छात्र आंदोलन में विपक्ष की 'राजनीतिक रोटी': बिहार भाजपा अध्यक्ष सरावगी का राहुल गांधी पर सीधा हमला
सारांश
मुख्य बातें
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने 25 जुलाई को पटना में विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दल छात्रों के आंदोलन का उपयोग अपने राजनीतिक हितों के लिए कर रहे हैं। सरावगी ने यह भी कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का युवाओं को लेकर दिया गया बयान पूरी तरह उचित था।
मोहन भागवत के बयान पर सरावगी की प्रतिक्रिया
संजय सरावगी ने कहा, 'मैंने भी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बयान सुना है और मुझे लगता है कि उन्होंने सही बात कही है।' उन्होंने इस संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आधी रात को युवाओं और छात्रों से की गई बातचीत का उल्लेख किया। सरावगी के अनुसार, उस संवाद को फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिकॉर्ड तोड़ प्रतिक्रिया मिली और लाखों नए फॉलोअर्स जुड़े।
राहुल गांधी पर सीधा आरोप
सरावगी ने कहा कि राहुल गांधी — जो लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं — छात्रों के मुद्दों का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे हैं और संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, 'उनका ध्यान सिर्फ अपने राजनीतिक फायदे साधने पर है। वह युवाओं को गुमराह कर रहे हैं।'
विपक्षी दलों पर आरोप और पटना हिंसा का संदर्भ
सरावगी ने राजद, आइसा और कम्युनिस्ट पार्टी सहित अन्य विपक्षी दलों पर भी छात्र आंदोलन की आड़ में राजनीतिक स्वार्थ साधने का आरोप लगाया। उन्होंने पटना में हुई तोड़-फोड़ का हवाला देते हुए कहा कि एक आइसा विधायक को गिरफ्तार किया गया। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के आरोप छात्रों की वास्तविक माँगों से ध्यान हटाने का प्रयास हैं।
बांकीपुर उपचुनाव और भाजपा की तैयारी
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सरावगी ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वयं पटना की माटी के सपूत हैं और उस क्षेत्र से पाँच बार विजयी रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि एनडीए-समर्थित उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा — जो एक सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से आते हैं और किराए के मकान में रहते हैं — भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे। सिन्हा पार्टी के मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं।
आरएमएल विधायक और बिहार बंद पर प्रतिक्रिया
आरएमएल विधायक माधव आनंद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता का कारण उनका व्यक्तिगत संवाद का तरीका है — चाहे नीट विवाद हो या कोई अन्य मसला। विपक्ष द्वारा बुलाए गए बिहार बंद को लेकर माधव आनंद ने कहा कि जेपी नड्डा ने स्वयं जाकर अनशन समाप्त कराया और फास्ट ट्रैक कोर्ट की बात की। उन्होंने विपक्ष को 'नेतृत्व विहीन' बताते हुए बंद के आह्वान को अनुचित करार दिया। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब छात्र परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर देशभर में आवाज उठा रहे हैं।