पटना में भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हिंसक झड़प, सदाकत आश्रम के बाहर चले ईंट-पत्थर
सारांश
मुख्य बातें
पटना में 22 जुलाई को राजनीतिक टकराव हिंसक रूप ले गया, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के कार्यकर्ता सदाकत आश्रम — कांग्रेस के बिहार मुख्यालय — के बाहर आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे चले, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से घायलों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि नहीं हुई थी।
घटनाक्रम कैसे बढ़ा
जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में BJP ने बुधवार को देशभर में कांग्रेस कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया था। इसी के तहत पटना में BJP कार्यकर्ताओं ने कुर्जी अस्पताल से सदाकत आश्रम तक विरोध मार्च निकाला।
बड़ी संख्या में BJP कार्यकर्ता जैसे ही कांग्रेस कार्यालय के समीप पहुँचे, वहाँ मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता भी बाहर आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप हुए, जो कुछ ही देर में हिंसक टकराव में बदल गया।
हिंसा का स्वरूप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ओर से ईंट-पत्थर फेंके गए और कई कार्यकर्ता लाठी-डंडे लेकर एक-दूसरे पर टूट पड़े। सड़क पर काफी देर तक टकराव जारी रहा। दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ताओं के घायल होने के दावे किए जा रहे हैं, हालाँकि घायलों की आधिकारिक संख्या अभी तक सत्यापित नहीं हुई है।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें सदाकत आश्रम पहुँचीं और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
आइसा का अलग प्रदर्शन भी रहा चर्चा में
यह ऐसे समय में आया है जब पटना में एक और प्रदर्शन भी सुर्खियों में रहा। अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) के कार्यकर्ताओं ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर लोकभवन की ओर मार्च निकाला, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भी तीखी झड़प देखने को मिली। गौरतलब है कि NEET विवाद को लेकर बिहार में छात्र संगठनों का आक्रोश पिछले कुछ हफ्तों से बढ़ता जा रहा है।
आगे की स्थिति
फिलहाल सदाकत आश्रम और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है। प्रशासन की ओर से किसी की गिरफ्तारी या FIR की आधिकारिक पुष्टि समाचार लिखे जाने तक नहीं हुई थी। राजनीतिक तनाव को देखते हुए आने वाले घंटों में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।