कर्नाटक SIR: परमेश्वर का निर्देश — 43.81 लाख मतदाताओं की मैपिंग जल्द पूरी करें, कोई पात्र वोटर न छूटे
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को सभी जिलों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से न हटाया जाए। विशेष रूप से उन लोगों के नाम सुरक्षित रखे जाएं जो रोज़गार, शिक्षा या अन्य कारणों से अपनी मूल जगह से कहीं और जाकर बस गए हैं।
बैठक का संदर्भ और मुख्य निर्देश
बेंगलुरु स्थित विधान सौधा में राजस्व विभाग की प्रगति समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपमुख्यमंत्री परमेश्वर ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए सभी ज़िलों के डिप्टी कमिश्नरों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बताया कि राज्य भर में अभी 43.81 लाख मतदाताओं की मैपिंग का काम पूरा होना बाकी है और इसे प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
परमेश्वर ने कहा, 'परमानेंट रेजिडेंट सर्टिफिकेट (PRC) जारी करने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। फॉर्म 6 पर ज़्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए। ऐसी संभावना है कि जो मतदाता अपनी मूल जगहों को छोड़कर कई सालों से कहीं और रह रहे हैं, वे मतदाता सूची से छूट सकते हैं। इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।'
SIR की पृष्ठभूमि — 1.07 करोड़ नाम हटाने का विवाद
गौरतलब है कि ECI की SIR प्रक्रिया के तहत कर्नाटक की ड्राफ्ट मतदाता सूची में 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लीकेट, मृत एवं अन्य' (ASDDO) श्रेणी के अंतर्गत 1.07 करोड़ से अधिक नाम — यानी कुल मतदाताओं का करीब 19.5 प्रतिशत — हटाए गए थे। इसके अतिरिक्त, 43.80 लाख मतदाताओं को विसंगतियों के लिए नोटिस भेजे जाने के लिए चिह्नित किया गया था। इस कदम ने राज्य में व्यापक चिंता और राजनीतिक हलचल पैदा की।
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। परमेश्वर की यह बैठक उसी दबाव की प्रतिक्रिया के तौर पर देखी जा रही है।
भारत जोड़ो युवा संघ और प्रजासेवा अभियान पर भी निर्देश
परमेश्वर ने अधिकारियों को 'भारत जोड़ो युवा संघ' के पंजीकरण में तेज़ी लाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की एक महत्वपूर्ण पहल बताया और कहा कि तकनीकी बाधाओं के कारण यह प्रक्रिया रुकी हुई थी। उन्होंने कहा, 'आवेदन फॉर्म तुरंत बांटे और भरे जाने चाहिए।' उन्होंने यह भी बताया कि यह कार्यक्रम देश में पहली बार लागू हो रहा है।
इसके साथ ही, अधिकारियों को 'प्रजासेवा अभियान' के तहत आई बड़ी संख्या में आवेदनों — विशेष रूप से RTC सुधार, पेंशन और राजस्व से जुड़े मामलों — के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए गए।
गरीब परिवारों को भूमि आवंटन पर जोर
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिया कि गरीब परिवारों को घर बनाने के लिए भूमि देने वाली योजना को किसी भी स्थिति में नज़रअंदाज़ न करें। उन्होंने बताया कि इस योजना को जनता से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है, लेकिन कुछ ज़िलों में भूमि की पहचान का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने निर्देश दिया कि 'साइट विकसित करने के लिए भूमि चिह्नित करने का कार्य इस माह के अंत तक पूरा हो जाना चाहिए — इसमें कोई लापरवाही नहीं होगी।'
बैठक में शामिल प्रमुख अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.के. कटारिया, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव मनोज कुमार मीना, राजस्व आयुक्त मीना नागराज और सर्वेक्षण, बंदोबस्त एवं भूमि अभिलेख विभाग के आयुक्त वेंकटराज समेत वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आने वाले दिनों में SIR प्रक्रिया की प्रगति और मतदाता सूची अद्यतन की स्थिति पर सरकार की नज़दीकी निगरानी बनी रहेगी।