नीट पेपर लीक: टेलीग्राम बैन सरकार की नाकामी छिपाने की कोशिश — अजय राय
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने 17 जून को लखनऊ में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नीट पेपर लीक मामले में अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए सरकार ने टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कदम से जनता को भ्रमित नहीं किया जा सकता, क्योंकि सरकार की असलियत अब सबके सामने है।
अजय राय का सरकार पर सीधा हमला
अजय राय ने कहा, 'सरकार नाकामियों को छिपाने का प्रयास कर रही है। पेपर लीक की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं और केवल टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। यह कदम सरकार की कमियों पर पर्दा डालने की कोशिश जैसा प्रतीत होता है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।'
गौरतलब है कि नीट-यूजी 2024 पेपर लीक विवाद ने देशभर में छात्रों और अभिभावकों को आक्रोशित किया है। आलोचकों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के बिना महज किसी ऐप पर पाबंदी लगाना समस्या की जड़ तक नहीं पहुँचता।
राहुल गांधी का एक्स पोस्ट और छात्रों से मुलाकात
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'टेलीग्राम बैन — पेपर लीक रोकने के लिए सरकार की नई चाल। चोर को पकड़ने के बजाय, पीड़ित के दरवाजे पर ताला लगा दो। पेपर लीक माफिया इसी सरकार की निगरानी में फल-फूल रहा है।'
राय ने राहुल गांधी के इस रुख का समर्थन करते हुए कहा कि वे लगातार छात्रों और युवाओं की समस्याओं को उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में छात्र और युवा अपनी चिंताएँ और नाराज़गी व्यक्त कर रहे हैं, और राहुल गांधी उनके बीच जाकर उनकी बात सुन रहे हैं।
राम मंदिर चंदा विवाद और एसआईटी पर सवाल
अजय राय ने राम मंदिर चंदा विवाद की जाँच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष जाँच दल (एसआईटी) की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एसआईटी प्रमुख विजय विश्वास पांड्या पहले से ही विवादों में रहे हैं, इसलिए निष्पक्ष जाँच की उम्मीद कम है।
राय ने माँग की कि मामले की जाँच किसी मौजूदा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आए और जनता का भरोसा बना रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के नाम पर एकत्र धन के उपयोग और भूमि खरीद-बिक्री से जुड़े विवादों की स्वतंत्र जाँच अनिवार्य है।
प्रधानमंत्री से संज्ञान लेने की माँग
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी राम मंदिर चंदा विवाद पर स्वयं संज्ञान लेना चाहिए था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने माँग की है कि पूरे मामले की पारदर्शी और स्वतंत्र जाँच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
यह ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद को लेकर संसद से लेकर सड़क तक विरोध के स्वर तेज़ हो रहे हैं और सरकार पर परीक्षा सुधार का दबाव बढ़ता जा रहा है।