क्या बिहार में हरतालिका तीज पर सीएम नीतीश कुमार ने राज्यवासियों को शुभकामनाएं दीं?

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क्या बिहार में हरतालिका तीज पर सीएम नीतीश कुमार ने राज्यवासियों को शुभकामनाएं दीं?

सारांश

हरतालिका तीज एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो महिलाओं के लिए समर्पित है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस अवसर पर शुभकामनाएं दी हैं। जानिए इस पर्व का महत्व और मुख्यमंत्री का संदेश।

मुख्य बातें

हरतालिका तीज महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पर्व है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।
पर्व का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए लाभकारी होता है।
इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है।
यह पर्व समाज में एकता और समर्पण का प्रतीक है।

पटना, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। हरतालिका तीज हिंदू संस्कृति में महिलाओं के लिए एक पवित्र और शुभ पर्व है, जो विशेष रूप से सुहाग, समर्पण और आध्यात्मिक साधना का प्रतीक माना जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों में हरतालिका तीज का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। खासकर बिहार और पूर्वांचल में इस दिन व्रत का विशेष महत्व है। इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "हरतालिका तीज के अवसर पर बधाई एवं शुभकामनाएं। इस दिन राज्यवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना है।"

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस मौके पर लिखा, "सभी माताओं-बहनों को सौभाग्य और त्‍याग के प्रतीक पर्व हरतालिका तीज की हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं। भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा से आपके जीवन में सुख-समृद्धि आए।"

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी बिहार के लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा है, "अखंड सौभाग्य के पावन पर्व हरतालिका तीज की प्रदेश और देश की सभी माताओं-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। माता गौरी और भगवान शंकर की कृपा से हर घर-आंगन में सुख, समृद्धि और खुशहाली हो। आपके जीवन का हर क्षण आनंदमय हो, आपकी समस्त मनोकामनाएं पूरी हों, यही कामना करता हूं।"

हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से माता पार्वती और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है, जिससे महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है और वैवाहिक जीवन की कठिनाइयां दूर होती हैं। पंचांग के अनुसार, यह व्रत हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आयोजित किया जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर को भी बढ़ावा देता है। इस वर्ष बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा दी गई शुभकामनाएं इस पर्व के महत्व को और बढ़ाती हैं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरतालिका तीज का महत्व क्या है?
हरतालिका तीज का पर्व महिलाओं के लिए विशेष फलदायी होता है, इससे उन्हें अखंड सौभाग्य और वैवाहिक जीवन में सुख की प्राप्ति होती है।
हरतालिका तीज कब मनाई जाती है?
यह पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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