होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी IRGC की गतिविधियाँ जारी, UAE टैंकर पर हमला; UKMTO ने खतरा 'गंभीर' बताया
सारांश
मुख्य बातें
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर खतरा बरकरार है। ब्रिटेन की यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने सोमवार, 10 अगस्त को चेतावनी जारी की कि इस रणनीतिक जलमार्ग में जहाजों पर हमले और उत्पीड़न की घटनाएँ थमी नहीं हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि होर्मुज से रोज़ाना गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की संख्या अब एकल अंक तक सिमट गई है।
ताज़ा घटनाक्रम
शनिवार को एक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के टैंकर को स्ट्रेट में निशाना बनाया गया। UKMTO के अनुसार, होर्मुज से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही फिलहाल 'कम स्तर' पर है और सामान्य परिचालन की तुलना में यातायात में भारी गिरावट दर्ज की गई है। एजेंसी ने समुद्री सुरक्षा जोखिम को 'गंभीर' श्रेणी में बनाए रखा है।
IRGC की गतिविधियाँ
UKMTO ने बताया कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की गतिविधियाँ लगातार जारी हैं। इनमें वाणिज्यिक जहाजों को रेडियो पर संपर्क करना या उन्हें रोकने की कोशिश करना, ड्रोन के ज़रिए जहाजों के ऊपर उड़ान भरना और चुनिंदा जहाजों की निगरानी करना शामिल है। एजेंसी के मुताबिक, ये गतिविधियाँ संकेत देती हैं कि ईरान इस प्रमुख समुद्री मार्ग पर अपनी मौजूदगी और दबाव बनाए रखना चाहता है।
प्रोजेक्टाइल हमले और समुद्री बारूदी सुरंगों का खतरा
खतरा केवल निगरानी और उत्पीड़न तक सीमित नहीं है। UKMTO के अनुसार, प्रोजेक्टाइल हमलों और जहाजों के बेहद करीब विस्फोट जैसी घटनाएँ भी जारी हैं। ये घटनाएँ विशेष रूप से ओमान के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र — लीमाह, खासाब और कुमजार के आसपास के रास्तों पर देखी गई हैं।
इसके अलावा, एजेंसी ने समुद्री कंपनियों और जहाज़ों को जलडमरूमध्य में बहती हुई या गलत स्थान पर दर्ज समुद्री बारूदी सुरंगों (Mines) के जोखिम के प्रति भी आगाह किया है। ऐसी परिस्थिति में सुरक्षित नेविगेशन बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा समुद्री मार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी से वैश्विक बाज़ारों तक तेल और गैस पहुँचाने वाले जहाज़ों के लिए यह प्रमुख गलियारा है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल बाज़ार पहले से ही भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से जूझ रहा है। गौरतलब है कि यहाँ लंबे समय तक जारी तनाव का असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा पर नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
जहाज़ों को एहतियात की सलाह
UKMTO ने मौजूदा हालात को देखते हुए क्षेत्र से गुजरने वाले सभी जहाज़ों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। एजेंसी की चेतावनी के मद्देनज़र समुद्री कंपनियाँ वैकल्पिक मार्गों का मूल्यांकन कर रही हैं। होर्मुज में तनाव का यह दौर वैश्विक शिपिंग उद्योग और ऊर्जा बाज़ारों पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है।