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महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक: धुले के शिक्षकों में गहरा आक्रोश, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

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महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक: धुले के शिक्षकों में गहरा आक्रोश, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

सारांश

महाराष्ट्र टीईटी-2026 का पेपर लीक होने से 28 जून की परीक्षा रद्द हो गई। धुले के शिक्षकों ने महीनों की तैयारी बर्बाद होने पर आक्रोश जताया। भिवंडी में तीन आरोपी 6 जुलाई तक पुलिस हिरासत में, बिहार-यूपी कनेक्शन की जांच जारी।

मुख्य बातें

28 जून 2026 को होने वाली महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द कर दी गई।
धुले के शिक्षकों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की माँग की।
शिक्षक किरण पाटिल ने कहा कि 20 साल के अनुभव के बाद भी परीक्षा लेना अन्याय है।
भिवंडी में 3 आरोपियों को कोर्ट ने 6 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा।
अधिवक्ता नीलेश गायकवाड के अनुसार आरोपियों का संबंध बिहार और राजस्थान से है; शिक्षा विभाग से स्थानीय संलिप्तता की भी जांच होगी।
आरोपी धीरज सिंह के वकील ने दावा किया कि मुवक्किल बीमार हैं, 3 महीने पहले सर्जरी हुई थी और कोई बरामदगी नहीं है।

महाराष्ट्र के धुले में शिक्षकों ने 28 जून 2026 को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के पेपर लीक पर गहरी निराशा और आक्रोश व्यक्त किया है। महीनों की कड़ी मेहनत के बाद परीक्षा रद्द होने से हज़ारों अभ्यर्थी शिक्षकों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। शिक्षकों ने एकजुट होकर मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की माँग उठाई है।

शिक्षकों की पीड़ा: महीनों की तैयारी पर पानी फिरा

शिक्षक गिरीश पाटिल ने कहा कि टीईटी-2026 की परीक्षा के लिए शिक्षकों ने मई महीने से ही तैयारी शुरू कर दी थी। दिन में जनगणना और एसआईआर (Special Intensive Revision) जैसे सरकारी कार्य निपटाने के बाद बचे समय में वे पढ़ाई करते थे। उन्होंने बताया कि 15 जून को स्कूल खुलने के बाद शिक्षण की जिम्मेदारी भी कंधों पर आ गई, फिर भी शिक्षकों ने परीक्षा की तैयारी जारी रखी।

पाटिल ने कहा, 'शासन से मांग है कि पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाए।' उनके अनुसार परीक्षा रद्द होने से पूरे प्रदेश के शिक्षकों में अनिश्चितता और हताशा का वातावरण बन गया है।

अनुभवी शिक्षकों का सवाल: 20 साल बाद भी परीक्षा क्यों?

प्राइमरी शिक्षक किरण पाटिल ने इस पूरे प्रकरण पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश में परीक्षा पेपर लीक होना दुर्भाग्यपूर्ण है और करीब 20 साल के अनुभव के बाद भी शिक्षकों की परीक्षा लेना अन्याय है। किरण पाटिल के अनुसार शिक्षकों पर शिक्षण के अतिरिक्त एसआईआर और जनगणना जैसे अनेक प्रशासनिक कार्यों का बोझ पहले से ही है।

उन्होंने कहा, 'शिक्षकों ने इन सब जिम्मेदारियों के बावजूद परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की, लेकिन पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द हो गई।' उन्होंने माँग की कि इस प्रकरण में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के बाद दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।

भिवंडी में तीन आरोपी 6 जुलाई तक पुलिस हिरासत में

भिवंडी में टीईटी पेपर लीक मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों को 6 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। आरोपियों के अधिवक्ता नीलेश गायकवाड और मारिया अंसारी ने रिमांड आदेश पर बचाव पक्ष का पक्ष रखा।

अधिवक्ता गायकवाड ने बताया कि इस मामले के आरोपियों का संबंध बिहार और कुछ हद तक राजस्थान से है। उन्होंने कहा, 'टीईटी का पेपर महाराष्ट्र का शिक्षा विभाग तैयार करता है, पेपर महाराष्ट्र में लीक होता है और पकड़े गए आरोपी बिहार व यूपी के हैं — ऐसे में यह स्वाभाविक संदेह उठता है कि शिक्षा विभाग से जुड़ा कोई स्थानीय व्यक्ति भी इसमें शामिल हो सकता है।' अधिवक्ता अंसारी ने बताया कि 6 दिनों की हिरासत के दौरान महाराष्ट्र के आरोपियों की भी जांच की जाएगी।

आरोपी धीरज सिंह के वकील का बचाव पक्ष

आरोपी धीरज सिंह की ओर से पेश दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सितेंद्र रेड्धू ने कहा कि उनके मुवक्किल को जबरदस्ती आरोपी बनाया गया है और उनके पास कोई बरामदगी नहीं है। उन्होंने बताया कि धीरज सिंह अपने दोस्तों के साथ महाराष्ट्र में घूमने आए थे।

अधिवक्ता रेड्धू ने यह भी बताया कि धीरज सिंह पहले से बीमार हैं और तीन महीने पहले उनकी सर्जरी हुई है। उन्होंने कोर्ट से पुलिस हिरासत की अवधि कम करने और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था, लेकिन उनकी दलीलें स्वीकार नहीं की गईं।

आगे क्या होगा

पुलिस अब 6 जुलाई तक तीनों आरोपियों से पूछताछ करेगी और महाराष्ट्र के शिक्षा विभाग से जुड़े संभावित तारों की जांच की जाएगी। शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन की राह अपनाएंगे। टीईटी परीक्षा की नई तिथि की घोषणा अभी तक नहीं हुई है, जिससे हज़ारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या शिक्षा विभाग की आंतरिक प्रक्रियाओं की भी पड़ताल होगी — जो अब तक की अधिकांश पेपर लीक जांचों में नहीं हुई।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र टीईटी 2026 परीक्षा क्यों रद्द की गई?
28 जून 2026 को होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का पेपर लीक हो जाने के कारण इसे रद्द कर दिया गया। पेपर लीक की पुष्टि के बाद अधिकारियों ने परीक्षा स्थगित करने का निर्णय लिया, जिससे हज़ारों अभ्यर्थी शिक्षक प्रभावित हुए।
भिवंडी में टीईटी पेपर लीक मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए और उनकी हिरासत कब तक है?
भिवंडी में इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें कोर्ट ने 6 जुलाई 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। हिरासत के दौरान पुलिस महाराष्ट्र के शिक्षा विभाग से संभावित संलिप्तता की जांच करेगी।
टीईटी पेपर लीक में बिहार और यूपी का क्या कनेक्शन है?
बचाव पक्ष के अधिवक्ता नीलेश गायकवाड के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का संबंध बिहार और राजस्थान से है। उनका तर्क है कि पेपर महाराष्ट्र में बनता और लीक होता है, इसलिए शिक्षा विभाग से जुड़ा कोई स्थानीय व्यक्ति भी इसमें शामिल हो सकता है, जिसकी जांच होनी चाहिए।
शिक्षकों की क्या मांगें हैं और वे परीक्षा प्रणाली पर क्यों सवाल उठा रहे हैं?
शिक्षकों ने पेपर लीक मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच तथा दोषियों को कड़ी सजा देने की माँग की है। इसके अलावा कई शिक्षकों ने यह भी सवाल उठाया है कि 20 साल के अनुभव के बावजूद उनसे टीईटी परीक्षा देने की अपेक्षा रखना और साथ में जनगणना व एसआईआर जैसे प्रशासनिक कार्य भी कराना अन्यायपूर्ण है।
टीईटी परीक्षा की नई तिथि कब घोषित होगी?
अभी तक महाराष्ट्र सरकार या शिक्षा विभाग ने टीईटी परीक्षा की नई तिथि की घोषणा नहीं की है। जांच प्रक्रिया पूरी होने और दोषियों की पहचान के बाद ही नई तिथि तय होने की संभावना है, जिससे हज़ारों अभ्यर्थियों का भविष्य फिलहाल अनिश्चित बना हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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