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नीट पेपर लीक: शिवसेना (यूबीटी) के आनंद दुबे बोले — छात्र आंदोलन को बदनाम करना बंद करे सरकार

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नीट पेपर लीक: शिवसेना (यूबीटी) के आनंद दुबे बोले — छात्र आंदोलन को बदनाम करना बंद करे सरकार

सारांश

नीट पेपर लीक पर शिवसेना (यूबीटी) के आनंद दुबे ने केंद्र सरकार को सीधी चेतावनी दी — छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को बदनाम करना बंद हो। साथ ही 26 जुलाई को उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के नेतृत्व में मुंबई में बड़े मार्च का ऐलान।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने 24 जुलाई को केंद्र सरकार से नीट छात्र आंदोलन को बदनाम न करने की माँग की।
नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन बिहार, प्रयागराज, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में जारी है।
दुबे ने PM मोदी की प्रतिक्रिया को 'बहुत देर से आई' बताया; फास्ट ट्रैक कोर्ट पर कैबिनेट में चर्चा का उल्लेख किया।
छात्रों की माँग — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पद से इस्तीफा दें।
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे 26 जुलाई को शिवतीर्थ से सिद्धिविनायक मंदिर तक मार्च निकालेंगे।
दुबे ने संसद में नीट मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने की माँग की।

शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने 24 जुलाई को मुंबई में नीट पेपर लीक मामले और देशभर में जारी छात्र आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार को शांतिपूर्ण और छात्रहित में चल रहे इस आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश बंद करनी चाहिए।

आंदोलन पर दुबे का रुख

दुबे ने स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रदर्शन में कोई अनियमितता या देश-विरोधी गतिविधि सामने आए, तो पुलिस को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। लेकिन उन्होंने चेताया कि इस बहाने छात्रों के हित में चल रहे जंतर-मंतर जैसे शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को प्रभावित या कलंकित नहीं किया जाना चाहिए।

राष्ट्रव्यापी संकट

दुबे ने रेखांकित किया कि नीट पेपर लीक का मुद्दा महज दिल्ली तक सीमित नहीं है — बिहार, प्रयागराज और महाराष्ट्र सहित देश के कई राज्यों में छात्र सड़कों पर उतरे हैं। यह लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है और उन्होंने माँग की कि सरकार उनकी चिंताओं को संजीदगी से सुने।

PM मोदी की प्रतिक्रिया पर सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नीट मामले पर जारी वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए दुबे ने कहा कि यह प्रतिक्रिया बहुत देर से आई है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में फास्ट ट्रैक कोर्ट का मुद्दा कैबिनेट में उठाने की बात कही है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह कदम पहले उठाया जाना चाहिए था।

दुबे ने यह भी कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है, परंतु छात्रों की माँग अब भी कायम है — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने सरकार से माँग की कि इस विषय पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए और शीघ्र समाधान निकाला जाए।

26 जुलाई का मार्च

दुबे ने घोषणा की कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे 26 जुलाई को शिवतीर्थ से सिद्धिविनायक मंदिर तक मार्च निकालेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह रैली किसी एक राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जन आंदोलन है।

आगे की राह

दुबे ने चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर जितनी अधिक देरी होगी, उतना ही देश और छात्रों का नुकसान होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से लोकतांत्रिक तरीके से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की। यह ऐसे समय में आया है जब पेपर लीक की घटनाएँ बार-बार सामने आ रही हैं और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस मुद्दे की राजनीतिक व्यापकता को दर्शाता है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार संसद में सार्थक चर्चा की अनुमति देगी या प्रक्रियागत देरी से काम चलाती रहेगी — क्योंकि पेपर लीक की यह समस्या एक बार की घटना नहीं, बल्कि प्रणालीगत विफलता का संकेत है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट पेपर लीक मामले में शिवसेना (यूबीटी) का क्या रुख है?
शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने केंद्र सरकार से माँग की है कि नीट पेपर लीक के खिलाफ चल रहे शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन को बदनाम न किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई अनियमितता हो तो पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करे, लेकिन पूरे आंदोलन को संदिग्ध न बनाया जाए।
26 जुलाई को मुंबई में कौन-सा मार्च निकाला जाएगा?
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे 26 जुलाई को शिवतीर्थ से सिद्धिविनायक मंदिर तक मार्च निकालेंगे। यह मार्च परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार के खिलाफ जन आंदोलन के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
छात्रों की मुख्य माँगें क्या हैं?
छात्रों की प्रमुख माँग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाया जाए। इसके अलावा संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की माँग भी उठाई जा रही है।
PM मोदी ने नीट मामले पर क्या कहा और विपक्ष ने क्या आपत्ति जताई?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर फास्ट ट्रैक कोर्ट का मुद्दा कैबिनेट में उठाने की बात कही। आनंद दुबे ने इस प्रतिक्रिया को 'बहुत देर से आई' बताते हुए कहा कि सरकार को पहले ही कदम उठाने चाहिए थे।
नीट पेपर लीक का विरोध किन-किन राज्यों में हो रहा है?
नीट पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बिहार, प्रयागराज, महाराष्ट्र और दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के कई राज्यों में जारी है। दुबे ने इसे राष्ट्रव्यापी छात्र संकट बताते हुए सरकार से तत्काल संज्ञान लेने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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