14 जुलाई 2026
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होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का कब्जे का ऐलान, ईरान के खिलाफ लगातार तीसरी रात हमले जारी

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होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का कब्जे का ऐलान, ईरान के खिलाफ लगातार तीसरी रात हमले जारी

सारांश

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ लगातार तीसरी रात हमले जारी रखे और राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य — जिससे दुनिया का 20% तेल गुज़रता है — पर स्थायी नियंत्रण का ऐलान कर दिया। टूटी हुई डील और ड्रोन गतिविधि के आरोपों के बीच यह संकट एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है।

मुख्य बातें

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 14 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि ईरान के खिलाफ लगातार तीसरी रात हमले शुरू किए गए।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण और स्थायी निगरानी का ऐलान किया।
हमलों में ईरान के तटीय निगरानी तंत्र, ड्रोन और मिसाइल क्षमताओं को निशाना बनाया गया।
ट्रंप के अनुसार, 11 घंटे की बातचीत के बाद ईरान ने एक 'पक्की डील' तोड़ दी और बदलाव की माँग की।
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20% तेल गुज़रता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर असर की आशंका है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 14 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ लगातार तीसरी रात सैन्य हमले शुरू किए हैं। यह कार्रवाई उस समय हुई जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कर लेगा — एक ऐसा कदम जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए दूरगामी परिणाम रख सकता है।

हमलों का ताज़ा घटनाक्रम

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'आज शाम 4:45 बजे अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कमांडर इन चीफ के निर्देश पर ईरान के खिलाफ लगातार तीसरी रात हमले शुरू किए।' एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, इस दौर में ईरान के तटीय निगरानी तंत्र (कोस्टल सर्विलांस सिस्टम), ड्रोन और मिसाइल क्षमताओं सहित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

ट्रंप की चेतावनी और होर्मुज पर दावा

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में कहा, 'हम आज रात उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे और कल भी हम उन पर जोरदार हमला करेंगे।' इसके अलावा, फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, 'हम स्ट्रेट पर कब्जा कर रहे हैं। उनके पास कुछ भी नहीं है।' ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की अधिकांश वायु-रक्षा प्रणालियाँ और एंटी-एयरक्राफ्ट तोपें पिछली रात के हमलों में नष्ट हो चुकी हैं।

टूटी हुई डील का आरोप

राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि वाशिंगटन और तेहरान एक समझौते के करीब पहुँच गए थे, जिसे उन्होंने 'पक्की डील' करार दिया। उनके अनुसार, ईरानी वार्ताकारों ने 11 घंटे की बातचीत में शुरुआत में सभी शर्तें मान ली थीं, लेकिन बाद में बदलाव की माँग करते हुए पीछे हट गए। ट्रंप ने कहा, 'कोई नहीं जानता, लेकिन हमारे बीच एक डील हुई थी। यह एक पक्की डील थी और फिर उन्होंने इसे तोड़ दिया।' उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पर सैन्य समझौता तोड़ने और होर्मुज जलडमरूमध्य में ड्रोन गतिविधि जारी रखने का आरोप है।

होर्मुज का रणनीतिक महत्व

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20% तेल और बड़ी मात्रा में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) गुज़रती है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पहले से ही अस्थिर हैं और किसी भी बाधा का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। यह संघर्ष ऐसी स्थिति में गहरा हो रहा है जब अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु कूटनीति पहले ही ठप पड़ी है।

आगे क्या होगा

राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि किसी भी नई ईरानी ड्रोन गतिविधि का 'जोरदार जवाब' दिया जाएगा और होर्मुज पर अमेरिकी निगरानी 'हमेशा के लिए' बनाए रखने की बात कही गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और क्षेत्र में आगे की स्थिति पर दुनिया की नज़र टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और किसी एक देश द्वारा इस पर नियंत्रण का दावा वैश्विक ऊर्जा व्यापार की बुनियाद हिला सकता है। 'टूटी हुई डील' का आरोप एकतरफा है और ईरान की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं हुई है — ऐसे में इस संघर्ष की असली कूटनीतिक तस्वीर अभी धुंधली है। मुख्यधारा की कवरेज सैन्य कार्रवाई पर केंद्रित है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या अमेरिका के पास होर्मुज पर दीर्घकालिक नियंत्रण की कानूनी और कूटनीतिक क्षमता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने ईरान पर लगातार तीसरी रात हमला क्यों किया?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह हमले कमांडर इन चीफ के निर्देश पर किए गए। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर एक सहमत सैन्य समझौता तोड़ने और होर्मुज जलडमरूमध्य में ड्रोन गतिविधि जारी रखने का आरोप लगाया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण का क्या मतलब है?
राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जा कर लेगा और हमेशा के लिए इसकी सुरक्षा की निगरानी करेगा। होर्मुज से दुनिया का लगभग 20% तेल और बड़ी मात्रा में LNG गुज़रती है, इसलिए यह कदम वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत संवेदनशील है।
अमेरिका और ईरान के बीच कौन सी डील टूटी?
ट्रंप के अनुसार, दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ था जिसे उन्होंने 'पक्की डील' बताया। ईरानी वार्ताकारों ने 11 घंटे की बातचीत में शुरुआत में सभी शर्तें मान ली थीं, लेकिन बाद में बदलाव की माँग करते हुए पीछे हट गए। ईरान की तरफ से इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
इन हमलों में ईरान के किन ठिकानों को निशाना बनाया गया?
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के तटीय निगरानी तंत्र (कोस्टल सर्विलांस सिस्टम), ड्रोन और मिसाइल क्षमताओं को निशाना बनाया। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की एंटी-एयरक्राफ्ट प्रणालियाँ पिछली रात के हमलों में नष्ट हो चुकी हैं।
इस संघर्ष का भारत और वैश्विक तेल बाज़ार पर क्या असर पड़ सकता है?
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुज़रता है, और भारत अपनी तेल आपूर्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा इसी मार्ग से प्राप्त करता है। किसी भी लंबे समय तक बाधा या संघर्ष के बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और भारत के आयात बिल पर सीधा दबाव पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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