राहुल गांधी का 152 पेपर लीक दावा निराधार, युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश: तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने 23 जुलाई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस दावे को पूरी तरह निराधार और भ्रामक करार दिया कि पिछले 12 वर्षों में देश में 152 पेपर लीक की घटनाएँ हुई हैं। हैदराबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान राव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों और युवाओं के नाम पर राजनीतिक रोटियाँ सेंकने में लगी है, जबकि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठा चुकी है।
रामचंद्र राव का पलटवार
राव ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी झूठ की जननी है। राहुल गांधी का 152 पेपर लीक वाला दावा पूरी तरह बेबुनियाद है।' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कठोर कानून बनाया है, जिसके तहत दोषियों के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
नीट मामले में कार्रवाई का हवाला
भाजपा नेता ने कहा कि हाल के नीट परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
कांग्रेस शासन पर पलटवार
राव ने याद दिलाया कि कांग्रेस के शासनकाल में भी पेपर लीक की अनेक घटनाएँ हुई थीं और उस दौर में पार्टी के नेताओं पर ही ऐसे मामलों में संलिप्तता के आरोप लगे थे। उन्होंने कहा कि अब वही पार्टी झूठे आँकड़े पेश कर जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है।
प्रदर्शनों पर सवाल
राव ने आरोप लगाया कि छात्रों के नाम पर आयोजित किए जा रहे प्रदर्शन वास्तव में छात्र आंदोलन नहीं हैं। उनका दावा है कि इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में गैर-छात्र, वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोग और असामाजिक तत्व शामिल हो रहे हैं, जबकि अधिकांश प्रतिभागियों का नीट परीक्षा से कोई सीधा संबंध नहीं है।
संसद में उठाएँ मुद्दा: राव
राव ने कहा कि यदि कांग्रेस के पास इस मुद्दे पर कोई ठोस तथ्य या शिकायत है, तो उसे सड़क पर राजनीति करने के बजाय संसद में उठाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कांग्रेस शिक्षा और परीक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों का राजनीतिकरण करके युवाओं को गुमराह करने में लगी है। यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब नीट विवाद को लेकर पूरे देश में छात्रों में असंतोष का माहौल है और विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश में है।