पुणे जहरीली शराब कांड: आदित्य ठाकरे बोले — गिरफ्तारियां महज दिखावा, कानून व्यवस्था ध्वस्त
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने 29 मई को मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए पुणे-पिंपरी जहरीली शराब कांड में हुई गिरफ्तारियों को महज 'कार्रवाई का दिखावा' करार दिया और महाराष्ट्र की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने नीट पेपर लीक विवाद और मुंबई की मानसून तैयारियों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
जहरीली शराब कांड पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा गिरफ्तारियों का दावा किए जाने पर ठाकरे ने कहा, 'गिरफ्तारियां सिर्फ कार्रवाई दिखाने के लिए की जाती हैं।' उन्होंने पुणे के उस वायरल वीडियो का भी ज़िक्र किया जिसमें पोर्श कार से दो लोगों को कुचलने के आरोपी लड़के को जेल से बाहर आते ही जश्न मनाते देखा गया था। ठाकरे ने कहा, 'ऐसे लोगों के पूरे परिवार को जेल में डालना चाहिए।'
उन्होंने पुणे में लगाए गए कर्फ्यू पर भी सवाल उठाते हुए कहा, 'यह किस लिए है, यह पता नहीं है। क्या पुणे के लोगों पर सरकार को विश्वास नहीं है?' उनके अनुसार महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था की स्थिति गंभीर रूप से बिगड़ चुकी है।
नीट पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग
नीट पेपर लीक और परीक्षा में हुई अनियमितताओं पर ठाकरे ने कहा कि 'नीट और सीबीएसई परीक्षाओं में अभूतपूर्व अराजकता न केवल संबंधित बोर्डों और शिक्षा मंत्रालय की अक्षमता का प्रमाण है, बल्कि यह हमारे देश की वैश्विक प्रतिष्ठा, विश्वसनीयता और भारत के मेहनती, प्रतिभाशाली और महत्वाकांक्षी छात्रों की रोजगार क्षमता पर भी एक बड़ा झटका है।'
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और NTA तथा CBSE बोर्डों के जिम्मेदार सदस्यों को हटाने की माँग करते हुए कहा कि ऐसा किए बिना लाखों छात्रों और उनके परिवारों को न्याय नहीं मिल सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) की लापरवाही और पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा न मिली तो 'विकसित भारत 2047' के नारे खोखले साबित होंगे।
मानसून और जल संकट पर चिंता
मुंबई और महाराष्ट्र की मानसून तैयारियों पर ठाकरे ने कहा कि अल नीनो के प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। उनके अनुसार शहरों में पहले से पानी की कमी है और गाँवों में भी जल भंडार सूखते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'यह स्पष्ट नहीं है कि मानसून आया है या नहीं, लेकिन अल नीनो के प्रभाव साफ दिखाई दे रहे हैं।'
विपक्ष की व्यापक रणनीति
यह ऐसे समय में आया है जब शिवसेना (यूबीटी) महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन पर कई मोर्चों से दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि पुणे जहरीली शराब कांड, पोर्श कार दुर्घटना और नीट विवाद — तीनों मुद्दे राज्य और केंद्र सरकार की जवाबदेही को लेकर विपक्ष के लिए बड़े हथियार बन चुके हैं। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।