नीट पेपर लीक: बिहार NDA नेताओं ने राहुल गांधी के आरोपों को नकारा, कहा — 'CBI जांच जारी, छात्रों को न्याय मिलेगा'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 22 मई — नीट पेपर लीक विवाद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के तीखे आरोपों के जवाब में बिहार NDA के वरिष्ठ नेताओं ने पलटवार किया है। नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार मामले की गहन जांच करा रही है और प्रभावित छात्रों को जल्द न्याय दिलाने के लिए पुनः परीक्षा की तैयारी भी की जा रही है।
बिहार उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने राहुल गांधी के बयानों पर सीधी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'केंद्र सरकार नीट परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं की पूरी तरह से जांच कर रही है और तुरंत दोबारा परीक्षा आयोजित करने की तैयारी में है, ताकि छात्रों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।' उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी के बयानों को गंभीरता से लेना बंद कर देना चाहिए, अन्यथा उन्हें बेवजह महत्व मिलता है।
BJP और JDU का रुख
बिहार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि 'केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच जारी है। CBI इस मामले की छानबीन कर रही है और कुछ गिरफ्तारियां भी की हैं। इसलिए अब हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि CBI अपनी रिपोर्ट में क्या पेश करती है।'
जनता दल (यूनाइटेड) — JDU के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा, 'छात्रों को न्याय मिलना चाहिए। केंद्र सरकार ने यह मामला CBI को सौंप दिया है। संसदीय समिति ने भी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को तलब किया है। इस बार स्थिति निर्णायक है और पेपर लीक में शामिल संगठित गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने की संभावना है।'
राहुल गांधी के आरोप
इससे पहले, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'नीट पेपर लीक ने लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया। कई बच्चों ने तो अपनी जान तक गंवा दी। और सरकार ने न जिम्मेदारी ली, न धर्मेंद्र प्रधान को हटाया, न एक शब्द कहा।'
राहुल गांधी ने आगे लिखा, 'हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और देश में पेपर लीक रोकने के लिए एक मजबूत और सुरक्षित सिस्टम नहीं बनता। यह लड़ाई हर उस छात्र के लिए है जिसका भविष्य इस नाकाम सरकार ने चुराया।'
मामले की पृष्ठभूमि
नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों ने देशभर में विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया। केंद्र सरकार ने जांच CBI को सौंपी, जिसने अब तक कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। यह ऐसे समय में आया है जब NTA की कार्यप्रणाली पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। संसदीय समिति का NTA को तलब करना इस विवाद की गंभीरता को रेखांकित करता है।
आगे की राह
सरकार की ओर से पुनः परीक्षा की घोषणा अपेक्षित है, जो लाखों प्रभावित छात्रों को राहत दे सकती है। CBI की जांच रिपोर्ट और संसदीय समिति की सुनवाई के नतीजे आने वाले हफ्तों में इस विवाद की दिशा तय करेंगे।