28 जून 2026
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महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक: बिहार के 25 साल पुराने परीक्षा माफिया समेत तीन गिरफ्तार, ₹1.5 करोड़ में बेचने की थी साजिश

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महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक: बिहार के 25 साल पुराने परीक्षा माफिया समेत तीन गिरफ्तार, ₹1.5 करोड़ में बेचने की थी साजिश

सारांश

महाराष्ट्र पुलिस ने टीईटी 2026 पेपर लीक में बिहार और हरियाणा के तीन आरोपियों को भिवंडी से दबोचा। मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता 25 साल से परीक्षा माफिया नेटवर्क चला रहा था — बिहार पुलिस चार साल में नहीं पकड़ सकी। पेपर ₹1.5 करोड़ में बेचा जाना था; परीक्षा 1,028 केंद्रों पर स्थगित।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र पुलिस ने 28 जून 2026 को टीईटी 2026 पेपर लीक मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार किए।
मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता ( समस्तीपुर, बिहार ) कथित तौर पर 25 वर्षों से परीक्षा माफिया से जुड़ा है।
अन्य गिरफ्तार आरोपी: राजीव शॉ , आकाश कुमार (बिहार) और धीरज सिंह (हरियाणा)।
आरोप है कि प्रश्नपत्र दिल्ली से लाकर ₹1.5 करोड़ में बेचने की तैयारी थी।
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने 1,028 केंद्रों पर होने वाली परीक्षा स्थगित की।
बिहार पुलिस पिछले चार वर्षों से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में नाकाम रही थी।

महाराष्ट्र पुलिस ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2026 पेपर लीक मामले में 28 जून 2026 को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया — जिनमें बिहार के दो और हरियाणा का एक व्यक्ति शामिल है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता देशव्यापी परीक्षा माफिया नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड है, जो बिहार के समस्तीपुर जिले के शेरपुर गांव का रहने वाला है।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

27 जून 2026 की सुबह भिवंडी पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कुछ संदिग्धों के पास टीईटी प्रश्नपत्र से जुड़ी सामग्री है। सूचना के आधार पर पुलिस उपायुक्त पवन बनसोड के नेतृत्व में छापेमारी की गई। मौके पर महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों को बुलाया गया और बरामद सामग्री का मिलान परीक्षा के प्रश्नपत्र से कराया गया, जो मेल खाती पाई गई।

इसके बाद पुलिस ने बिहार के राजीव शॉ, आकाश कुमार और हरियाणा के धीरज सिंह को हिरासत में लिया। आरोप है कि तीनों दिल्ली से प्रश्नपत्र लेकर भिवंडी पहुँचे थे और इसे करीब ₹1.5 करोड़ में बेचने की तैयारी में थे। मामला भिवंडी पुलिस स्टेशन में दर्ज कर लिया गया है।

मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता की पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, बिजेंद्र गुप्ता पिछले करीब 25 वर्षों से देशभर में पेपर लीक नेटवर्क से जुड़ा बताया जाता है और वह पहले भी कई मामलों में आरोपी रह चुका है। उल्लेखनीय है कि बिहार पुलिस भी पिछले चार वर्षों से उसे गिरफ्तार करने में नाकाम रही थी। अब महाराष्ट्र पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

परीक्षा स्थगन और परिषद का फैसला

महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने पेपर लीक की आशंका के चलते टीईटी 2026 को स्थगित कर दिया। यह परीक्षा पूरे महाराष्ट्र में 1,028 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होनी थी। परिषद ने परीक्षा सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए थे — विशेषकर नीट 2026 में सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए। इसके बावजूद गुप्त सूचना मिलने पर पूरे मामले की जांच शुरू की गई।

आम अभ्यर्थियों पर असर

यह घटना उन लाखों अभ्यर्थियों के लिए झटका है जो टीईटी की तैयारी में महीनों की मेहनत लगा चुके थे। परीक्षा स्थगन से उनकी नियुक्ति प्रक्रिया अनिश्चितकाल के लिए टल गई है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

आगे की जांच

महाराष्ट्र पुलिस इस नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगालने में जुटी है। जांचकर्ताओं के अनुसार, प्रश्नपत्र दिल्ली से लाया गया था, जो यह संकेत देता है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक संगठित अखिल-भारतीय उद्योग बन चुका है। राज्य परीक्षा परिषद के 'विशेष इंतजाम' के बावजूद लीक हुआ, जो यह दर्शाता है कि तकनीकी सुरक्षा और खुफिया तंत्र में बुनियादी खामियाँ बनी हुई हैं। जब तक राज्यों के बीच वास्तविक समन्वय और केंद्रीय निगरानी ढाँचा नहीं बनता, गिरफ्तारियाँ नेटवर्क को तोड़ने की बजाय उसे कुछ समय के लिए बाधित भर करेंगी।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र टीईटी 2026 पेपर लीक मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
महाराष्ट्र पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया — बिहार के राजीव शॉ और आकाश कुमार, तथा हरियाणा के धीरज सिंह। मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता, जो बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है, इस कथित नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
टीईटी 2026 परीक्षा क्यों स्थगित की गई?
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद परीक्षा स्थगित की। भिवंडी में छापेमारी के दौरान बरामद सामग्री का मिलान परीक्षा के प्रश्नपत्र से हुआ, जिसके बाद परिषद ने यह कदम उठाया।
बिजेंद्र गुप्ता कौन है और उसका रिकॉर्ड क्या है?
पुलिस के अनुसार बिजेंद्र गुप्ता बिहार के समस्तीपुर जिले के शेरपुर गांव का निवासी है और कथित तौर पर 25 वर्षों से देशव्यापी पेपर लीक नेटवर्क से जुड़ा है। वह पहले भी कई मामलों में आरोपी रह चुका है और बिहार पुलिस पिछले चार वर्षों से उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी थी।
पेपर लीक की साजिश कैसे अंजाम दी जानी थी?
आरोप है कि तीनों आरोपी दिल्ली से प्रश्नपत्र लेकर भिवंडी पहुँचे थे और उसे करीब ₹1.5 करोड़ में बेचने की तैयारी में थे। 27 जून 2026 की सुबह मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर उन्हें पकड़ा।
टीईटी 2026 परीक्षा में कितने परीक्षार्थी प्रभावित हुए?
परीक्षा महाराष्ट्र भर के 1,028 केंद्रों पर आयोजित होनी थी। स्थगन से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं; नई परीक्षा तिथि की घोषणा अभी नहीं हुई है और जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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