12 अगस्त 2026
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ब्रिक्स वित्त बैठक जयपुर में शुरू: सीतारमण और RBI गवर्नर मल्होत्रा 11 देशों के प्रतिनिधियों संग वैश्विक अर्थव्यवस्था पर करेंगे मंथन

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ब्रिक्स वित्त बैठक जयपुर में शुरू: सीतारमण और RBI गवर्नर मल्होत्रा 11 देशों के प्रतिनिधियों संग वैश्विक अर्थव्यवस्था पर करेंगे मंथन

सारांश

जयपुर के रामबाग पैलेस में ब्रिक्स के 11 देशों के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक गवर्नर एक मेज़ पर हैं — भारत की अध्यक्षता में। वैश्विक मंदी की आशंका और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच यह बैठक उभरती अर्थव्यवस्थाओं के वित्तीय भविष्य की दिशा तय करने की कोशिश है।

मुख्य बातें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा 12–13 अगस्त 2026 को जयपुर में ब्रिक्स बैठक में भाग ले रहे हैं।
बैठक होटल रामबाग पैलेस में सुबह 11:15 बजे शुरू हुई; गुरुवार दोपहर 12:30 बजे तक चलेगी।
ब्रिक्स के सभी 11 सदस्य देशों के प्रतिनिधि आर्थिक विकास, वित्तीय उदारीकरण और वैश्विक वित्तीय स्थिरता पर चर्चा कर रहे हैं।
यह दूसरी बार है जब जयपुर इस बैठक की मेज़बानी कर रहा है; पहली बार 2021 में कोविड काल में हुई थी।
विदेशी प्रतिनिधियों के लिए बुधवार शाम 5 बजे जयपुर सिटी पैलेस में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा 12 अगस्त 2026 को जयपुर के होटल रामबाग पैलेस में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक में भाग ले रहे हैं। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित यह बैठक वैश्विक आर्थिक और वित्तीय चुनौतियों पर सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से बुलाई गई है।

बैठक का एजेंडा और स्वरूप

बैठक की औपचारिक शुरुआत बुधवार सुबह 11:15 बजे हुई, जिसमें ब्रिक्स के सभी 11 सदस्य देशों के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक गवर्नर उपस्थित हैं। चर्चा के प्रमुख विषयों में आर्थिक विकास, वित्तीय उदारीकरण, जोखिम प्रबंधन और वैश्विक वित्तीय स्थिरता शामिल हैं। उद्घाटन सत्र में वित्त मंत्री सीतारमण और RBI गवर्नर मल्होत्रा ने ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्थाओं और केंद्रीय बैंकिंग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। बैठक गुरुवार दोपहर 12:30 बजे तक चलेगी।

स्वागत और राजनयिक उपस्थिति

जयपुर पहुँचने पर वित्त मंत्री सीतारमण का स्वागत राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने किया। RBI गवर्नर मल्होत्रा मंगलवार देर रात ही जयपुर पहुँच गए थे। यह बैठक केवल आर्थिक विमर्श तक सीमित नहीं है — बुधवार शाम 5 बजे सभी विदेशी प्रतिनिधि जयपुर सिटी पैलेस का दौरा करेंगे, जहाँ राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाला विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

ऐतिहासिक संदर्भ और जयपुर की भूमिका

गौरतलब है कि ब्रिक्स वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की यह वार्षिक बैठक लगभग 18 वर्ष पहले वैश्विक वित्तीय संकट के दौर में शुरू हुई थी, और समय के साथ यह मंच वैश्विक आर्थिक चर्चा का एक प्रमुख माध्यम बन गया है। यह दूसरी बार है जब जयपुर इस बैठक की मेज़बानी कर रहा है। इससे पहले 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान भी यहाँ बैठक हुई थी, जिसमें आर्थिक पुनरुद्धार, डिजिटल स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन और यूरोपीय संघ के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म जैसे विषय केंद्र में रहे थे।

आम जनता और उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर असर

इस बैठक में उभरती अर्थव्यवस्थाओं के सामने मौजूद निवेश अवसरों और वित्तीय जोखिमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ब्रिक्स देश मिलकर वैश्विक GDP का एक बड़ा हिस्सा प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए इन चर्चाओं के निष्कर्ष अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों, मुद्रा स्थिरता और विकासशील देशों के वित्तीय ढाँचे को प्रभावित कर सकते हैं।

आगे क्या

बैठक के समापन पर एक संयुक्त वक्तव्य जारी होने की संभावना है, जिसमें सदस्य देशों के बीच वित्तीय सहयोग की रूपरेखा तय की जा सकती है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक स्तर पर मंदी की आशंकाएँ और भू-राजनीतिक तनाव बहुपक्षीय आर्थिक सहयोग की ज़रूरत को और अधिक प्रासंगिक बना रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इन चर्चाओं के ठोस नीतिगत परिणाम निकलते हैं। पिछले डेढ़ दशक में ब्रिक्स वित्त बैठकों ने अनेक संयुक्त वक्तव्य दिए हैं, पर आलोचकों का कहना है कि वास्तविक वित्तीय सहयोग और डॉलर-निर्भरता कम करने के लक्ष्य अभी भी कागज़ों तक सीमित हैं। वैश्विक मंदी की आशंका और पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच ब्रिक्स देशों के बीच वित्तीय एकजुटता की ज़रूरत पहले से कहीं अधिक है — जयपुर बैठक इसी कसौटी पर परखी जाएगी।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में ब्रिक्स वित्त बैठक क्या है?
यह ब्रिक्स समूह के 11 सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की दो दिवसीय वार्षिक बैठक है, जो 12–13 अगस्त 2026 को जयपुर के होटल रामबाग पैलेस में आयोजित हो रही है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत इसमें वैश्विक आर्थिक विकास, वित्तीय स्थिरता और सहयोग पर मंथन हो रहा है।
इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कौन कर रहा है?
भारत की ओर से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा बैठक में शामिल हैं। मल्होत्रा मंगलवार देर रात ही जयपुर पहुँच गए थे।
इस बैठक में किन विषयों पर चर्चा होगी?
बैठक में आर्थिक विकास, वित्तीय उदारीकरण, जोखिम प्रबंधन, वैश्विक वित्तीय स्थिरता, निवेश अवसर और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के सामने मौजूद चुनौतियाँ प्रमुख एजेंडे पर हैं।
क्या जयपुर पहले भी ब्रिक्स वित्त बैठक की मेज़बानी कर चुका है?
हाँ, यह दूसरी बार है। इससे पहले 2021 में कोविड-19 महामारी के दौरान भी जयपुर में यह बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें आर्थिक पुनरुद्धार, वित्तीय समावेशन और कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे थे।
ब्रिक्स वित्त मंत्रियों की यह बैठक कब से शुरू हुई और इसका महत्व क्या है?
यह वार्षिक बैठक लगभग 18 वर्ष पहले वैश्विक वित्तीय संकट के दौर में शुरू हुई थी। समय के साथ यह मंच उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए वैश्विक वित्तीय नीतियों पर सामूहिक रुख तय करने का एक प्रमुख माध्यम बन गया है।
राष्ट्र प्रेस
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