होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का कब्जे का ऐलान, ईरान के खिलाफ लगातार तीसरी रात हमले जारी
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 14 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ लगातार तीसरी रात सैन्य हमले शुरू किए हैं। यह कार्रवाई उस समय हुई जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कर लेगा — एक ऐसा कदम जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए दूरगामी परिणाम रख सकता है।
हमलों का ताज़ा घटनाक्रम
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'आज शाम 4:45 बजे अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कमांडर इन चीफ के निर्देश पर ईरान के खिलाफ लगातार तीसरी रात हमले शुरू किए।' एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, इस दौर में ईरान के तटीय निगरानी तंत्र (कोस्टल सर्विलांस सिस्टम), ड्रोन और मिसाइल क्षमताओं सहित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
ट्रंप की चेतावनी और होर्मुज पर दावा
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में कहा, 'हम आज रात उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे और कल भी हम उन पर जोरदार हमला करेंगे।' इसके अलावा, फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, 'हम स्ट्रेट पर कब्जा कर रहे हैं। उनके पास कुछ भी नहीं है।' ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की अधिकांश वायु-रक्षा प्रणालियाँ और एंटी-एयरक्राफ्ट तोपें पिछली रात के हमलों में नष्ट हो चुकी हैं।
टूटी हुई डील का आरोप
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि वाशिंगटन और तेहरान एक समझौते के करीब पहुँच गए थे, जिसे उन्होंने 'पक्की डील' करार दिया। उनके अनुसार, ईरानी वार्ताकारों ने 11 घंटे की बातचीत में शुरुआत में सभी शर्तें मान ली थीं, लेकिन बाद में बदलाव की माँग करते हुए पीछे हट गए। ट्रंप ने कहा, 'कोई नहीं जानता, लेकिन हमारे बीच एक डील हुई थी। यह एक पक्की डील थी और फिर उन्होंने इसे तोड़ दिया।' उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पर सैन्य समझौता तोड़ने और होर्मुज जलडमरूमध्य में ड्रोन गतिविधि जारी रखने का आरोप है।
होर्मुज का रणनीतिक महत्व
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20% तेल और बड़ी मात्रा में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) गुज़रती है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पहले से ही अस्थिर हैं और किसी भी बाधा का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। यह संघर्ष ऐसी स्थिति में गहरा हो रहा है जब अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु कूटनीति पहले ही ठप पड़ी है।
आगे क्या होगा
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि किसी भी नई ईरानी ड्रोन गतिविधि का 'जोरदार जवाब' दिया जाएगा और होर्मुज पर अमेरिकी निगरानी 'हमेशा के लिए' बनाए रखने की बात कही गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और क्षेत्र में आगे की स्थिति पर दुनिया की नज़र टिकी है।