22 जुलाई 2026
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नीट विवाद पर BJP सांसदों का विपक्ष को करारा जवाब: 'संसद सड़क आंदोलन से नहीं, नियम-प्रक्रिया से चलती है'

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नीट विवाद पर BJP सांसदों का विपक्ष को करारा जवाब: 'संसद सड़क आंदोलन से नहीं, नियम-प्रक्रिया से चलती है'

सारांश

नीट पेपर लीक को लेकर मॉनसून सत्र में BJP और विपक्ष आमने-सामने हैं। सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन BJP सांसदों का कहना है कि विपक्ष संसद की बजाय सड़क को मंच बना रहा है — और यह संसदीय लोकतंत्र की मर्यादाओं के विरुद्ध है।

मुख्य बातें

नीट पेपर लीक मामले पर मॉनसून सत्र में BJP और विपक्ष के बीच तीखा टकराव जारी है।
केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि विपक्ष सदन में नोटिस देने की बजाय सड़कों पर प्रदर्शन कर रहा है।
राहुल गांधी के मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के पास धरने को बघेल ने 'इतिहास की सबसे अराजक घटना' बताया।
BJP सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि सरकार नीट पर संसदीय चर्चा के लिए तैयार है; निर्णय लोकसभा अध्यक्ष करेंगे।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि सरकार पेपर लीक का समर्थन नहीं करती और पूरी जाँच करवाई गई है।

मॉनसून सत्र के दौरान नई दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर संसदीय राजनीति तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों ने 22 जुलाई को विपक्ष पर यह आरोप लगाया कि वह संसद के भीतर चर्चा करने की बजाय सड़क पर राजनीतिक प्रदर्शन को प्राथमिकता दे रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया कि वह नीट मामले पर संसदीय नियमों के तहत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।

मंत्रियों की प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी जो कर रहे हैं वह उनका अपना निर्णय है, लेकिन नीट पेपर लीक को लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट है। उन्होंने कहा, 'हम किसी भी तरह के पेपर लीक का समर्थन नहीं करते। सरकार इस मुद्दे पर चिंतित है और पूरी जाँच करवाई गई है।'

केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने विपक्ष की कार्यशैली पर सीधा निशाना साधा। उनका कहना था कि 'सदन नियम और प्रक्रियाओं के अनुसार चलता है। विपक्ष सदन में नोटिस देने की बजाय सड़कों पर नोटिस दे रहा है।' उन्होंने राहुल गांधी के मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के पास किए गए धरने को 'भारत के इतिहास में सबसे अराजकता वाली घटना' बताया।

BJP सांसदों के तर्क

BJP सांसद सतीश पूनिया ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है, परंतु इसकी सीमाएँ भी हैं और देश की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने संकेत दिया कि लोकतांत्रिक विरोध को संसदीय मर्यादाओं के दायरे में रहकर व्यक्त किया जाना चाहिए।

BJP सांसद मनन कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य संसद में सार्थक चर्चा नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देना है। उनका कहना था कि 'सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहा है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि देश के युवा पूरी स्थिति को समझते हैं।

BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल के अनुसार विपक्ष के पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है और वह केवल सदन की कार्यवाही बाधित करना चाहता है। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष लगातार नियमों के अनुसार सदन चलाने की बात कह रहे हैं।

चर्चा पर सरकार का रुख

BJP सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि सरकार नीट मामले पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, 'चर्चा कब और किस नियम के तहत होगी, यह निर्णय स्पीकर करेंगे। संसद नारेबाजी और विरोध-प्रदर्शन से नहीं, बल्कि संवाद और चर्चा से चलती है।' उन्होंने विश्वास जताया कि सदन में होने वाली चर्चा से छात्रों की चिंताओं का समाधान होगा।

विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि नीट-यूजी 2024 पेपर लीक विवाद के बाद से विपक्ष लगातार संसद में इस मुद्दे पर बहस की माँग कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के लाखों छात्र परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर आशंकित हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच यह टकराव मॉनसून सत्र की कार्यवाही को प्रभावित करता दिख रहा है। आने वाले दिनों में लोकसभा अध्यक्ष के निर्देशन में यह तय होगा कि नीट मुद्दे पर संसदीय बहस किस नियम के तहत होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यानी नीट पेपर लीक की जवाबदेही, से ध्यान हटाने की कोशिश साफ दिखती है। सरकार 'चर्चा के लिए तैयार' होने का दावा करती है, लेकिन किस नियम के तहत और कब — इसका जवाब अभी तक स्पष्ट नहीं है। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में प्रक्रियागत बहस को केंद्र में रखना उन सवालों को किनारे कर देता है जो वास्तव में मायने रखते हैं: लीक कैसे हुई, कौन जिम्मेदार है, और पीड़ित छात्रों को न्याय कब मिलेगा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट पेपर लीक मामले पर BJP सांसदों ने क्या कहा?
BJP सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों ने 22 जुलाई को कहा कि सरकार नीट पेपर लीक पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन की बजाय सड़क पर प्रदर्शन कर रहा है। मंत्री रामदास अठावले ने स्पष्ट किया कि सरकार पेपर लीक का समर्थन नहीं करती और जाँच करवाई गई है।
राहुल गांधी के धरने पर सरकार की क्या प्रतिक्रिया रही?
केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के पास मंगलवार को किए गए धरने को 'भारत के इतिहास में सबसे अराजकता वाली घटना' बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन में नोटिस देने की बजाय सड़कों पर नोटिस दे रहा है।
नीट पेपर लीक पर संसद में चर्चा कब होगी?
BJP सांसद शशांक मणि त्रिपाठी के अनुसार चर्चा कब और किस नियम के तहत होगी, इसका निर्णय लोकसभा अध्यक्ष करेंगे। सरकार ने कहा है कि वह बहस के लिए पूरी तरह तैयार है।
BJP का विपक्ष पर मुख्य आरोप क्या है?
BJP सांसद मनन कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य संसद में सार्थक चर्चा नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश देना है। सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है और वह केवल सदन की कार्यवाही बाधित करना चाहता है।
नीट पेपर लीक विवाद की पृष्ठभूमि क्या है?
नीट-यूजी 2024 परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन हुआ और परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठे। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष मॉनसून सत्र में संसद में चर्चा की माँग कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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