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नीट पेपर लीक पर तारिक अनवर का हमला: 'सरकार की कार्रवाई महज दिखावा, छात्रों का भरोसा टूट रहा है'

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नीट पेपर लीक पर तारिक अनवर का हमला: 'सरकार की कार्रवाई महज दिखावा, छात्रों का भरोसा टूट रहा है'

सारांश

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने नीट पेपर लीक पर सरकार की कार्रवाई को 'दिखावा' करार दिया, आरएसएस के 100 साल के वित्तीय हिसाब पर सवाल उठाए और मदरसों पर योगी के रुख को 'बेवजह निशानेबाजी' बताया — यह बयान ऐसे वक्त आया है जब नीट विवाद पर छात्र आंदोलन देशभर में तेज हो रहा है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने 16 जून को नीट पेपर लीक पर सरकार की कार्रवाई को 'महज दिखावा और मामले को दबाने की कोशिश' बताया।
उन्होंने टेलीग्राम पर प्रतिबंध के फैसले का समर्थन किया और कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की देखरेख में व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद है।
आरएसएस को 'गैर-पंजीकृत, गैर-राजनीतिक दावे वाला राजनीतिक संगठन' बताते हुए पिछले 100 वर्षों के वित्तीय हिसाब पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर मदरसों को 'बेवजह निशाना' बनाने का आरोप लगाया और सरकारी स्कूलों की कमी को असल समस्या बताया।
राहुल गांधी को 'एकमात्र नेता जो मोदी के सामने आँख मिलाकर बात कर सकते हैं' बताया।

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने मंगलवार, 16 जून को नई दिल्ली में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नीट पेपर लीक मामले में सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदम 'महज दिखावा और मामले को दबाने की कोशिश' हैं। उन्होंने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की भूमिका, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की कार्यप्रणाली और उत्तर प्रदेश में मदरसों पर सरकारी रुख — चार अलग-अलग मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी।

नीट विवाद: 'टेलीग्राम बैन सही, पर सरकार की नीयत पर सवाल'

नीट परीक्षा से जुड़े विवाद में टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का समर्थन करते हुए तारिक अनवर ने कहा, 'यह बिल्कुल सही है और सर्वोच्च न्यायालय ने इस बात पर ध्यान दिया है। यह जरूरी था और सुप्रीम कोर्ट अपनी देखरेख में पूरी व्यवस्था में बदलाव लाने की कोशिश करेगा। हमें यही उम्मीद है।' हालाँकि, नीट की दोबारा परीक्षा को लेकर सरकार की तैयारियों पर उन्होंने तंज कसा।

उन्होंने कहा, 'जिस तरह से नीट के सवाल लीक हुए हैं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है, उसके बाद सरकार जो सावधानी बरत रही है, वह सिर्फ दिखावा और मामले को दबाने की कोशिश लगती है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।' अनवर ने यह भी जोड़ा कि सरकार से लोगों का — खासकर छात्रों का — भरोसा लगातार घटता जा रहा है। उन्होंने कहा कि देशभर में छात्र रैलियाँ कर रहे हैं और राहुल गांधी उनके बीच जा रहे हैं, तथा छात्रों का गुस्सा और नाराजगी आगे और बढ़ेगी।

राहुल गांधी पर डीएमके के बयान: 'पूरा हिंदुस्तान उन्हें मानता है'

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लेकर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा, 'डीएमके के लोग क्या कहते हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।' उन्होंने राहुल गांधी को देश की 'सबसे बड़ी, सबसे पुरानी और ऐतिहासिक पार्टी' का नेता बताते हुए कहा, 'आज अगर कोई व्यक्ति है जो मोदी के सामने आँख मिलाकर बात कर सकता है, तो वह राहुल गांधी हैं।'

आरएसएस पर सवाल: 'गैर-राजनीतिक दावा, राजनीतिक गतिविधियाँ'

कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों का समर्थन करते हुए तारिक अनवर ने कहा कि 'आरएसएस शायद दुनिया का एकमात्र ऐसा संगठन है जो खुद को एनजीओ और गैर-राजनीतिक बताता है, फिर भी हर समय राजनीतिक गतिविधियों में शामिल रहता है।' उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 100 वर्षों में संगठन के वित्तीय स्रोत और खर्च का कोई स्पष्ट सार्वजनिक हिसाब-किताब उपलब्ध नहीं है। उनके अनुसार, चूँकि आरएसएस पंजीकृत नहीं है, इसलिए सरकार भी उसमें हस्तक्षेप करने की स्थिति में नहीं है।

मदरसों पर योगी के रुख की आलोचना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मदरसों को लेकर दिए गए बयानों पर कांग्रेस सांसद ने कहा, 'मुझे लगता है कि योगी बेवजह मदरसों को निशाना बना रहे हैं।' उनके अनुसार, मदरसे उन बच्चों के लिए एक विकल्प हैं जिनकी सरकारी स्कूलों तक पहुँच नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार के पास क्षमता है तो हर जगह स्कूल खोले जाने चाहिए, क्योंकि स्कूलों की कमी के कारण ही लोग अपने बच्चों को मदरसों में भेजने को मजबूर होते हैं।

आगे क्या होगा

नीट विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जाँच जारी है और विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ रहा है। तारिक अनवर के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन तेज हो रहा है और संसद में भी इस मुद्दे पर विपक्ष आक्रामक रुख अपनाए हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सरकारी जवाबदेही के व्यापक सवाल के रूप में स्थापित करना चाहती है। आरएसएस की वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल उठाना कोई नई बात नहीं, लेकिन इसे नीट विवाद के साथ जोड़कर पेश करना विपक्ष की 'एकाधिक मोर्चे' वाली रणनीति को दर्शाता है। असली सवाल यह है कि क्या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होने वाली जाँच उन संरचनात्मक खामियों को उजागर करेगी जो पेपर लीक को बार-बार संभव बनाती हैं — या यह भी पिछले कई विवादों की तरह प्रक्रियागत सुधारों तक सीमित रह जाएगी।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तारिक अनवर ने नीट पेपर लीक पर सरकार को 'दिखावा' क्यों कहा?
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर का कहना है कि नीट प्रश्नपत्र लीक होने और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ के बाद सरकार जो कदम उठा रही है, वे वास्तविक सुधार नहीं बल्कि मामले को दबाने की कोशिश हैं। उनके अनुसार, इन कदमों से सरकार पर घटते छात्रों के भरोसे को वापस नहीं लाया जा सकता।
टेलीग्राम बैन पर तारिक अनवर का क्या रुख है?
तारिक अनवर ने नीट विवाद के संदर्भ में टेलीग्राम पर प्रतिबंध के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर ध्यान दिया है और अपनी देखरेख में परीक्षा व्यवस्था में बदलाव लाने की कोशिश करेगा।
तारिक अनवर ने आरएसएस पर क्या सवाल उठाए?
तारिक अनवर ने आरएसएस को 'दुनिया का एकमात्र ऐसा संगठन' बताया जो खुद को गैर-राजनीतिक कहता है लेकिन हर समय राजनीतिक गतिविधियों में शामिल रहता है। उन्होंने पिछले 100 वर्षों के वित्तीय स्रोतों और खर्च का सार्वजनिक हिसाब न होने पर भी सवाल उठाए।
मदरसों पर योगी आदित्यनाथ के बयान पर कांग्रेस का क्या कहना है?
तारिक अनवर ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेवजह मदरसों को निशाना बना रहे हैं। उनके अनुसार, मदरसे उन बच्चों के लिए शिक्षा का एकमात्र विकल्प हैं जिनकी सरकारी स्कूलों तक पहुँच नहीं है, और असली समस्या स्कूलों की कमी है।
राहुल गांधी को लेकर डीएमके के बयानों पर तारिक अनवर ने क्या कहा?
तारिक अनवर ने डीएमके नेताओं के बयानों को खारिज करते हुए कहा कि राहुल गांधी देश की सबसे बड़ी और पुरानी पार्टी के नेता हैं और पूरा देश उन्हें मानता है। उन्होंने राहुल गांधी को 'एकमात्र नेता' बताया जो प्रधानमंत्री मोदी के सामने आँख मिलाकर बात कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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