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21 जुलाई लोकतंत्र का काला दिन: वडेट्टीवार का केंद्र पर हमला, राहुल गांधी की हिरासत पर सवाल

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21 जुलाई लोकतंत्र का काला दिन: वडेट्टीवार का केंद्र पर हमला, राहुल गांधी की हिरासत पर सवाल

सारांश

जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और राहुल गांधी की हिरासत के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने 21 जुलाई को लोकतंत्र का काला दिन करार दिया। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की और कहा कि सरकार की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने 21 जुलाई को लोकतंत्र के लिए 'काला दिन' करार दिया।
जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने पर वडेट्टीवार ने तीखा विरोध जताया।
वडेट्टीवार ने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री को 'असंवेदनशील' बताते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की।
राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले एक दशक में परीक्षाओं के पेपर 152 बार लीक हुए — औसतन हर महीने एक घटना।
राहुल गांधी के अनुसार, पेपर लीक के मानसिक दबाव के कारण कई छात्र आत्महत्या तक कर चुके हैं।

महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने 22 जुलाई को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 21 जुलाई लोकतंत्र के लिए काला दिन था। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लिया।

वडेट्टीवार का सरकार पर सीधा आरोप

मीडिया से बातचीत में विजय वडेट्टीवार ने कहा कि इतने दिनों तक छात्र प्रदर्शन करते रहे, लेकिन सरकार की ओर से कोई उनसे मिलने तक नहीं गया। उनके शब्दों में, 'यह सरकार क्रूर है। यह बातचीत नहीं चाहती, जबकि संवाद के ज़रिए इस मामले को सुलझाया जा सकता था।'

उन्होंने यह भी कहा कि जब छात्र सड़क पर उतरे तो उनके हाथ में कोई हथियार नहीं था, फिर भी उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें प्रताड़ित किया गया।

राहुल गांधी की हिरासत पर सवाल

वडेट्टीवार ने राहुल गांधी को धरने के दौरान हिरासत में लिए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'धरने पर बैठे राहुल गांधी को हिरासत में लेने की क्या ज़रूरत थी? ये लोग राहुल गांधी से डरते हैं। युवा उनके साथ हैं। सरकार के जाने के दिन आ रहे हैं — उलटी गिनती शुरू हो गई है।'

पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर निशाना

वडेट्टीवार ने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री को 'असंवेदनशील' करार देते हुए कहा कि कुर्सी पर बैठा व्यक्ति न्याय नहीं कर सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने पेपर लीक होने के बाद भी जिम्मेदारी कोई नहीं ले रहा, और माँग की कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।

इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण ढंग से केवल एक निष्पक्ष और भरोसेमंद शिक्षा व्यवस्था की माँग कर रहे हैं।

राहुल गांधी के गंभीर आरोप

राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले एक दशक में विभिन्न परीक्षाओं के पेपर 152 बार लीक हुए — यानी औसतन हर महीने एक बड़ी घटना। उन्होंने कहा कि कई छात्र इस मानसिक दबाव के कारण आत्महत्या तक कर चुके हैं। उनके अनुसार, कभी विश्व की बेहतर शिक्षा प्रणालियों में गिनी जाने वाली भारतीय शिक्षा व्यवस्था आज भरोसे के गंभीर संकट से जूझ रही है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन तेज़ हो रहा है। विपक्ष की एकजुट माँग है कि शिक्षा मंत्री जवाबदेही लें और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी सुधार किए जाएँ। सरकार की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह कथानक सरकार के लिए असुविधाजनक है। गौरतलब है कि 152 पेपर लीक का दावा अगर स्वतंत्र रूप से सत्यापित हो, तो यह महज़ एक नीतिगत विफलता नहीं, बल्कि संस्थागत पतन का संकेत है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस बिंदु को चूक जाती है कि छात्र आंदोलन अब केवल NEET तक सीमित नहीं — यह परीक्षा तंत्र की समग्र विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजय वडेट्टीवार ने 21 जुलाई को 'काला दिन' क्यों कहा?
महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और राहुल गांधी की हिरासत को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए 21 जुलाई को 'काला दिन' कहा। उनके अनुसार, निहत्थे छात्रों पर बल प्रयोग और विपक्षी नेताओं की हिरासत लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
राहुल गांधी को जंतर-मंतर पर क्यों हिरासत में लिया गया?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन के समर्थन में जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। वडेट्टीवार ने इस कार्रवाई को अनावश्यक और राजनीति से प्रेरित बताया।
NEET पेपर लीक को लेकर राहुल गांधी ने क्या दावे किए?
राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले एक दशक में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर 152 बार लीक हुए, यानी औसतन हर महीने एक बड़ी घटना। उन्होंने यह भी कहा कि इस मानसिक दबाव के कारण कई छात्र आत्महत्या तक कर चुके हैं।
वडेट्टीवार ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग क्यों की?
वडेट्टीवार ने कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं के लिए शिक्षा मंत्री की सीधी जिम्मेदारी बनती है और उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री दोनों इस संकट के प्रति असंवेदनशील रहे हैं।
छात्र प्रदर्शन की मुख्य माँगें क्या हैं?
प्रदर्शनकारी छात्र NEET सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की जाँच, दोषियों पर कार्रवाई और एक निष्पक्ष व पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की माँग कर रहे हैं। राहुल गांधी के अनुसार, छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे और उन पर बल प्रयोग अनुचित था।
राष्ट्र प्रेस
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