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महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक: संजय निरुपम बोले — अंतरराज्यीय माफिया और कोचिंग नेटवर्क की हो निष्पक्ष जांच

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महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक: संजय निरुपम बोले — अंतरराज्यीय माफिया और कोचिंग नेटवर्क की हो निष्पक्ष जांच

सारांश

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक सिर्फ एक राज्य का मामला नहीं — बिहार और हरियाणा से गिरफ्तारियाँ, दिल्ली से भिवंडी तक का रूट, और ₹1.5 करोड़ की कथित सौदेबाज़ी बताती है कि परीक्षा माफिया का जाल कितना गहरा है। शिवसेना की माँग है — निष्पक्ष जांच, वरना लाखों छात्रों का भविष्य दाँव पर रहेगा।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में अंतरराज्यीय संगठित गिरोह की निष्पक्ष जांच की माँग की।
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया — राजीव शॉ और आकाश कुमार (बिहार), धीरज सिंह (हरियाणा)।
कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता बिहार के समस्तीपुर जिले का निवासी; अभी फरार बताया जा रहा है।
आरोप है कि प्रश्नपत्र दिल्ली से भिवंडी लाया गया और करीब ₹1.5 करोड़ में बेचने की तैयारी थी।
निरुपम ने कहा — कुछ कोचिंग संस्थानों की भी कथित भूमिका हो सकती है; सरकारी जांच का स्वागत किया।

शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कोई छोटे स्तर का अपराध नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक संगठित गिरोह की करतूत है। 28 जून 2026 को मुंबई में बातचीत के दौरान उन्होंने माँग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

मुख्य आरोप और माँग

निरुपम ने कहा कि बिहार और हरियाणा में हुई गिरफ्तारियाँ यह साबित करती हैं कि पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है। उनका दावा है कि इस पूरे नेटवर्क में कुछ कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों की भी कथित भूमिका हो सकती है, जो अपने छात्रों को 'हर हाल में सफल' बनाने की होड़ में ऐसे गिरोहों से संपर्क में आ सकते हैं।

उन्होंने कहा, 'प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर लीक कराने वाला एक बड़ा माफिया सक्रिय है, जो मेहनत करने वाले लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।' निरुपम ने सरकार द्वारा शुरू की गई जांच का स्वागत किया, लेकिन यह भी जोड़ा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगे।

गिरफ्तारियाँ और मामले का विवरण

महाराष्ट्र पुलिस ने टीईटी 2026 पेपर लीक मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले का कथित मास्टरमाइंड बिहार के समस्तीपुर जिले के शेरपुर गांव का निवासी बिजेंद्र गुप्ता है, जो लंबे समय से परीक्षा माफिया से जुड़ा बताया जा रहा है।

पुलिस ने उसके तीन कथित सहयोगियों — बिहार के राजीव शॉ, आकाश कुमार और हरियाणा के धीरज सिंह — को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये तीनों दिल्ली से प्रश्नपत्र लेकर भिवंडी पहुँचे थे और इसे करीब ₹1.5 करोड़ में बेचने की तैयारी में थे।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएँ राजनीतिक बहस का केंद्र बनी हुई हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में अनेक राज्यों में परीक्षा धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं, जिनमें संगठित गिरोहों की भूमिका उजागर हुई है। महाराष्ट्र का यह मामला उस व्यापक पैटर्न की एक और कड़ी माना जा रहा है।

आगे क्या होगा

निरुपम के अनुसार, जांच पूरी होने पर इस गिरोह के और तार सामने आ सकते हैं। पुलिस अभी मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता की तलाश में है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में केंद्रीय एजेंसियों की भागीदारी से ही अंतरराज्यीय नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ा जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अभी तक केवल कथित — इसे तथ्य-आधारित जांच से साबित करना होगा। असली सवाल यह है कि ₹1.5 करोड़ में बिकने वाला पेपर आखिर पहुँचा कहाँ से, और उस श्रृंखला में ऊपर तक कौन शामिल है — जब तक वह जवाब नहीं मिलता, गिरफ्तारियाँ महज़ निचली कड़ियाँ हैं।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र टीईटी 2026 पेपर लीक मामला क्या है?
महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक होने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, आरोपी दिल्ली से पेपर लेकर भिवंडी पहुँचे थे और इसे करीब ₹1.5 करोड़ में बेचने की योजना थी।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
महाराष्ट्र पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है — बिहार के राजीव शॉ और आकाश कुमार, तथा हरियाणा के धीरज सिंह। कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता की तलाश जारी है।
संजय निरुपम ने क्या माँग की है?
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने माँग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, अंतरराज्यीय गिरोह के सभी तार उजागर किए जाएँ और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कोचिंग संस्थानों की कथित संलिप्तता की भी जांच की माँग की।
इस पेपर लीक नेटवर्क में कोचिंग संस्थानों की भूमिका क्या बताई जा रही है?
निरुपम ने आरोप लगाया कि कुछ कोचिंग संस्थान छात्रों को 'हर हाल में सफल' बनाने की होड़ में ऐसे गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं। हालाँकि यह अभी कथित आरोप है और जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
यह मामला अंतरराज्यीय क्यों माना जा रहा है?
गिरफ्तार आरोपी बिहार और हरियाणा के हैं, कथित मास्टरमाइंड बिहार के समस्तीपुर का निवासी है, और पेपर दिल्ली से महाराष्ट्र के भिवंडी तक लाया गया बताया जा रहा है। यह बहु-राज्यीय संपर्क ही इसे अंतरराज्यीय संगठित अपराध की श्रेणी में रखता है।
राष्ट्र प्रेस
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