नीट पेपर लीक: सीकर के प्रदीप मेघवाल की मौत पर राहुल गांधी ने परिजनों को दिलाया न्याय का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 23 मई को राजस्थान के सीकर जिले के छात्र प्रदीप मेघवाल के परिजनों से फोन पर बात की। कथित तौर पर नीट पेपर लीक से आहत होकर प्रदीप ने आत्महत्या कर ली थी। राहुल गांधी ने शोकाकुल परिवार को हर संभव मदद और न्याय का आश्वासन दिया।
मुख्य घटनाक्रम
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) ने इस बातचीत का वीडियो एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया। पार्टी ने लिखा कि प्रदीप मेघवाल के परिवार ने उसकी पढ़ाई के लिए लाखों रुपये का कर्ज़ लिया था और उसे अपने चयन की पूरी उम्मीद थी, लेकिन पेपर लीक ने उसके सपने तोड़ दिए।
राहुल गांधी ने राष्ट्रीय छात्र संघ भारत (एनएसयूआई) के अध्यक्ष विनोद जाखड़ के फोन के ज़रिये परिवार से बात की। जाखड़ स्वयं पीड़ित परिवार के घर पहुँचे हुए थे।
एनएसयूआई की प्रतिक्रिया
एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने अपनी पोस्ट में लिखा कि राहुल गांधी पहले दिन से नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के साथ खड़े हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एनएसयूआई पूरे देश में पेपर लीक के विरुद्ध संघर्ष जारी रखेगी और जिन परिवारों ने अपने बच्चे खोए हैं, उनके साथ संगठन मज़बूती से खड़ा है।
कांग्रेस की माँग
कांग्रेस ने पेपर लीक के लिए ज़िम्मेदार माफियाओं को सख्त सज़ा देने की माँग की है। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की भी माँग की, यह तर्क देते हुए कि परीक्षा प्रणाली की यह विफलता उनकी सीधी ज़िम्मेदारी है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर पूरे देश में छात्रों और अभिभावकों में गहरा रोष है। प्रदीप मेघवाल की मौत इस संकट का मानवीय चेहरा बन गई है — एक ऐसे परिवार की कहानी जिसने कर्ज़ लेकर सपने पाले और पेपर लीक ने उन्हें चकनाचूर कर दिया। गौरतलब है कि नीट पेपर लीक का यह मामला देश में परीक्षा सुधार की बहस को नई धार दे रहा है।
आगे क्या
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तक अपना आंदोलन जारी रखेगी। एनएसयूआई ने राष्ट्रव्यापी विरोध-प्रदर्शन का संकेत दिया है। इस घटना के बाद नीट परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों पर कार्रवाई की माँग और तेज़ होने की संभावना है।