22 जुलाई 2026
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पटना में BJP-कांग्रेस कार्यकर्ताओं की झड़प: सरावगी बोले — 'ये अराजकता फैलाने की साजिश'

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पटना में BJP-कांग्रेस कार्यकर्ताओं की झड़प: सरावगी बोले — 'ये अराजकता फैलाने की साजिश'

सारांश

पटना में BJP के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ झड़प में कई BJP कार्यकर्ता और पत्रकार घायल हुए। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे सुनियोजित अराजकता करार देते हुए राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा।

मुख्य बातें

पटना में 22 जुलाई 2026 को BJP और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प; BJP कार्यालय, मुख्यमंत्री आवास और राजभवन के निकट पत्थरबाजी।
BJP के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा — 'ये अराजकता फैलाने की सुनियोजित कोशिश है।' सरावगी का आरोप: पत्थरबाजी के दौरान कांग्रेस प्रभारी स्वयं मौके पर मौजूद थे।
घटना में कई BJP कार्यकर्ता और पत्रकार घायल हुए; बच्चों को भी निशाना बनाने का आरोप।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर देश में अराजकता का माहौल बनाने का आरोप लगाया गया।

पटना में 22 जुलाई 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद BJP के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP कार्यालय, मुख्यमंत्री आवास और राजभवन के निकट विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी में पार्टी के कई कार्यकर्ता और पत्रकार घायल हो गए।

सरावगी का बयान: 'ये छात्र नहीं, अराजक तत्व'

सरावगी ने बुधवार को कहा, 'ये लोग अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। ये छात्र नहीं हैं — शिक्षा के मंदिर में पढ़ने वाले लोग ऐसा नहीं कर सकते।' उन्होंने दावा किया कि पत्थरबाजी के दौरान कांग्रेस के प्रभारी नेता स्वयं मौके पर नजर आ रहे थे। उनके अनुसार, यह घटना लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली है और किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राहुल गांधी पर निशाना

BJP नेता ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व पर भी हमला बोला। उनका आरोप था कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश में अराजकता का माहौल पैदा करना चाहते हैं और इसी नीति के तहत कार्यकर्ताओं ने पत्थरबाजी तथा हथियार फेंकने की कोशिश की। सरावगी ने यह भी कहा कि इस हिंसा की जद में बच्चों को भी लाने का प्रयास किया गया।

घटनाक्रम: क्या हुआ पटना में

सरावगी के अनुसार, पटना में कांग्रेस मुख्यालय के निकट BJP का एक राष्ट्रव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन आयोजित था। कथित तौर पर इसी दौरान पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिसमें BJP कार्यकर्ताओं के साथ-साथ कई पत्रकार भी घायल हुए। BJP का दावा है कि यह सुनियोजित तरीके से माहौल को अराजक बनाने की कोशिश थी।

आगे की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में राजनीतिक तनाव पहले से ऊँचा है। गौरतलब है कि BJP और कांग्रेस के बीच इस तरह की सड़क-स्तरीय झड़पें राज्य में पहले भी देखी जा चुकी हैं। सरावगी ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस मामले में कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर जवाब देगी और 'अराजक तत्वों के मंसूबे किसी भी हाल में पूरे नहीं होने दिए जाएँगे।'

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ये एकतरफा हैं — कांग्रेस का पक्ष अभी सामने नहीं आया है, जो इस रिपोर्ट की सीमा है। राजभवन जैसी संवैधानिक संस्था के बाहर हिंसा की घटना, चाहे किसी भी दल की ओर से हो, लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर गंभीर सवाल उठाती है। बिहार में चुनावी माहौल के बीच इस तरह की झड़पें राजनीतिक ध्रुवीकरण को और गहरा कर सकती हैं। मीडिया और प्रशासन दोनों के लिए यह जरूरी है कि घायल पत्रकारों के मामले की स्वतंत्र जाँच हो।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना में BJP और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प कहाँ हुई?
झड़प पटना में BJP कार्यालय, मुख्यमंत्री आवास और राजभवन के निकट हुई। कथित तौर पर कांग्रेस मुख्यालय के पास BJP के राष्ट्रव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान पत्थरबाजी शुरू हुई।
संजय सरावगी ने इस झड़प पर क्या कहा?
BJP के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे सुनियोजित अराजकता करार दिया और कहा कि यह छात्रों का काम नहीं, बल्कि कांग्रेस के 'गुंडों' द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश है। उन्होंने राहुल गांधी पर भी अराजकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
इस घटना में कौन घायल हुए?
सरावगी के बयान के अनुसार, पत्थरबाजी में BJP के कई कार्यकर्ता और कई पत्रकार घायल हुए। उन्होंने यह भी दावा किया कि बच्चों को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई।
क्या कांग्रेस ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभी तक कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। BJP का आरोप है कि पत्थरबाजी के दौरान कांग्रेस के प्रभारी नेता स्वयं मौके पर नजर आ रहे थे।
यह घटना बिहार की राजनीति के लिए क्यों अहम है?
राजभवन जैसी संवैधानिक संस्था के निकट हिंसा और पत्रकारों के घायल होने की घटना बिहार में बढ़ते राजनीतिक तनाव को दर्शाती है। यह ऐसे समय में हुई है जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हैं और दोनों प्रमुख दलों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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