उमेश यादव ने विदर्भ से लिया एनओसी, नई घरेलू टीम की तलाश में 57 टेस्ट के अनुभवी तेज गेंदबाज
सारांश
मुख्य बातें
भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज उमेश यादव ने मौजूदा घरेलू सीजन के लिए विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन (VCA) से आधिकारिक तौर पर 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) हासिल कर लिया है और किसी नई राज्य टीम की तलाश में हैं। 38 वर्षीय इस तेज गेंदबाज के टीम छोड़ने का फैसला तब आया जब कथित तौर पर उन्हें पूरी तरह फिट होने के बाद भी टीम में अपनी भूमिका को लेकर VCA चयन पैनल से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। नई दिल्ली में अब मुख्यतः रह रहे उमेश आने वाले दिनों में अपनी अगली घरेलू टीम के बारे में अंतिम निर्णय लेंगे।
विदर्भ छोड़ने की वजह
सूत्रों के अनुसार, उमेश ने VCA चयन समिति से यह जानना चाहा था कि पूर्ण फिटनेस के बाद टीम में उनकी क्या भूमिका होगी, लेकिन उन्हें कोई पक्का आश्वासन नहीं दिया गया। इस अनिश्चितता के चलते उन्होंने विदर्भ से अलग होने का फैसला किया।
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले उमेश ने स्थानीय विदर्भ टी20 प्रीमियर लीग में हिस्सा लिया था, जिससे यह स्पष्ट था कि वे अभी भी घरेलू क्रिकेट के प्रति गंभीर हैं। बावजूद इसके, जब स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो उन्होंने नए विकल्प तलाशने का रास्ता चुना।
नई टीम की तलाश
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, उमेश की बातचीत अभी दो-तीन राज्य संघों — खासकर छोटे राज्यों — के साथ चल रही है, हालाँकि अभी तक कुछ भी तय नहीं हुआ है। उन्होंने किसी मज़बूत राज्य टीम में जाने के लिए कुछ लोगों से संपर्क किया था, लेकिन उस दिशा में देर हो जाने की बात कही जा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब घरेलू सीजन पहले से चल रहा है और बड़े राज्यों की टीमें अपनी स्क्वॉड पहले ही तय कर चुकी हैं। ऐसे में उमेश के लिए उपयुक्त विकल्प सीमित हो सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय करियर और आँकड़े
उमेश ने अंतिम बार जून 2023 में लंदन के ओवल मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, जिसमें टीम को हार का सामना करना पड़ा था। उनके नाम 57 टेस्ट मैचों में 170 विकेट दर्ज हैं।
घरेलू परिस्थितियों में उनका रिकॉर्ड और भी प्रभावशाली है — 32 घरेलू टेस्ट में 25.88 की औसत से 101 विकेट। विशेष रूप से 2018 के बाद से घरेलू परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन शीर्ष स्तर का रहा है: 11 टेस्ट में 18.25 की औसत से 43 विकेट, जिसमें 2 बार पाँच विकेट और एक बार मैच में 10 विकेट लेने का कारनामा शामिल है।
सभी प्रारूपों को मिलाकर उन्होंने 141 मैचों में 288 विकेट चटकाए हैं। मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2015 में उन्होंने 17.83 की औसत से 18 विकेट लेकर सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में तीसरा स्थान हासिल किया था।
आगे क्या
उमेश अभी नागपुर से वापस नई दिल्ली आ चुके हैं और आने वाले दिनों में अपने अगले कदम की औपचारिक घोषणा करने की संभावना है। यदि कोई राज्य संघ उन्हें शामिल करता है, तो उनका अनुभव और घरेलू रिकॉर्ड किसी भी टीम के लिए मूल्यवान साबित हो सकता है। इस फैसले से स्पष्ट है कि उमेश यादव अभी खेल से संन्यास नहीं लेना चाहते और घरेलू क्रिकेट में सक्रिय रहकर वापसी की राह बनाए रखना चाहते हैं।