14 जुलाई 2026
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पुणे जहरीली शराब कांड: आदित्य ठाकरे बोले — गिरफ्तारियां महज दिखावा, कानून व्यवस्था ध्वस्त

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पुणे जहरीली शराब कांड: आदित्य ठाकरे बोले — गिरफ्तारियां महज दिखावा, कानून व्यवस्था ध्वस्त

सारांश

आदित्य ठाकरे ने पुणे जहरीली शराब कांड की गिरफ्तारियों को दिखावा, पोर्श आरोपी के जश्न को कानून व्यवस्था की विफलता और नीट अराजकता को 'विकसित भारत 2047' के लिए खतरा बताया — तीन मोर्चों पर एक साथ महायुति सरकार को घेरा।

मुख्य बातें

आदित्य ठाकरे ने पुणे जहरीली शराब कांड में हुई गिरफ्तारियों को 'सिर्फ दिखावा' बताया और महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था को ध्वस्त करार दिया।
पोर्श कार दुर्घटना के आरोपी के जेल से बाहर आकर जश्न मनाने के वीडियो का हवाला देते हुए ठाकरे ने कहा — 'ऐसे लोगों के पूरे परिवार को जेल में डालना चाहिए।' पुणे में लगाए गए कर्फ्यू पर सवाल उठाते हुए पूछा — 'क्या सरकार को पुणे के लोगों पर विश्वास नहीं है?' नीट पेपर लीक और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग गड़बड़ी को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और NTA-CBSE के जिम्मेदारों को हटाने की माँग की।
अल नीनो के असर से शहरों और गाँवों में जल संकट गहराने की चेतावनी दी।

शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने 29 मई को मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए पुणे-पिंपरी जहरीली शराब कांड में हुई गिरफ्तारियों को महज 'कार्रवाई का दिखावा' करार दिया और महाराष्ट्र की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने नीट पेपर लीक विवाद और मुंबई की मानसून तैयारियों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।

जहरीली शराब कांड पर तीखा हमला

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा गिरफ्तारियों का दावा किए जाने पर ठाकरे ने कहा, 'गिरफ्तारियां सिर्फ कार्रवाई दिखाने के लिए की जाती हैं।' उन्होंने पुणे के उस वायरल वीडियो का भी ज़िक्र किया जिसमें पोर्श कार से दो लोगों को कुचलने के आरोपी लड़के को जेल से बाहर आते ही जश्न मनाते देखा गया था। ठाकरे ने कहा, 'ऐसे लोगों के पूरे परिवार को जेल में डालना चाहिए।'

उन्होंने पुणे में लगाए गए कर्फ्यू पर भी सवाल उठाते हुए कहा, 'यह किस लिए है, यह पता नहीं है। क्या पुणे के लोगों पर सरकार को विश्वास नहीं है?' उनके अनुसार महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था की स्थिति गंभीर रूप से बिगड़ चुकी है।

नीट पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग

नीट पेपर लीक और परीक्षा में हुई अनियमितताओं पर ठाकरे ने कहा कि 'नीट और सीबीएसई परीक्षाओं में अभूतपूर्व अराजकता न केवल संबंधित बोर्डों और शिक्षा मंत्रालय की अक्षमता का प्रमाण है, बल्कि यह हमारे देश की वैश्विक प्रतिष्ठा, विश्वसनीयता और भारत के मेहनती, प्रतिभाशाली और महत्वाकांक्षी छात्रों की रोजगार क्षमता पर भी एक बड़ा झटका है।'

उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और NTA तथा CBSE बोर्डों के जिम्मेदार सदस्यों को हटाने की माँग करते हुए कहा कि ऐसा किए बिना लाखों छात्रों और उनके परिवारों को न्याय नहीं मिल सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) की लापरवाही और पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा न मिली तो 'विकसित भारत 2047' के नारे खोखले साबित होंगे।

मानसून और जल संकट पर चिंता

मुंबई और महाराष्ट्र की मानसून तैयारियों पर ठाकरे ने कहा कि अल नीनो के प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। उनके अनुसार शहरों में पहले से पानी की कमी है और गाँवों में भी जल भंडार सूखते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'यह स्पष्ट नहीं है कि मानसून आया है या नहीं, लेकिन अल नीनो के प्रभाव साफ दिखाई दे रहे हैं।'

विपक्ष की व्यापक रणनीति

यह ऐसे समय में आया है जब शिवसेना (यूबीटी) महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन पर कई मोर्चों से दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि पुणे जहरीली शराब कांड, पोर्श कार दुर्घटना और नीट विवाद — तीनों मुद्दे राज्य और केंद्र सरकार की जवाबदेही को लेकर विपक्ष के लिए बड़े हथियार बन चुके हैं। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पोर्श कार दुर्घटना और नीट, तीनों में सरकारी जवाबदेही का सवाल है। लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या शिवसेना (यूबीटी) इन मुद्दों को सड़क पर आंदोलन में बदल पाती है या ये बयान मीडिया बाइट तक सीमित रहते हैं। पुणे कर्फ्यू पर उनका सवाल वाजिब है, पर नीट पर धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की माँग केंद्र की नीति को प्रभावित करने की उनकी सीमित क्षमता को देखते हुए प्रतीकात्मक अधिक लगती है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आदित्य ठाकरे ने पुणे जहरीली शराब कांड पर क्या कहा?
आदित्य ठाकरे ने कहा कि इस कांड में हुई गिरफ्तारियां केवल कार्रवाई का दिखावा हैं और महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने पोर्श कार दुर्घटना के आरोपी के जेल से बाहर आकर जश्न मनाने का भी उल्लेख किया।
पुणे में कर्फ्यू क्यों लगाया गया और ठाकरे ने क्या सवाल उठाए?
जहरीली शराब कांड के बाद पुणे में कर्फ्यू लगाया गया। ठाकरे ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह किस लिए है, यह स्पष्ट नहीं है और पूछा कि क्या सरकार को पुणे के लोगों पर विश्वास नहीं है।
नीट पेपर लीक पर आदित्य ठाकरे की क्या माँग है?
ठाकरे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और NTA तथा CBSE के जिम्मेदार सदस्यों को हटाने की माँग की है। उनका कहना है कि ऐसा किए बिना लाखों प्रभावित छात्रों को न्याय नहीं मिल सकता।
मानसून और जल संकट पर ठाकरे ने क्या चेतावनी दी?
ठाकरे ने कहा कि अल नीनो के प्रभाव स्पष्ट दिख रहे हैं और शहरों के साथ-साथ गाँवों में भी जल भंडार सूख रहे हैं। उन्होंने मानसून की अनिश्चितता को लेकर चिंता जताई।
पोर्श कार दुर्घटना मामले से इस विवाद का क्या संबंध है?
ठाकरे ने पुणे के उस वायरल वीडियो का संदर्भ दिया जिसमें पोर्श कार से दो लोगों को कुचलने के आरोपी लड़के को जेल से बाहर आते ही जश्न मनाते देखा गया। उन्होंने इसे महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था की विफलता का प्रमाण बताया।
राष्ट्र प्रेस
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