पदाधिकारियों को रोककर हिरासत में ले लिया।

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया। इसमें विजय वडेट्टीवार, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और पूर्व मंत्री नसीम खान, विधायक भाई जगताप, पूर्व सांसद भालचंद्र मुंगेकर, पूर्व सांसद हुसैन दलवई और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी समेत कई नेता शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने "मोदी हटाओ, देश बचाओ" और "जब-जब मोदी डरते हैं, पुलिस को आगे करते हैं" जैसे नारे लगाए।

सरकार पर आरोप: बातचीत नहीं, दमन

वडेट्टीवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाले राज्य प्रशासन दोनों को आड़े हाथों लिया। उनका आरोप है कि सरकार छात्रों की जायज माँगों पर संवाद करने के बजाय आंदोलन को कुचलने की नीति पर चल रही है। हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि नीट पेपर लीक में मोदी सरकार की नाकामी ने देश भर के लाखों छात्रों का भविष्य अंधकार में धकेल दिया है।

सपकाल के अनुसार, गुस्साए छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों से लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों को दरकिनार किया जा रहा है और प्रधानमंत्री मोदी ने हर साल 2 करोड़ नौकरियाँ देने के वादे पूरे नहीं किए।

पेपर लीक का व्यापक संदर्भ

वडेट्टीवार ने बताया कि पिछले एक दशक में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे लाखों प्रतियोगी छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार का प्राथमिक कर्तव्य है और सत्ताधारी प्रशासन को विपक्ष पर दोष मढ़ने के बजाय अपनी विफलताएँ स्वीकार कर सुधार लागू करने चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा को लेकर पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर विवाद चल रहा है।

इसके अतिरिक्त, वडेट्टीवार ने कृषि ऋण माफी के आँकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के लिए महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की और दावा किया कि अव्यवस्थित माफी सूचियों ने किसानों के साथ हो रहे धोखे को उजागर कर दिया है। उन्होंने इस मामले में तत्काल पारदर्शिता की माँग की।

आगे क्या

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के समर्थन का उल्लेख करते हुए वडेट्टीवार ने बताया कि पार्टी ने राज्यव्यापी प्रदर्शन शुरू किए हैं, जिनमें तालुका स्तर तक के अभिभावक भी शामिल हो रहे हैं। यदि सरकार ने जल्द संवाद का रास्ता नहीं अपनाया, तो आंदोलन के और विस्तार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो सवाल सिर्फ नीट का नहीं रहता, बल्कि पुलिस जवाबदेही और नागरिक स्वतंत्रता का बन जाता है। गौरतलब है कि नीट विवाद अकेली घटना नहीं — एक दशक में दर्जनों परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं, फिर भी परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार की रफ्तार बेहद धीमी रही है। मुंबई में कांग्रेस नेताओं की हिरासत और तालुका स्तर तक फैलते आंदोलन से यह स्पष्ट है कि सरकार यदि संवाद से मुँह फेरती रही, तो यह मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में कहीं बड़ा रूप ले सकता है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजय वडेट्टीवार ने महाराष्ट्र पुलिस पर क्या आरोप लगाए?
वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को 50 ग्राम ड्रग्स रखने के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने इसे महाराष्ट्र पुलिस के आदर्श वाक्य 'सद्रक्षणाय खलनिग्रहणाय' का सीधा उल्लंघन बताया।
नीट पेपर लीक पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन कहाँ हुआ?
बुधवार को महाराष्ट्र कांग्रेस ने गांधी भवन से दक्षिण मुंबई स्थित BJP कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। पुलिस ने रीगल सिनेमा के पास नेताओं और पदाधिकारियों को रोककर हिरासत में ले लिया।
नीट पेपर लीक से कितने छात्र प्रभावित हुए हैं?
वडेट्टीवार के अनुसार पिछले एक दशक में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, जिससे लाखों प्रतियोगी छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। हालाँकि, सटीक आँकड़ा अभी सरकारी स्तर पर सत्यापित नहीं है।
महाराष्ट्र कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में कौन-कौन से नेता शामिल थे?
प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में विजय वडेट्टीवार, नसीम खान, भाई जगताप, भालचंद्र मुंगेकर, हुसैन दलवई और तुषार गांधी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल थे।
कांग्रेस आगे क्या कदम उठाने वाली है?
कांग्रेस ने राज्यव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है जो तालुका स्तर तक फैला है और जिसमें अभिभावक भी शामिल हो रहे हैं। वडेट्टीवार ने सरकार से छात्रों की माँगों पर तत्काल संवाद शुरू करने की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 4 घंटे पहले
  3. 18 घंटे पहले
  4. 18 घंटे पहले
  5. कल
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 1 महीना पहले