होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी मिसाइल हमला: यूएई के दो टैंकर तबाह, एक भारतीय नाविक की मौत, आठ घायल
सारांश
मुख्य बातें
ओमान के समुद्री क्षेत्र में होर्मुज स्ट्रेट पर 14 जुलाई 2026 को ईरान की ओर से दागी गई दो क्रूज मिसाइलों ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया, जिसमें एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हुए। यूएई रक्षा मंत्रालय ने इस हमले की पुष्टि करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन करार दिया।
हमले का विवरण
मंत्रालय के अनुसार, मोम्बासा और अल बहियाह नामक दोनों टैंकर होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी मार्ग से गुजर रहे थे जब उन पर मिसाइल हमला हुआ। हमले के बाद दोनों जहाजों में आग भड़क उठी और उनके कार्गो को भी नुकसान पहुँचा। बाद में आग पर काबू पा लिया गया।
टैंकर मोम्बासा पर सवार एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत की पुष्टि हुई है। घायलों में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं, जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई गई है।
यूएई की प्रतिक्रिया
यूएई रक्षा मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इससे क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यूएई को बढ़ते तनाव के मद्देनजर उचित जवाब देने का पूरा अधिकार है और वह अपने क्षेत्र, नागरिकों, निवासियों, राष्ट्रीय हितों तथा रणनीतिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
एक अलग बयान में यूएई के विदेश मंत्रालय ने भी इस हमले की कड़ी भर्त्सना की। मंत्रालय ने जनता से अपील की कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करें और अफवाहों को न फैलाएँ।
व्यापक क्षेत्रीय तनाव
यह हमला उस समय हुआ जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है। इससे पहले रविवार को यूएई रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियाँ मिसाइलों और ड्रोन से उत्पन्न खतरों का सामना कर रही हैं। बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी लोगों से शांत रहने और निकटतम सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की।
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के हालिया हमलों में कुवैत में एक पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, एक एम्युनिशन डिपो और एक अमेरिकी सैन्य रडार सुविधा को कथित तौर पर निशाना बनाया गया। इसके अलावा, बहरीन में अमेरिकी सैन्य संचार और रडार केंद्र तथा कतर स्थित अल उदीद एयरबेस पर भी बैलिस्टिक मिसाइल हमले का दावा किया गया है — हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
भारतीय नागरिकों पर असर
इस हमले में भारतीय नाविकों की मौत और घायल होने की घटना भारत के लिए गंभीर कूटनीतिक चिंता का विषय है। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है और भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से भी रणनीतिक महत्व रखता है। गौरतलब है कि हजारों भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में व्यापारिक जहाजों पर कार्यरत हैं।
आगे की स्थिति
क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया का इंतजार है। यूएई ने संकेत दिया है कि वह इस हमले का उचित जवाब देगा। होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ गई है, और समुद्री बीमा दरों पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है।