23 जुलाई 2026
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नीट लाठीचार्ज के विरोध में महाराष्ट्र कांग्रेस का मार्च, रीगल सिनेमा के पास हिरासत में लिए गए कई नेता

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नीट लाठीचार्ज के विरोध में महाराष्ट्र कांग्रेस का मार्च, रीगल सिनेमा के पास हिरासत में लिए गए कई नेता

सारांश

नीट पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में महाराष्ट्र कांग्रेस ने मुंबई में BJP कार्यालय तक मार्च निकाला। पुलिस ने रीगल सिनेमा के पास सपकाल सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और माफी की मांग की।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र कांग्रेस ने 22 जुलाई को मुंबई में BJP कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला।
पुलिस ने रीगल सिनेमा के पास मार्च रोककर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया।
कांग्रेस की मांग — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा और छात्रों पर दर्ज सभी FIR वापस लेना।
सपकाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में राहुल गांधी और कांग्रेस सांसदों को 3 घंटे हिरासत में रखा गया।
कांग्रेस ने वंचित बहुजन आघाड़ी के महाराष्ट्र बंद को समर्थन देने की घोषणा की।

महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं ने बुधवार, 22 जुलाई को मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दक्षिण मुंबई स्थित कार्यालय की ओर विरोध मार्च निकाला। यह मार्च नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी तथा अन्य कांग्रेस सांसदों के साथ हुए कथित व्यवहार के विरोध में आयोजित किया गया। पुलिस ने रीगल सिनेमा के पास मार्च को रोककर कई नेताओं और पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया।

मार्च का घटनाक्रम

प्रदर्शनकारियों ने गांधी भवन से दक्षिण मुंबई स्थित BJP कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। पार्टी का इरादा BJP कार्यालय पहुँचकर संविधान की एक प्रति सौंपने का था, जो एक प्रतीकात्मक संदेश था। हालाँकि, पुलिस ने रीगल सिनेमा के निकट मार्च को रोक दिया और कांग्रेस के कई नेताओं व पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया।

किन नेताओं ने लिया हिस्सा

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया। उनके साथ विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार, कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व मंत्री नसीम खान, विधायक भाई जगताप, पूर्व सांसद भालचंद्र मुंगेकर, पूर्व सांसद हुसैन दलवाई और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी भी शामिल थे।

कांग्रेस के आरोप और मांगें

सपकाल ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर सरकार की अक्षमता ने लाखों छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि जब आक्रोशित छात्र सड़कों पर उतरे, तो सरकार के निर्देश पर उन पर 'बर्बरतापूर्वक' लाठीचार्ज किया गया। सपकाल ने यह भी आरोप लगाया कि पेपर लीक की समस्या केवल इस वर्ष की नीट परीक्षा तक सीमित नहीं है और कई परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं।

कांग्रेस की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा, परीक्षा अनियमितताओं पर संसद में तत्काल चर्चा और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर तथा मुकदमों को वापस लेना शामिल है। सपकाल ने यह भी मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली में पुलिस कार्रवाई के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

राहुल गांधी की हिरासत का मुद्दा

सपकाल ने बताया कि जब राहुल गांधी छात्रों की मांगों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन करने पहुँचे, तो प्रशासन ने उन्हें और अन्य कांग्रेस सांसदों व पदाधिकारियों को तीन घंटे तक हिरासत में रखा। सपकाल ने इन कार्रवाइयों को 'तानाशाही' करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 12 वर्षों से लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों को दरकिनार किया जा रहा है।

आगे की रणनीति

सपकाल ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई जारी रहेगी और आगे की रणनीति महा विकास अघाड़ी (MVA) के नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद तय की जाएगी। उन्होंने गुरुवार को वंचित बहुजन आघाड़ी द्वारा बुलाए गए महाराष्ट्र बंद को कांग्रेस के समर्थन की भी घोषणा की। प्रभावित छात्रों की आवाज उठाने के लिए कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत यह विरोध प्रदर्शन एक कड़ी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें विपक्ष सड़क से संसद तक सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। हालाँकि कांग्रेस की मांगें — मंत्री का इस्तीफा, माफी, FIR वापसी — राजनीतिक दृष्टि से स्पष्ट हैं, असली सवाल यह है कि परीक्षा प्रणाली की संरचनात्मक खामियों को ठीक करने का कोई ठोस रोडमैप किसी भी पक्ष के पास है या नहीं। विरोध प्रदर्शनों की यह लहर तब तक प्रतीकात्मक ही रहेगी, जब तक नीट सुधार पर संसद में वास्तविक बहस नहीं होती।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र कांग्रेस ने BJP कार्यालय तक मार्च क्यों निकाला?
महाराष्ट्र कांग्रेस ने नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और दिल्ली में राहुल गांधी व अन्य कांग्रेस सांसदों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में यह मार्च निकाला। पार्टी BJP कार्यालय पहुँचकर संविधान की एक प्रति सौंपना चाहती थी।
मुंबई में कांग्रेस नेताओं को कहाँ और क्यों हिरासत में लिया गया?
पुलिस ने रीगल सिनेमा के पास मार्च को रोककर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल सहित कई नेताओं और पदाधिकारियों को हिरासत में लिया। BJP कार्यालय की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोका गया।
कांग्रेस की नीट मामले में प्रमुख मांगें क्या हैं?
कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा, परीक्षा अनियमितताओं पर संसद में तत्काल चर्चा और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस लेने की मांग की है। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सार्वजनिक माफी की भी मांग की गई है।
राहुल गांधी को दिल्ली में कितने समय तक हिरासत में रखा गया?
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष सपकाल के अनुसार, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस सांसदों व पदाधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन के दौरान करीब तीन घंटे तक हिरासत में रखा गया।
महाराष्ट्र बंद को कांग्रेस का समर्थन क्यों मिला?
वंचित बहुजन आघाड़ी द्वारा गुरुवार को बुलाए गए महाराष्ट्र बंद को कांग्रेस ने समर्थन दिया, क्योंकि यह बंद भी नीट पेपर लीक और छात्रों के साथ हुए व्यवहार के विरोध में आयोजित किया गया। सपकाल ने कहा कि आगे की रणनीति महा विकास अघाड़ी के नेताओं के साथ चर्चा के बाद तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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