हरितालिका तीज महोत्सव 2026: दिल्ली CM रेखा गुप्ता नेपाली-गोर्खाली समुदाय के साथ इंदिरा गांधी स्टेडियम में शामिल
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 20 सितंबर 2026 (रविवार) को इंदिरा गांधी स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित 'हरितालिका तीज महोत्सव 2026' में भाग लिया। यह आयोजन 'हमरो स्वाभिमान ट्रस्ट' द्वारा किया गया था, जिसमें योग गुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण भी उपस्थित रहे। नेपाली और गोर्खाली समुदाय की महिलाओं की आस्था एवं सांस्कृतिक पहचान को केंद्र में रखकर हुए इस भव्य समारोह में 10 प्रमुख हस्तियों को उनके समाज-सेवा के योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री का संबोधन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हरितालिका तीज सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि महिलाओं के संकल्प और शक्ति की कहानी है। उन्होंने कहा, 'देवी पार्वती की तपस्या और दृढ़ संकल्प से जुड़ा यह त्योहार आज भी हमारी माताओं और बहनों की आस्था, शक्ति और समर्पण का प्रतीक है।'
उन्होंने यह भी कहा कि जो संस्कृति अपनी महिलाओं के त्योहारों को जीवित रखती है, वह कभी समाप्त नहीं होती। नेपाली और गोर्खाली महिलाओं की शक्ति तथा आत्म-सम्मान के उत्सव के रूप में इस पर्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने समुदाय की महिलाओं को शुभकामनाएँ दीं।
नेपाली-गोर्खाली समुदाय की पहचान और योगदान
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में बसे नेपाली और गोर्खाली समाज की पहचान उनकी संख्या से नहीं, बल्कि उनके साहस, अनुशासन, ईमानदारी और वफादारी से होती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर शिक्षा, चिकित्सा, साहित्य, संगीत, खेल और व्यापार तक, इस समुदाय ने देश के विकास और गौरव में अहम भूमिका निभाई है।
गौरतलब है कि दिल्ली में नेपाली और गोर्खाली समुदाय का एक बड़ा तबका निवास करता है, जो विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराता है। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब समुदाय और सरकार के बीच सांस्कृतिक संवाद को मज़बूत करने की पहल बढ़ रही है।
स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की सराहना
योग गुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के योगदान की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी जी ने योग को आश्रमों से निकालकर आम जनमानस तक पहुँचाया, जबकि आचार्य जी ने योग और आयुर्वेद के वैज्ञानिक पहलुओं को सुदृढ़ करने में निर्णायक भूमिका निभाई। उनके अनुसार, दोनों ने मिलकर देश को योग, आयुर्वेद और आत्म-सम्मान का बोध कराया है।
सम्मान समारोह और मंत्री कपिल मिश्रा का वक्तव्य
कार्यक्रम में 10 हस्तियों को उनके सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सम्मान समारोह की सराहना करते हुए कहा कि त्योहार मनाने के साथ-साथ उन सैनिकों, शिक्षकों, किसानों, कलाकारों और अधिकारियों को पहचानना और सम्मानित करना कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण है, जिनका योगदान प्रायः अनदेखा रह जाता है।
दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति, भाषा और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने आयोजकों की प्रशंसा की और नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के समय दिल्लीवासियों की संवेदनशीलता एवं सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
आगे का परिप्रेक्ष्य
यह महोत्सव दिल्ली सरकार और नेपाली-गोर्खाली समुदाय के बीच सांस्कृतिक सेतु को और सुदृढ़ करता है। आने वाले समय में इस तरह के सामुदायिक संवाद की पहल दिल्ली की बहुसांस्कृतिक पहचान को और व्यापक आधार देगी।