21 जुलाई लोकतंत्र का काला दिन: वडेट्टीवार का केंद्र पर हमला, राहुल गांधी की हिरासत पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने 22 जुलाई को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 21 जुलाई लोकतंत्र के लिए काला दिन था। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लिया।
वडेट्टीवार का सरकार पर सीधा आरोप
मीडिया से बातचीत में विजय वडेट्टीवार ने कहा कि इतने दिनों तक छात्र प्रदर्शन करते रहे, लेकिन सरकार की ओर से कोई उनसे मिलने तक नहीं गया। उनके शब्दों में, 'यह सरकार क्रूर है। यह बातचीत नहीं चाहती, जबकि संवाद के ज़रिए इस मामले को सुलझाया जा सकता था।'
उन्होंने यह भी कहा कि जब छात्र सड़क पर उतरे तो उनके हाथ में कोई हथियार नहीं था, फिर भी उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें प्रताड़ित किया गया।
राहुल गांधी की हिरासत पर सवाल
वडेट्टीवार ने राहुल गांधी को धरने के दौरान हिरासत में लिए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'धरने पर बैठे राहुल गांधी को हिरासत में लेने की क्या ज़रूरत थी? ये लोग राहुल गांधी से डरते हैं। युवा उनके साथ हैं। सरकार के जाने के दिन आ रहे हैं — उलटी गिनती शुरू हो गई है।'
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर निशाना
वडेट्टीवार ने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री को 'असंवेदनशील' करार देते हुए कहा कि कुर्सी पर बैठा व्यक्ति न्याय नहीं कर सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने पेपर लीक होने के बाद भी जिम्मेदारी कोई नहीं ले रहा, और माँग की कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण ढंग से केवल एक निष्पक्ष और भरोसेमंद शिक्षा व्यवस्था की माँग कर रहे हैं।
राहुल गांधी के गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले एक दशक में विभिन्न परीक्षाओं के पेपर 152 बार लीक हुए — यानी औसतन हर महीने एक बड़ी घटना। उन्होंने कहा कि कई छात्र इस मानसिक दबाव के कारण आत्महत्या तक कर चुके हैं। उनके अनुसार, कभी विश्व की बेहतर शिक्षा प्रणालियों में गिनी जाने वाली भारतीय शिक्षा व्यवस्था आज भरोसे के गंभीर संकट से जूझ रही है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन तेज़ हो रहा है। विपक्ष की एकजुट माँग है कि शिक्षा मंत्री जवाबदेही लें और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी सुधार किए जाएँ। सरकार की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।