राहुल गांधी देश के प्रति गंभीर नहीं, 'टाइम पाइस नेता' वाले बयान पर बोले बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बुधवार, 30 जून को पटना में कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश के लिए बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी को 'टाइम पाइस नेता' कहा था।
राहुल गांधी पर सरावगी का हमला
सरावगी ने कहा, लोकसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका निभाते हुए राहुल गांधी के भाषणों में देश को लेकर जो गंभीरता दिखनी चाहिए थी, वह दिखाई नहीं देती। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी कब देश में होते हैं और कब विदेश चले जाते हैं, यह पता ही नहीं चलता। उनके अनुसार, ऐसे में नितिन नवीन का 'टाइम पाइस नेता' वाला बयान पूरी तरह उचित है।
एनटीए पेपर लीक मामले पर बिहार का रुख
महाराष्ट्र में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के पेपर लीक मामले पर सरावगी ने स्पष्ट किया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि बिहार से भी इस मामले में एक गिरफ्तारी हो चुकी है और महाराष्ट्र सरकार को बिहार सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा।
तेजस्वी यादव की आलोचना पर पलटवार
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सरावगी ने कहा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार बेहतरीन काम कर रही है। उन्होंने बताया कि हफ्ते में दो बार आयोजित शिविरों में लाखों लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है और माह के अंतिम रविवार को पंचायत विकास शिविर भी लगाया जाता है। उन्होंने कहा कि अपराध उन्मूलन और विकास पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन तेजस्वी यादव को यह सब रास नहीं आता।
PM मोदी को सेशेल्स सम्मान पर प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स में मिले सर्वोच्च सम्मान — जो उनका 33वाँ विदेशी सम्मान बताया जा रहा है — पर सरावगी ने कहा कि मोदी विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। उनके अनुसार, मोदी की विदेश नीति, आर्थिक नीति और सैन्य नीति का प्रभाव पूरी दुनिया में है, इसीलिए उन्हें यह सम्मान मिल रहा है।
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में त्वरित कार्रवाई का दावा
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर सरावगी ने कहा कि बिहार में मात्र तीन दिनों के भीतर न्यायिक जाँच का ऐलान किया गया, जो अपने आप में अभूतपूर्व है। उन्होंने बताया कि प्रथम कैबिनेट बैठक में न्यायिक आयोग गठित किया गया और अगले ही दिन उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति 24 घंटे के भीतर घटनास्थल पर पहुँचे तथा भरत तिवारी के परिवार से मिले। सरावगी ने इसे मुख्यमंत्री की त्वरित कार्रवाई का उदाहरण बताया। आने वाले दिनों में न्यायिक आयोग की रिपोर्ट से इस मामले में और स्पष्टता आने की संभावना है।