महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक: बिहार के मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता की तलाश में 10 पुलिस टीमें रवाना
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक मामले की जांच में बिहार कनेक्शन सामने आने के बाद अब मास्टरमाइंड की तलाश तेज हो गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, बिहार के समस्तीपुर निवासी बिजेंद्र कुमार गुप्ता को इस पेपर लीक कांड का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है, जो फिलहाल फरार है। 29 जून 2026 को मामले में नए खुलासे के बाद पुलिस की कार्रवाई और तेज हो गई है।
मुख्य घटनाक्रम
28 जून को महाराष्ट्र में 1,028 केंद्रों पर टीईटी आयोजित होनी थी, जिसमें 2 लाख 26 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल होने वाले थे। परीक्षा से एक दिन पहले, 27 जून की सुबह, भिवंडी पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोगों के पास प्रश्नपत्र से जुड़ी गोपनीय जानकारी मौजूद है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने छापेमारी की, जिसके बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया।
गिरफ्तारियां और आरोप
भिवंडी पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें बिहार के राजीव शॉ और आकाश कुमार, तथा हरियाणा के धीरज सिंह शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि तीनों दिल्ली से टीईटी का प्रश्नपत्र लेकर भिवंडी पहुंचे थे और इसे कथित तौर पर करीब ₹1.5 करोड़ में बेचने की तैयारी कर रहे थे।
मास्टरमाइंड और फरार आरोपियों की तलाश
जांच एजेंसियों के अनुसार, बिजेंद्र कुमार गुप्ता पहले भी पेपर लीक के मामलों में शामिल पाया जा चुका है, जिससे उसे परीक्षा माफिया का अनुभवी सदस्य माना जा रहा है। अब बिजेंद्र कुमार गुप्ता और एक अन्य फरार आरोपी कपिल दहिया को पकड़ने के लिए 10 विशेष पुलिस टीमें रवाना की गई हैं। अधिकारियों का मानना है कि बिजेंद्र की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क के कई और परतें खुलेंगी।
आम अभ्यर्थियों पर असर
टीईटी रद्द होने से 2 लाख 26 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। ये वे उम्मीदवार हैं जिन्होंने महीनों की मेहनत के बाद परीक्षा देने की तैयारी की थी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर पहले से ही गहरी चिंता व्याप्त है।
आगे क्या होगा
फिलहाल मामले की जांच जारी है और सभी फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। टीईटी की नई तारीख को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। बिजेंद्र कुमार गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क और इसके अंतरराज्यीय तारों का पूरा खुलासा होने की उम्मीद है।