23 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक: असम कांग्रेस ने गुवाहाटी में रैली निकाली, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगा

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नीट पेपर लीक: असम कांग्रेस ने गुवाहाटी में रैली निकाली, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगा

सारांश

नीट पेपर लीक को लेकर असम कांग्रेस ने गुवाहाटी में रैली निकाली और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगा। विपक्ष के नेता वाजेद अली चौधरी की अगुवाई में हुए इस प्रदर्शन में संसद में चर्चा और छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापसी की भी माँग उठी।

मुख्य बातें

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने 22 जुलाई को गुवाहाटी में नीट पेपर लीक के विरोध में रैली निकाली।
विपक्ष के नेता वाजेद अली चौधरी ने मार्च का नेतृत्व किया; कई कांग्रेस विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की माँग की।
संसद में नीट विवाद पर विस्तृत चर्चा और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापसी की माँग भी रखी गई।
प्रदर्शन राजीव भवन से शुरू होकर पुलिस निगरानी में शांतिपूर्ण रहा।

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने 22 जुलाई को गुवाहाटी में एक विरोध रैली निकालकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की माँग की। पार्टी ने नीट पेपर लीक विवाद में मंत्री की 'नैतिक जिम्मेदारी' बताते हुए संसद में इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा कराने और दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की माँग भी रखी।

मुख्य घटनाक्रम

विरोध मार्च राजीव भवन, गुवाहाटी से शुरू हुआ और इसका नेतृत्व असम विधानसभा में विपक्ष के नेता वाजेद अली चौधरी ने किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा के संचालन में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। रैली पुलिस की निगरानी में पूरी तरह शांतिपूर्ण रही।

विपक्ष के उपनेता डॉ. जयंत प्रकाश दास और विधायक जाकिर हुसैन सिकदर, नूरुल हुदा, बेबी बेगम, आसिफ नजर, जुबैर अनम और तंजील हुसैन सहित अनेक कांग्रेस विधायकों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

कांग्रेस की प्रमुख माँगें

एपीसीसी ने तीन सूत्री माँगें रखीं — पहली, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा; दूसरी, संसद में नीट विवाद पर विस्तृत चर्चा; और तीसरी, दिल्ली में नीट अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर की तत्काल वापसी। पार्टी का कहना है कि कथित परीक्षा अनियमितताओं ने देश भर में लाखों छात्रों और उनके परिवारों के विश्वास को ठेस पहुँचाई है।

रैली में शामिल प्रमुख नेता

रैली में एपीसीसी महासचिव बिपुल गोगोई, गुवाहाटी शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष स्वपन दास, वरिष्ठ नेता रूपा देउरी, महासचिव इमदाद हुसैन, बांदीप दत्ता और मोइनाजन बेगम, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कृष्ण दास, मीडिया प्रतिनिधि हैप्पी गोगोई और रूपा कलिता तथा एनएसयूआई असम के अध्यक्ष कौशिक कश्यप उपस्थित रहे।

आम जनता और छात्रों पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी परीक्षा को लेकर देश भर में छात्रों का आक्रोश चरम पर है। कथित पेपर लीक के आरोपों ने लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़ी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा में अनियमितता के आरोप सामने आए हों, लेकिन नीट की व्यापकता — जिसमें हर साल लगभग 20 लाख से अधिक उम्मीदवार बैठते हैं — इस विवाद को विशेष रूप से संवेदनशील बनाती है।

आगे क्या होगा

एपीसीसी ने स्पष्ट किया है कि वह अपना आंदोलन तब तक जारी रखेगी जब तक केंद्र सरकार इस विवाद की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं कर लेती और छात्रों तथा विपक्षी दलों की चिंताओं का समाधान नहीं होता। आने वाले दिनों में संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे पर तीखी बहस की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इस्तीफे की माँग से परे कोई ठोस जवाबदेही तंत्र सामने आएगा। पिछले कई वर्षों में परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के आरोप बार-बार उठे हैं, फिर भी संरचनात्मक सुधार की गति धीमी रही है। केंद्र सरकार ने अब तक एफआईआर वापसी या संसदीय चर्चा पर कोई स्पष्ट रुख नहीं लिया है, जो छात्र समुदाय के बीच अविश्वास को और गहरा कर सकता है। बिना पारदर्शी जाँच और सत्यापन-योग्य सुधारों के, यह विवाद चुनावी मुद्दे से आगे नहीं बढ़ पाएगा।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम कांग्रेस ने नीट विवाद पर क्या माँगें रखी हैं?
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा, संसद में नीट पेपर लीक पर विस्तृत चर्चा, और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर की वापसी।
गुवाहाटी में नीट विरोध रैली का नेतृत्व किसने किया?
रैली का नेतृत्व असम विधानसभा में विपक्ष के नेता वाजेद अली चौधरी ने किया। विपक्ष के उपनेता डॉ. जयंत प्रकाश दास सहित कई कांग्रेस विधायक और वरिष्ठ पार्टी नेता भी इसमें शामिल रहे।
नीट पेपर लीक विवाद क्या है?
नीट-यूजी 2024 परीक्षा पर कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, जिससे देश भर में लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार पर परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित न करने का आरोप लगाया है।
क्या असम कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा?
एपीसीसी ने स्पष्ट किया है कि वह अपना आंदोलन तब तक जारी रखेगी जब तक केंद्र सरकार नीट विवाद की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं कर लेती और छात्रों की चिंताओं का समाधान नहीं होता। आने वाले दिनों में संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे पर बहस की संभावना है।
नीट विवाद में दिल्ली के प्रदर्शनकारी छात्रों पर एफआईआर क्यों दर्ज हुई?
नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। असम कांग्रेस ने केंद्र से इन सभी मामलों को तत्काल वापस लेने का आग्रह किया है, यह कहते हुए कि छात्रों की आवाज दबाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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